असम की शिक्षा योजनाओं से 36 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित, 4,523 स्कूल शामिल: सीएम हिमंता सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि राज्य सरकार की शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ अब 36 लाख से अधिक छात्रों तक पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ घटा है और अधिक बच्चे अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ा पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री का बयान और आँकड़े
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारी अनेक पहलें असम के 36 लाख से अधिक छात्रों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हमारे सभी प्रयास परिवारों का बोझ कम कर रहे हैं, ताकि हर बच्चा अपने सपनों को पूरा कर सके।'
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार के शिक्षा मिशन के अंतर्गत अब तक 4,523 स्कूलों को इन योजनाओं से जोड़ा जा चुका है, जो दर्शाता है कि यह अभियान असम के व्यापक भूभाग को कवर कर चुका है।
योजनाओं में क्या शामिल है
पिछले कुछ वर्षों में असम सरकार ने स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें स्कूलों के बुनियादी ढाँचे का विकास, छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, साइकिल और छात्रवृत्ति प्रदान करना प्रमुख है।
इसके अलावा, नामांकन दर बढ़ाने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या घटाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने शिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने और तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं।
ग्रामीण और कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन योजनाओं का विशेष फोकस ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों तक समान रूप से शिक्षा पहुँचाने पर है। शिक्षण की गुणवत्ता और विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य स्कूल नामांकन और ठहराव दर को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि असम सरकार ने लगातार आने वाले बजटों में शिक्षा के लिए आवंटन बढ़ाया है।
बजट और दीर्घकालिक प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सरमा कई अवसरों पर कह चुके हैं कि शिक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। राज्य के बजटों में डिजिटल लर्निंग सुविधाओं के विस्तार और छात्र कल्याण योजनाओं के लिए आवंटन लगातार बढ़ाया गया है।
सरकार का दावा है कि इन प्रयासों के फलस्वरूप स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। आने वाले समय में और अधिक स्कूलों को इस मिशन से जोड़ने और डिजिटल शिक्षा का दायरा बढ़ाने की योजना है।