असम बजट 2026 में बराक घाटी को प्राथमिकता: हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 जुलाई 2026 को घोषणा की कि असम बजट 2026 में बराक घाटी के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है — जिसमें शासन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए ठोस प्रावधान शामिल हैं। सरमा ने स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र अब असम के विकास पथ में पीछे नहीं रहेगा।
बजट में क्या है बराक घाटी के लिए
मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में विस्तार से बताया कि बजट 2026 का उद्देश्य बराक घाटी की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसके तहत चिकित्सा बुनियादी ढाँचे का विस्तार, परिवहन एवं संचार नेटवर्क में सुधार, और शैक्षिक संस्थानों को सुदृढ़ करना प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। सरमा के अनुसार, वितरण उत्पादन से नहीं, बल्कि क्षेत्र की अपार क्षमता को उजागर करने से जुड़ा होगा।
एक दशक की प्राथमिकता का दावा
सरमा ने कहा कि पिछले एक दशक में उन्होंने बराक घाटी के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 'विकसित असम' के निर्माण के उनके दृष्टिकोण में संतुलित क्षेत्रीय विकास केंद्रबिंदु है। गौरतलब है कि बराक घाटी लंबे समय से ब्रह्मपुत्र घाटी की तुलना में विकास के मामले में पिछड़ी मानी जाती रही है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र के लिए समान अवसर और न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उद्देश्य पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह बयान बजट सत्र के दौरान घोषित विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन से ठीक पहले आया है।
आम जनता पर असर
बराक घाटी के निवासियों के लिए यह बजट कई मोर्चों पर राहत लेकर आ सकता है — बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और आवाजाही सुगम होगी, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा पहुँच बढ़ेगी। शिक्षा क्षेत्र में निवेश से युवाओं के लिए अवसर खुलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
बजट सत्र में घोषित परियोजनाओं का क्रियान्वयन अब केंद्र में होगा। सरकार का कहना है कि समावेशी आर्थिक विकास हासिल करने के लिए संतुलित क्षेत्रीय विकास आवश्यक है, ताकि राज्य के सभी हिस्सों को असम की विकास पहलों से समान रूप से लाभ मिले। आने वाले महीनों में परियोजनाओं की प्रगति ही इन दावों की असली परीक्षा होगी।