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झारखंड सरकार ने 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, केंद्र पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप

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झारखंड सरकार ने 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, केंद्र पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप

सारांश

झारखंड ने 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो सामाजिक और आर्थिक विकास पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप लगाया, जबकि राज्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्य बातें

बजट का आकार 1,58,560 करोड़ रुपये है।
केंद्र सरकार पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप।
महिलाओं के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान।
राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये है।
राज्य के विकास के लिए कई योजनाएँ प्रस्तुत की गई हैं।

रांची, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड राज्य सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का 'अबुआ दिशोम बजट' प्रस्तुत किया। इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का समावेशी, स्थायी और जनकल्याणकारी विकास पर केंद्रित बजट माना गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के गरीबों के दुखों को मिटाने और हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसे “अबुआ झारखंड” (अपना झारखंड) के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने 1,45,400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था। इस बार बजट का आकार लगभग नौ प्रतिशत बढ़ाया गया है। सरकार ने सामाजिक क्षेत्र, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कर हिस्सेदारी और अनुदान मद में करीब 16,000 करोड़ रुपये की कमी आई है, जिसमें लगभग 5,000 करोड़ रुपये टैक्स शेयर और 11,000 करोड़ रुपये अनुदान शामिल हैं। जीएसटी दर युक्तिकरण से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 4,000 करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। मनरेगा में 60:40 अनुपात लागू होने से राज्य पर 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। कोल कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए। राज्य की अपनी राजस्व आय 2019-20 के 25,521 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 66,700 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। महिला कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बजट में सबसे अधिक प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देने के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सर्वजन पेंशन योजना पर 3,517.23 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं पर 1,463.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग का कुल बजट 22,995.69 करोड़ रुपये रखा गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 7,990.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैंसर उपचार के लिए 200 करोड़ रुपये की विशेष योजना शुरू करने और 750 “अबुआ दवाखाना” खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बिरसा बीज उत्पादन योजना का आवंटन बढ़ाकर 145 करोड़ रुपये किया गया है। मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर 475.50 करोड़ रुपये, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के लिए 75 करोड़ रुपये तथा कृषि यंत्र वितरण के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान है। फसल बीमा योजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण विकास के लिए 12,346.90 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। “अबुआ आवास योजना” के तहत 4,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सखी मंडलों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए “पलाश” ब्रांड पर 66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

शिक्षा क्षेत्र में प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251.43 करोड़ रुपये तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564.45 करोड़ रुपये का प्रावधान है। उत्कृष्ट विद्यालयों और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है। कुल बजट में 1,20,851.90 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 37,708.10 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित हैं। पूंजीगत व्यय में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे सड़क, सिंचाई, बिजली और पेयजल परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत) अनुमानित है, जबकि डेट-जीएसडीपी अनुपात 25.3 प्रतिशत रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार ने राज्य के गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ पेश की हैं। यह बजट विकास की नई दिशा में एक कदम हो सकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड सरकार का बजट कितना है?
झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।
बजट में किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है?
बजट में सामाजिक क्षेत्र, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी गई है।
केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाया गया है?
वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप लगाया है।
महिला कल्याण के लिए बजट में कितना प्रावधान किया गया है?
महिला कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बजट में सबसे अधिक प्रावधान किया गया है।
राजकोषीय घाटा कितना है?
राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत) अनुमानित है।
राष्ट्र प्रेस
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