विश्व युवा कौशल दिवस: असम के 1,700 से अधिक स्कूलों में स्किल एजुकेशन, CM हिमंता ने गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 जुलाई 2026 को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर कहा कि कुशल और सशक्त युवा शक्ति ही 'विकसित असम' और 'विकसित भारत' की बुनियाद है। उन्होंने गुवाहाटी से जारी अपने बयान में राज्य में कौशल शिक्षा के विस्तार और उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मज़बूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'विश्व युवा कौशल दिवस पर, हम असम के उन युवाओं की सराहना करते हैं जो अपनी महत्वाकांक्षाओं को कामयाबी में बदल रहे हैं और राज्य की तरक्की की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं।' उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार ने एक सुदृढ़ इकोसिस्टम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि युवा तेज़ी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकें।
स्किल इकोसिस्टम की मुख्य पहलें
मुख्यमंत्री के अनुसार, असम के 1,700 से अधिक स्कूलों में स्किल एजुकेशन की शुरुआत की जा चुकी है। इसके साथ ही, रोज़गार क्षमता बढ़ाने और शिक्षा व नौकरी बाज़ार की ज़रूरतों के बीच की खाई पाटने के लिए इंडस्ट्री से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। सरमा ने कहा, '1,700 से ज़्यादा स्कूलों में स्किल एजुकेशन, इंडस्ट्री से जुड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम और असम स्किल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के ज़रिए, असम एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहा है जो युवाओं को बदलती दुनिया में सफल होने के लिए ज़रूरी जानकारी और हुनर से लैस करता है।'
असम स्किल यूनिवर्सिटी की भूमिका
मुख्यमंत्री ने असम स्किल यूनिवर्सिटी और अन्य कौशल विकास संस्थानों की भूमिका को रेखांकित किया, जो विभिन्न क्षेत्रों में उभरते अवसरों के लिए राज्य के युवाओं को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट में निवेश राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है, क्योंकि लक्ष्य एक ऐसा भविष्य-तैयार कार्यबल बनाना है जो आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार में सक्रिय योगदान दे सके।
व्यापक रणनीति और हालिया पहलें
हाल के वर्षों में असम ने वोकेशनल एजुकेशन, उद्यमिता और इंडस्ट्री पार्टनरशिप पर विशेष ध्यान देते हुए युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित करने की कोशिश की है। कई सरकारी पहलों का उद्देश्य स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को उभरते उद्योगों की माँग के अनुरूप ढालना भी रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में युवा बेरोज़गारी और कौशल अंतराल को लेकर नीतिगत बहस तेज़ है।
विश्व युवा कौशल दिवस का महत्व
प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व युवा कौशल दिवस, रोज़गार, सम्मानजनक कार्य और टिकाऊ विकास के लिए युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमशीलता के कौशल से सशक्त बनाने के महत्व को वैश्विक स्तर पर मान्यता देता है। असम सरकार की इन पहलों को इसी व्यापक लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है।