असम बजट 2026: वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ बोले, आवंटित निधियों का 100% उपयोग होगा लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने 25 जून 2026 को गुवाहाटी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्री-बजट परामर्श कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के आगामी बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए सभी आवंटित निधियों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के बजटीय आवंटन का लगभग 90 प्रतिशत पहले ही खर्च किया जा चुका है, जो सरकार की बेहतर कार्यान्वयन क्षमता का प्रमाण है।
बजट का मुख्य लक्ष्य
मल्ला बरुआ ने कहा कि अब सरकार का ध्यान स्वीकृत धनराशि का लगभग 100 प्रतिशत व्यय हासिल करने पर केंद्रित है, ताकि सार्वजनिक व्यय का प्रभाव अधिकतम हो सके। उन्होंने बताया कि बजट तैयार करते समय विभिन्न हितधारकों और समाज के विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि असम की विकास गति को बनाए रखने के लिए वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग एक प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में राज्य के राजकोषीय प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्र
मल्ला बरुआ ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट में बुनियादी ढाँचा, रोजगार सृजन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिरता से समझौता किए बिना प्रमुख बुनियादी ढाँचा एवं कल्याण पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि वह राज्य भर में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए ठोस उपायों की घोषणा करेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
वित्त मंत्री ने सार्वजनिक व्यय में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार के फोकस को दोहराया। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को परियोजनाओं के समय पर निष्पादन और बजटीय आवंटन के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाना है।
बजट सत्र और राजनीतिक पृष्ठभूमि
असम विधानसभा का बजट सत्र 6 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाला है, जिसमें चालू वित्त वर्ष का राज्य बजट प्रस्तुत किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला बजट है। BJP ने राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत का आँकड़ा पार करते हुए 82 सीटें जीतीं, जबकि BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटें हासिल कीं। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह केवल 19 सीटों पर सिमट गई, जो उसका ऐतिहासिक न्यूनतम आँकड़ा बताया जा रहा है।
राजनीतिक बहुमत की इस मजबूत स्थिति के बीच आगामी बजट BJP सरकार की नीतिगत दिशा और विकास एजेंडे का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ माना जा रहा है।