असम के 40,000 से अधिक स्कूलों में 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' लागू, सीएम हिमंता का बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' (OVEP) को 40,000 से अधिक स्कूलों में लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों में अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अनुशासन, टीमवर्क और जीवन कौशल विकसित करना है। यह पहल असम के सभी 35 जिलों में एक साथ शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री का संदेश और पहल का स्वरूप
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा, हम अपने छात्रों में अनुशासन और टीमवर्क को बढ़ावा देने को प्राथमिकता देते हैं। OVEP के जरिए हम असम के 40,000 से ज़्यादा स्कूलों तक ये सीख पहुँचा रहे हैं और ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो क्लासरूम के अंदर और बाहर, दोनों जगह कामयाबी हासिल करने के लिए तैयार हो।'
यह कार्यक्रम इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा वैश्विक स्तर पर प्रवर्तित एक शैक्षिक ढाँचे पर आधारित है, जो खेल और शिक्षा के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने का साधन है।
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य
OVEP के तहत उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान, दृढ़ता और टीमवर्क जैसे ओलंपिक आदर्शों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। यह पहल मुख्यतः चार क्षेत्रों पर केंद्रित है — स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहन, अकादमिक एकाग्रता में सुधार, सामाजिक समावेश और व्यक्तिगत जीवन कौशल का विकास।
इसके अतिरिक्त, शिक्षकों को विशेष शैक्षणिक टूल और पद्धतियाँ प्रदान की जाएंगी, जिससे वे मूल्य-आधारित शिक्षा को कक्षा की दैनिक गतिविधियों में सहजता से शामिल कर सकें।
समग्र शिक्षा विजन से जुड़ाव
यह कार्यक्रम असम सरकार के समग्र शिक्षा के व्यापक विजन का अभिन्न हिस्सा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूली शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत मूल्य-आधारित और कौशल-केंद्रित शिक्षा पर ज़ोर बढ़ रहा है। असम इस दिशा में OVEP को एक व्यावहारिक उपकरण के रूप में अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इन ओलंपिक मूल्यों से परिचित होने पर छात्रों में नेतृत्व के गुण और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित होगी, जो उन्हें भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगी।
आगे की राह
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस पहल के बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन से असम के स्कूलों में सकारात्मक सीखने का माहौल बनेगा और छात्रों में शारीरिक सक्रियता, सामाजिक एकजुटता तथा व्यक्तिगत विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम असम की उस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसके तहत शिक्षा को केवल अंकों तक सीमित न रखकर चरित्र निर्माण और जीवन कौशल से जोड़ा जा रहा है।