असम में अगले 5 वर्षों में 2 लाख युवाओं को रोजगार देगी सरकार: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का विधानसभा में ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 26 मई 2026 को असम विधानसभा में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश करते हुए दावा किया कि आने वाले पाँच वर्षों में राज्य के 2 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पाँच वर्षों में असम का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ₹8.71 लाख करोड़ बढ़ा है, जो राज्य की तेज आर्थिक प्रगति का संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा में एक चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बुनियादी ढाँचे, निवेश और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने रोजगार सृजन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा, 'इस बार फिर, अगले पाँच सालों में दो लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।'
आर्थिक प्रगति के दावे
सरमा के अनुसार पिछले पाँच वर्षों में असम की GDP में ₹8.71 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी अवधि में राज्य में गरीबी दर में उल्लेखनीय कमी आई है और अगले कुछ वर्षों में यह 2 से 3 प्रतिशत और घट जाएगी। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों को इस सुधार का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि इन कदमों ने लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।
कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के शासनकाल पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के दौर में असम के बजट में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी और सरकारी कर्मचारियों को लगभग छह महीने तक वेतन से वंचित रहना पड़ा था। गौरतलब है कि ये आरोप कांग्रेस पर लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
सरमा की इन टिप्पणियों पर विपक्षी खेमे से तीखी प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस विधायकों ने आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन को लेकर सरकार के दावों को सीधे चुनौती दी। आलोचकों का कहना है कि रोजगार के आँकड़ों की स्वतंत्र जाँच आवश्यक है, क्योंकि अतीत में भी ऐसी घोषणाएँ पूरी तरह साकार नहीं हो पाई हैं।
आगे की राह
सत्ताधारी BJP ने दावा किया कि सरमा के नेतृत्व में असम ने बुनियादी ढाँचे, निवेश और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अभूतपूर्व विकास देखा है। यह ऐसे समय में आया है जब 2026 के विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और रोजगार सृजन राज्य में एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन वादों को किस ठोस नीतिगत ढाँचे में बदलती है।