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असम में ₹80,000 करोड़ का ऊर्जा निवेश, 40,000 नौकरियों का लक्ष्य: मुख्यमंत्री हिमंता सरमा का बड़ा ऐलान

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असम में ₹80,000 करोड़ का ऊर्जा निवेश, 40,000 नौकरियों का लक्ष्य: मुख्यमंत्री हिमंता सरमा का बड़ा ऐलान

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ऊर्जा क्षेत्र में ₹80,000 करोड़ से अधिक निवेश और 40,000 नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा है। सौर, पंप-स्टोरेज और बैटरी परियोजनाओं पर टिकी यह रणनीति असम को पूर्वोत्तर में स्वच्छ ऊर्जा के केंद्र के रूप में स्थापित करने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 सितंबर 2026 को असम के ऊर्जा क्षेत्र में ₹80,000 करोड़ से अधिक निवेश की संभावना जताई।
प्रस्तावित परियोजनाओं में सौर ऊर्जा , पंप-स्टोरेज सिस्टम और बैटरी स्टोरेज शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से लगभग 40,000 रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है, विशेषकर असम के युवाओं के लिए।
सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र असम के आर्थिक विकास का अगला प्रमुख चालक होगा।
यह घोषणा असम को पूर्वोत्तर भारत में स्वच्छ ऊर्जा निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में नई सौर, पंप-स्टोरेज और बैटरी परियोजनाओं के ज़रिये ₹80,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित होने और लगभग 40,000 रोज़गार सृजित होने की संभावना है। गुवाहाटी से जारी यह घोषणा असम के औद्योगिक और हरित-ऊर्जा एजेंडे में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

मुख्य घोषणाएँ और परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'ऊर्जा क्षेत्र असम के विकास के अगले चरण का एक प्रमुख चालक होगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में सौर ऊर्जा उत्पादन, पंप-स्टोरेज सिस्टम और बैटरी स्टोरेज परियोजनाएँ शामिल हैं।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य असम की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप एक मज़बूत बुनियादी ढाँचा तैयार करना है। पंप-स्टोरेज सुविधाएँ बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण की क्षमता बढ़ाएंगी और बिजली ग्रिड की स्थिरता में सुधार करेंगी, जबकि बैटरी परियोजनाएँ नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के विस्तार के साथ बढ़ती माँग को पूरा करेंगी।

रोज़गार सृजन और युवाओं पर प्रभाव

मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इन परियोजनाओं से असम के युवाओं के लिए रोज़गार और आर्थिक अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने निवेश को सीधे रोज़गार सृजन से जोड़ने पर सरकार के फ़ोकस को रेखांकित किया।

आँकड़ों के अनुसार, लगभग 40,000 नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है, जो स्थानीय कार्यबल को सीधा लाभ पहुँचाएगी। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में युवा बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है, इसलिए यह घोषणा विशेष महत्व रखती है।

असम की व्यापक आर्थिक रणनीति

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब असम तेज़ी से औद्योगीकरण की राह पर है और उभरते क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार अपनी व्यापक आर्थिक रणनीति के तहत नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे को प्राथमिकता दे रही है।

₹80,000 करोड़ से अधिक के संभावित निवेश से राज्य के औद्योगिक और बुनियादी ढाँचागत विकास को महत्वपूर्ण गति मिल सकती है। इससे पूर्वोत्तर भारत में स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए असम की स्थिति एक प्रमुख गंतव्य के रूप में मज़बूत होने की उम्मीद है।

स्वच्छ ऊर्जा की तकनीकी अहमियत

सौर परियोजनाएँ असम की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं। पंप-स्टोरेज तकनीक — जिसमें बिजली की अधिकता के समय पानी को ऊँचाई पर पंप कर संग्रहीत किया जाता है और ज़रूरत पर टर्बाइन चलाकर बिजली उत्पादन किया जाता है — ग्रिड संतुलन के लिए एक सिद्ध तकनीक मानी जाती है।

बैटरी स्टोरेज परियोजनाएँ इस पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करेंगी, जिससे असम का ऊर्जा मिश्रण अधिक विविध और टिकाऊ बनेगा। आलोचकों का कहना है कि इन परियोजनाओं की सफलता समय पर भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंज़ूरी और कुशल कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।

आगे का रास्ता

मुख्यमंत्री सरमा ने संकेत दिया कि ऊर्जा क्षेत्र असम के आर्थिक विस्तार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनने के लिए तैयार है। इन परियोजनाओं के विस्तृत क्रियान्वयन कार्यक्रम और निवेशकों के साथ औपचारिक समझौतों की जानकारी आने वाले समय में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह निवेश अनुमान प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि ये आँकड़े घोषणाओं से ज़मीन तक कैसे पहुँचेंगे — पूर्वोत्तर भारत में बड़े निवेश वादे अक्सर भूमि अधिग्रहण विवादों, पर्यावरणीय मंज़ूरियों और कनेक्टिविटी की चुनौतियों में उलझ जाते हैं। 40,000 नौकरियों का लक्ष्य भी तब तक अधूरा है जब तक स्थानीय कौशल विकास के साथ इसका स्पष्ट रोडमैप न हो, क्योंकि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता की माँग पारंपरिक उद्योगों से कहीं अधिक है। असम की यह हरित-ऊर्जा महत्वाकांक्षा राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है, परंतु क्रियान्वयन की विश्वसनीयता साबित करने के लिए सरकार को ठोस समयसीमा और मापनीय मानदंड सार्वजनिक करने होंगे।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के ऊर्जा क्षेत्र में ₹80,000 करोड़ निवेश की घोषणा क्या है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 सितंबर 2026 को घोषणा की कि असम में नई सौर, पंप-स्टोरेज और बैटरी परियोजनाओं के ज़रिये ₹80,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित होने और लगभग 40,000 रोज़गार सृजित होने की संभावना है। यह राज्य के स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के नियोजित विस्तार का हिस्सा है।
असम में किस तरह की ऊर्जा परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं?
प्रस्तावित परियोजनाओं में सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र, पंप-स्टोरेज हाइड्रो सिस्टम और बैटरी स्टोरेज परियोजनाएँ शामिल हैं। ये तीनों मिलकर असम की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और ग्रिड स्थिरता को मज़बूत करेंगी।
इन परियोजनाओं से असम के युवाओं को क्या फ़ायदा होगा?
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इन परियोजनाओं से लगभग 40,000 रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है, जो विशेष रूप से असम की युवा आबादी के लिए नए आर्थिक अवसर खोलेंगे। सरकार का फ़ोकस निवेश को सीधे रोज़गार सृजन से जोड़ने पर है।
पंप-स्टोरेज परियोजनाएँ क्या होती हैं और असम के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
पंप-स्टोरेज एक ऊर्जा भंडारण तकनीक है जिसमें अतिरिक्त बिजली से पानी को ऊँचाई पर पंप किया जाता है और ज़रूरत पर इसे टर्बाइन से गुज़ारकर बिजली बनाई जाती है। असम के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिजली ग्रिड की लचीलता बढ़ाती है और नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करती है।
क्या इन परियोजनाओं की कोई समयसीमा घोषित की गई है?
अभी तक मुख्यमंत्री सरमा की घोषणा में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कोई विशिष्ट समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। विस्तृत कार्यान्वयन कार्यक्रम और निवेशकों के साथ औपचारिक समझौतों की जानकारी आने वाले समय में अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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