सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन एनर्जी में बनाएं करियर — असम CM हिमंत बिस्वा सरमा की 12वीं पास युवाओं को सलाह
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 जून 2026 को राज्य के छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से आग्रह किया कि वे सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों को ध्यान में रखकर अपने करियर की दिशा तय करें। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक संदेश में उन्होंने हाल ही में घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों का संदर्भ देते हुए युवाओं को बदलते आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप तैयार रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री का संदेश
सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अगर आपके 12वीं के नतीजे आ गए हैं और आप अपने करियर की अगली दिशा तय कर रहे हैं, तो उन क्षेत्रों पर ध्यान दें जो आने वाले समय में असम के रोजगार बाजार को आकार देंगे। अवसरों की कोई कमी नहीं होगी, बस खुद को उनके लिए तैयार रखें।' उनके साथ 'असम के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना' शीर्षक वाला एक इन्फोग्राफिक भी था, जिसमें राज्य सरकार द्वारा चिह्नित प्रमुख रोजगार क्षेत्रों का उल्लेख किया गया।
किन क्षेत्रों पर जोर
इन्फोग्राफिक के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग में चिप निर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब जगीरोड (मोरीगांव जिला) में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट स्थापित होने के बाद असम पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख सेमीकंडक्टर निवेश केंद्र बनकर उभरा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को तेजी से विस्तार पाने वाला क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे तकनीक और डेटा आधारित करियर के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रीन एनर्जी — जिसमें सौर ऊर्जा, जलविद्युत और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं — को भी रोजगार की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया। इसके अलावा आधुनिक उत्पादन तकनीक और कुशल औद्योगिक कार्य पर आधारित एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को भी भविष्य के रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम माना गया है।
असम की औद्योगिक तैयारी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की यह अपील ऐसे समय आई है जब असम सरकार औद्योगीकरण, कौशल विकास और निवेश आकर्षण को प्राथमिकता दे रही है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की इकाई की स्थापना इस दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है, जिसने राज्य को राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मानचित्र पर स्थापित किया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और बुनियादी ढाँचे में हो रहे निवेश से आने वाले वर्षों में असम पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख रोजगार केंद्र बन सकता है।
युवाओं पर असर और आगे की राह
कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद दी गई यह सलाह उन लाखों छात्रों के लिए प्रासंगिक है जो अपने उच्च शिक्षा और करियर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर और एआई जैसे क्षेत्रों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण की माँग बढ़ेगी, जिससे राज्य के तकनीकी संस्थानों पर भी दबाव और अवसर दोनों आएंगे। सरमा की यह पहल राज्य के युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए सचेत और तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।