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हिमंत बिस्वा सरमा की छात्रों को नसीहत: 'शोर-शराबे से करियर नहीं बनता, पढ़ाई पर ध्यान दो'

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हिमंत बिस्वा सरमा की छात्रों को नसीहत: 'शोर-शराबे से करियर नहीं बनता, पढ़ाई पर ध्यान दो'

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में छात्रों को दो-टूक कहा — 'शोर-शराबे और अशांति' से करियर नहीं बनता। उनका संदेश साफ़ था: स्कूल-कॉलेज के साल एक बार मिलते हैं, और शिक्षा ही — खासकर कमज़ोर तबकों के लिए — सफलता का एकमात्र स्थायी रास्ता है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में एक सरकारी कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि 'शोर-शराबे और अशांति' से कोई सार्थक करियर नहीं बनता।
सरमा ने स्कूल और कॉलेज के वर्षों को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और अपरिवर्तनीय चरण बताया।
मध्यम-वर्गीय, निम्न-मध्यम-वर्गीय और गरीब परिवारों के लिए शिक्षा को बेहतर भविष्य का सबसे मज़बूत आधार बताया।
उन्होंने जोर दिया कि ज्ञान और निरंतर शैक्षणिक प्रयास का कोई विकल्प नहीं है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया — पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखें और 'शोर-शराबे तथा अशांति' से दूर रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक उन्नति का सबसे शक्तिशाली माध्यम है, और किसी भी विकल्प से यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री का संदेश

सरमा ने छात्रों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि 'शोर-शराबा और अशांति' हो सकती है, लेकिन इससे कोई सार्थक करियर नहीं बनता। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि उनके आस-पास ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं जो उनका ध्यान भटका सकती हैं, लेकिन जो इन विकर्षणों से बचकर सीखने में जुटे रहेंगे, उन्हें बाद में पछताना नहीं पड़ेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा, 'अगर किसी को लगता है कि शिक्षा का कोई विकल्प है, तो वे गलत हैं।' ज्ञान और निरंतर शैक्षणिक प्रयास को उन्होंने सफलता की अनिवार्य शर्त बताया।

शैक्षणिक वर्षों का महत्त्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल और कॉलेज के साल जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और एकमात्र ऐसा चरण हैं जो कभी वापस नहीं आते। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएँ, क्योंकि जीवन में बाद में मिलने वाले मौके केवल उन्हीं के काम आते हैं जिनके पास ज्ञान और हुनर होता है।

आम जनता पर असर

सरमा ने विशेष रूप से मध्यम-वर्गीय, निम्न-मध्यम-वर्गीय और गरीब परिवारों का उल्लेख किया, यह रेखांकित करते हुए कि इन तबकों के लिए शिक्षा ही बेहतर भविष्य का सबसे मज़बूत आधार है। उनके अनुसार, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए शिक्षा उम्मीद, अवसर और दीर्घकालिक सफलता के द्वार खोलती है।

अनुशासन और लगन पर बल

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने अनुशासन और समर्पण को सफल शैक्षणिक यात्रा की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों को पूरे मन से सीखने पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे मुद्दों में उलझने से बचना चाहिए जो उनकी पढ़ाई को पटरी से उतार सकते हैं। आने वाले समय में असम सरकार की शैक्षणिक नीतियों की दिशा इस बात से तय होगी कि इस संदेश को ज़मीनी स्तर पर कितनी गंभीरता से लागू किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संदर्भ में भी पढ़ा जाना चाहिए। शिक्षा को सामाजिक गतिशीलता का साधन बताना सराहनीय है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या छात्रों की राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी को 'विकर्षण' कहना उचित है। असम में शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे और रोज़गार के आँकड़े यह तय करेंगे कि यह नसीहत प्रेरणादायक भाषण बनकर रहती है या नीतिगत बदलाव में तब्दील होती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों को क्या सलाह दी?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में छात्रों से कहा कि वे 'शोर-शराबे और अशांति' से दूर रहें और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का एकमात्र स्थायी रास्ता है और इसका कोई विकल्प नहीं है।
'शोर-शराबे और अशांति' से सरमा का क्या आशय था?
सरमा ने ऐसी घटनाओं और मुद्दों की ओर इशारा किया जो छात्रों का ध्यान उनकी शैक्षणिक यात्रा से भटका सकती हैं। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि इन विकर्षणों में उलझने से करियर नहीं बनता।
सरमा ने किन परिवारों के लिए शिक्षा को सबसे ज़रूरी बताया?
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मध्यम-वर्गीय, निम्न-मध्यम-वर्गीय और गरीब परिवारों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन तबकों के लिए शिक्षा बेहतर भविष्य का सबसे मज़बूत आधार है।
यह कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह सरकारी कार्यक्रम 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी, असम में आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों को संबोधित किया।
सरमा ने स्कूल-कॉलेज के वर्षों को इतना महत्वपूर्ण क्यों बताया?
सरमा ने कहा कि स्कूल और कॉलेज के साल जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर हैं जो कभी वापस नहीं आते। उन्होंने कहा कि जो इनका भरपूर लाभ उठाएंगे, उन्हें बाद में पछताना नहीं पड़ेगा, क्योंकि भविष्य के अवसर केवल ज्ञान और हुनर वालों के काम आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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