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असम में उच्च शिक्षा: CM हिमंत सरमा की निजुत मोइना-निजुत बाबू योजनाओं से गरीब छात्रों को राहत

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असम में उच्च शिक्षा: CM हिमंत सरमा की निजुत मोइना-निजुत बाबू योजनाओं से गरीब छात्रों को राहत

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का दावा — निजुत मोइना और निजुत बाबू योजनाओं के ज़रिए अब आर्थिक तंगी उच्च शिक्षा की राह में रोड़ा नहीं बनेगी। शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए नए दिशा-निर्देश जारी, DBT से सीधे छात्रों के खाते में पहुँचेगी राशि।

मुख्य बातें

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 24 अगस्त 2026 को एक्स पोस्ट के ज़रिए कहा कि असम में कोई भी अभिभावक बच्चों की उच्च शिक्षा को लेकर चिंतित न हो।
निजुत मोइना आसोनी योजना छात्राओं को उच्च माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर वित्तीय सहायता देती है, ताकि ड्रॉपआउट दर घटे।
निजुत बाबू आसोनी योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर पुरुष छात्रों को स्नातक व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में DBT के ज़रिए सहायता देती है।
दोनों योजनाओं का लक्ष्य असम के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में सुधार और प्रवेश-स्तर ड्रॉपआउट कम करना है।
उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए दोनों योजनाओं के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 24 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएँ — निजुत मोइना आसोनी और निजुत बाबू आसोनी — यह सुनिश्चित कर रही हैं कि असम का कोई भी युवा आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अभिभावकों को आश्वस्त किया कि उनके बच्चों की उच्च शिक्षा की चिंता अब राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'असम में किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने की चिंता नहीं होनी चाहिए। निजुत मोइना और निजुत बाबू योजनाएँ यह सुनिश्चित कर रही हैं कि लड़के और लड़कियाँ आर्थिक परेशानियों के कारण अपने सपनों से समझौता न करें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में उच्च शिक्षा के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।

निजुत मोइना आसोनी योजना: लड़कियों के लिए शिक्षा का सेतु

असम सरकार ने मुख्यमंत्री निजुत मोइना आसोनी योजना की शुरुआत छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर को कम करने के उद्देश्य से की थी। इस योजना के तहत उच्च माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर अध्ययनरत पात्र छात्राओं को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। बाद में सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाया, ताकि शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

निजुत बाबू आसोनी योजना: आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों का सहारा

निजुत बाबू आसोनी योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के पुरुष छात्रों को वित्तीय सहायता देने के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत सरकारी और प्रांतीयकृत शैक्षणिक संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले पात्र छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में प्रवेश-स्तर के ड्रॉपआउट को कम करना और असम के GER में सुधार लाना है।

आम जनता पर असर

दोनों योजनाएँ मिलकर शिक्षा सहायता में लैंगिक संतुलन को बढ़ावा देती हैं — एक ओर छात्राओं को, दूसरी ओर आर्थिक रूप से वंचित छात्रों को लक्षित करते हुए। गौरतलब है कि ये योजनाएँ असम सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य स्कूल के बाद उच्च शिक्षा में छात्रों की निरंतरता सुनिश्चित करना है।

शैक्षणिक सत्र 2026 के नए दिशा-निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए निजुत मोइना और निजुत बाबू — दोनों योजनाओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। आने वाले सत्रों में इन योजनाओं के विस्तार और लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी योजनाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन है — विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जहाँ बैंकिंग पहुँच और DBT प्रक्रिया अभी भी चुनौतीपूर्ण है। असम का GER राष्ट्रीय औसत से पीछे रहा है, और छात्रवृत्ति योजनाएँ तभी प्रभावी होती हैं जब नामांकन से लेकर संवितरण तक की पूरी श्रृंखला निर्बाध हो। लैंगिक संतुलन की दिशा में दोनों योजनाओं का समानांतर संचालन सकारात्मक कदम है, परंतु लाभार्थियों की वास्तविक संख्या और व्यय के स्वतंत्र आँकड़े सार्वजनिक नहीं होने से पारदर्शिता पर सवाल बने रहते हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निजुत मोइना आसोनी योजना क्या है?
यह असम सरकार की छात्रवृत्ति योजना है, जो उच्च माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर अध्ययनरत पात्र छात्राओं को वित्तीय सहायता देती है। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूटने की दर को कम करना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
निजुत बाबू आसोनी योजना किसके लिए है?
यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के पुरुष छात्रों के लिए है, जो सरकारी या प्रांतीयकृत संस्थानों में स्नातक या स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष में पढ़ रहे हैं। पात्र छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए सीधे बैंक खाते में राशि मिलती है।
शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए इन योजनाओं में क्या नया है?
असम के उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए निजुत मोइना और निजुत बाबू — दोनों योजनाओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इन योजनाओं के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने 24 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि असम में किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के खर्च की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निजुत मोइना और निजुत बाबू योजनाएँ यह सुनिश्चित कर रही हैं कि छात्र आर्थिक परेशानियों के कारण अपने सपनों से समझौता न करें।
इन योजनाओं से असम की उच्च शिक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
इन योजनाओं का लक्ष्य असम के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में सुधार करना और प्रवेश-स्तर पर ड्रॉपआउट दर को कम करना है। लड़कों और लड़कियों दोनों को एक साथ लक्षित करके सरकार शिक्षा सहायता में लैंगिक संतुलन स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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