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असम CM हिमंत बिस्वा सरमा की छात्रों को नसीहत: डिग्री के साथ स्किल ज़रूरी, 5 साल में 2 लाख भर्तियाँ

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असम CM हिमंत बिस्वा सरमा की छात्रों को नसीहत: डिग्री के साथ स्किल ज़रूरी, 5 साल में 2 लाख भर्तियाँ

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में छात्रों को दो-टूक संदेश दिया — डिग्री अकेली काफी नहीं, स्किल भी चाहिए। साथ ही अगले पाँच साल में 2 लाख भर्तियों का वादा, 5 लाख बालिकाओं को नीजुत मोइना योजना का लाभ और बाढ़ प्रभावित 793 स्कूलों को ₹15.86 करोड़ की राहत की घोषणा की।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में छात्रों से स्किल-आधारित शिक्षा अपनाने की अपील की।
राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में करीब 2 लाख लोगों की भर्ती करेगी, जिसमें 22 हज़ार लैब टेक्नीशियन, जीएनएम नर्स और एएनएम शामिल।
वर्तमान कार्यकाल में अब तक 1.60 लाख सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी गई।
नीजुत मोइना योजना से इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख बालिकाएँ और नीजुत बाबू योजना से 1.20 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।
बाढ़ प्रभावित 793 स्कूलों को ₹15.86 करोड़ और 21,025 छात्रों को ₹4.26 करोड़ से अधिक की सहायता राशि जारी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया — केवल पारंपरिक डिग्री अब रोज़गार की गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि बदलते जॉब मार्केट में टिके रहने के लिए स्किल-आधारित और विशेषज्ञता वाली शिक्षा अपनाना अनिवार्य हो गया है। उनके अनुसार, आने वाले समय में मेरिट और विशेषज्ञता ही अवसरों की कुंजी होगी।

कार्यक्रम और अपील का संदर्भ

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीजुत मोइना योजना और मुख्यमंत्री नीजुत बाबू योजना के आवेदन फॉर्म वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ किसी एक अतिरिक्त क्षेत्र में विशेष दक्षता अवश्य हासिल करें। सरमा ने कहा, 'आज की दुनिया विशेषज्ञों को महत्व देती है। सिर्फ ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री अब पर्याप्त नहीं है। रोज़गार की संभावनाएँ बढ़ाने के लिए छात्रों को किसी एक क्षेत्र में अतिरिक्त दक्षता विकसित करनी होगी।'

राज्य सरकार की भर्ती योजना

रोज़गार के अवसरों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अगले पाँच वर्षों में करीब 2 लाख लोगों की भर्ती करने जा रही है। इसमें लगभग 22 हज़ार लैब टेक्नीशियन, जीएनएम नर्स और एएनएम शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 1.60 लाख सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी जा चुकी हैं और आगे भी भर्तियाँ बिना भ्रष्टाचार के होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं।

विज्ञान शिक्षा पर चिंता

सरमा ने असम में विज्ञान की पढ़ाई में छात्रों की घटती रुचि पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट का समय जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है और इसे आंदोलन में नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण में लगाना चाहिए।

नीजुत मोइना और नीजुत बाबू योजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई नीजुत मोइना योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख बालिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं नीजुत बाबू योजना के विस्तार के बाद इससे 1.20 लाख छात्र लाभान्वित होंगे। दोनों योजनाओं का उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक प्रतिबद्धता को मज़बूत करना और गंभीरता से पढ़ाई को बढ़ावा देना है।

बाढ़ प्रभावित स्कूलों को राहत

इस अवसर पर सरमा ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों की बाढ़ प्रभावित 793 स्कूलों के लिए डीबीटी के माध्यम से ₹15.86 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राहत कोष से शिवसागर और चराईदेव के 21,025 छात्रों को बाढ़ में नष्ट हुई अध्ययन सामग्री की भरपाई के लिए ₹4.26 करोड़ से अधिक की सहायता राशि दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों को स्थायी नुकसान हुआ है, उन्हें विस्तृत आकलन के बाद अतिरिक्त सहायता दी जाएगी और सरकार छात्रों की पढ़ाई बाधित किए बिना शैक्षणिक ढाँचे को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि असम में स्किल-ट्रेनिंग का बुनियादी ढाँचा उस माँग को पूरा करने के लिए तैयार है या नहीं। 2 लाख भर्तियों का वादा बड़ा है, पर गौरतलब है कि राज्य में सरकारी नौकरियों की माँग और उपलब्ध पदों के बीच की खाई पहले से गहरी रही है। विज्ञान शिक्षा में रुचि की कमी एक संरचनात्मक समस्या है जिसे केवल भाषणों से नहीं, बल्कि शिक्षकों की नियुक्ति, प्रयोगशालाओं और पाठ्यक्रम सुधार से हल किया जा सकता है। बाढ़ राहत की घोषणाएँ तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन असम में बाढ़ की वार्षिक मार को देखते हुए स्थायी शैक्षणिक अवसंरचना की ज़रूरत कहीं अधिक गहरी है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों से स्किल शिक्षा के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में कहा कि केवल ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री अब रोज़गार के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नियमित पढ़ाई के साथ-साथ किसी एक अतिरिक्त क्षेत्र में विशेष दक्षता हासिल करें।
असम सरकार अगले पाँच साल में कितनी भर्तियाँ करेगी?
असम सरकार अगले पाँच वर्षों में करीब 2 लाख लोगों की भर्ती करने की योजना बना रही है। इसमें लगभग 22 हज़ार लैब टेक्नीशियन, जीएनएम नर्स और एएनएम शामिल हैं और सभी भर्तियाँ मेरिट के आधार पर होंगी।
नीजुत मोइना योजना क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
नीजुत मोइना योजना असम सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य बाल विवाह रोकना और बालिकाओं की शैक्षणिक प्रतिबद्धता बढ़ाना है। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना से 5 लाख बालिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
असम के बाढ़ प्रभावित स्कूलों के लिए क्या राहत दी गई?
मुख्यमंत्री सरमा ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों की 793 बाढ़ प्रभावित स्कूलों के लिए डीबीटी के ज़रिए ₹15.86 करोड़ जारी किए। इसके अलावा शिवसागर और चराईदेव के 21,025 छात्रों को अध्ययन सामग्री के लिए ₹4.26 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई।
नीजुत बाबू योजना से कितने छात्रों को लाभ मिलेगा?
नीजुत बाबू योजना के विस्तार के बाद इससे 1.20 लाख छात्र लाभान्वित होंगे। यह योजना छात्रों की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और गंभीरता से पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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