21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम में खेल क्रांति: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का संकल्प दोहराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम में खेल क्रांति: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का संकल्प दोहराया

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 21 अगस्त को साफ़ कहा — सरकार का लक्ष्य सिर्फ मेडल नहीं, एक टिकाऊ खेल संस्कृति है। विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और हर युवा तक सुविधाएँ पहुँचाने की यह प्रतिबद्धता असम को पूर्वोत्तर भारत का खेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 21 अगस्त 2026 को खेल बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
सरकार का लक्ष्य केवल पदक विजेता तैयार करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक खेल संस्कृति स्थापित करना है।
असम में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी है और सुविधाएँ सभी छात्रों तक पहुँचाने की योजना है।
सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा — 'हर चैंपियन के पीछे एक ऐसी प्रणाली होती है जो उस पर विश्वास रखती है।' सरकार एक बहु-स्तरीय सपोर्ट प्रणाली बनाने पर काम कर रही है जो एथलीटों को करियर के हर चरण में सहायता दे।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 21 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और युवा एथलीटों को विश्वस्तरीय अवसर देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पदक विजेता तैयार करना नहीं, बल्कि एक ऐसी दीर्घकालिक खेल संस्कृति की नींव रखना है जो आने वाली पीढ़ियों के जीवन को समृद्ध बनाए।

मुख्यमंत्री का संदेश: चैंपियन के पीछे की प्रणाली

मुख्यमंत्री सरमा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि हर सफल एथलीट के पीछे एक सुदृढ़ प्रणाली होती है जो उस पर विश्वास रखती है और उसकी क्षमता को निखारती है। उन्होंने संस्थागत सपोर्ट सिस्टम को रेखांकित करते हुए कहा कि बिना एक भरोसेमंद तंत्र के कोई भी प्रतिभा अपनी पूरी संभावना तक नहीं पहुँच सकती।

सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान अब सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है — असल लक्ष्य एक ऐसी खेल संस्कृति बनाना है जहाँ खेल युवाओं के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाए।

बुनियादी ढाँचे में निवेश और सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री के अनुसार, असम सरकार इस समय विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है ताकि एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम तैयार हो सके। सरकार का इरादा है कि खेल सुविधाएँ केवल चुनिंदा केंद्रों तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य के सभी छात्रों और युवा एथलीटों तक पहुँचें।

सरमा ने कहा कि युवाओं को एक ऐसा वातावरण देना आवश्यक है जहाँ उनकी प्रतिभा की पहचान हो और उसे पोषित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एक बहु-स्तरीय सपोर्ट प्रणाली बनाने की दिशा में काम कर रही है जो एथलीटों को उनके करियर के विभिन्न चरणों में सहायता प्रदान करे।

असम को खेल का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सरमा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम को खेल के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए नए-नए अवसर सृजित कर रही है।

सरमा ने कहा कि एथलीटों की उपलब्धियाँ आने वाले दिनों में अनगिनत युवाओं को प्रेरित करने का काम करेंगी, जिससे युवा पीढ़ी खेल को एक पेशेवर और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में देख सके।

युवा विकास और खेल संस्कृति का समग्र दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल बुनियादी ढाँचे में निवेश का सीधा असर एथलीटों की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में पड़ेगा। एक मज़बूत खेल संस्कृति प्रतिभा की सीमाओं से परे जाकर समाज पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकती है।

राज्य सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य यही है कि असम का हर प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपनी क्षमता का पूरा एहसास कर सके और आने वाली पीढ़ी खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दृष्टिकोण को नीतिगत धरातल पर उतारा जाए तो असम पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा खेल केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। पूर्वोत्तर भारत में खेल बुनियादी ढाँचे की ऐतिहासिक कमी को देखते हुए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट कितना है और इसकी समयसीमा क्या है। 'खेल संस्कृति' का निर्माण तभी संभव है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक सुविधाएँ वास्तव में पहुँचें — न कि केवल गुवाहाटी जैसे शहरी केंद्रों तक। बिना पारदर्शी जवाबदेही ढाँचे के, ये वक्तव्य अच्छे इरादों की लंबी सूची में एक और इजाफा बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम सरकार खेल बुनियादी ढाँचे के लिए क्या कर रही है?
असम सरकार विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है और राज्य के सभी छात्रों तक खेल सुविधाएँ पहुँचाने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, इसका उद्देश्य एक बहु-स्तरीय सपोर्ट प्रणाली बनाना है जो एथलीटों को करियर के हर चरण में सहायता दे।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने खेल को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने 21 अगस्त 2026 को कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ चैंपियन तैयार करना नहीं, बल्कि एक ऐसी खेल संस्कृति स्थापित करना है जहाँ खेल युवाओं के जीवन का अहम हिस्सा बने। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर यह भी कहा कि हर सफल एथलीट के पीछे एक ऐसी प्रणाली होती है जो उस पर विश्वास रखती है।
असम को खेल के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाने की क्या योजना है?
असम सरकार राज्य को खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत प्रतिभाशाली युवा एथलीटों के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं और खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
युवा एथलीटों को असम सरकार से क्या फायदा होगा?
युवा एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएँ, संस्थागत सपोर्ट और करियर के विभिन्न चरणों में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और खेल को एक पेशेवर करियर विकल्प के रूप में अपना सके।
CM सरमा की खेल नीति पर विशेषज्ञों की क्या राय है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दृष्टिकोण को नीतिगत धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारा जाए तो असम पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा खेल केंद्र बन सकता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक सुविधाएँ वास्तव में पहुँचाने के लिए पारदर्शी जवाबदेही ढाँचा ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले