असम में 11 नए मेडिकल कॉलेज, ₹8,233 करोड़ का निवेश — सीएम हिमंता सरमा का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 24 जून को राज्य के स्वास्थ्य ढाँचे में हो रहे व्यापक बदलावों का विवरण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल अस्पताल खड़े करना नहीं, बल्कि गुवाहाटी समेत असम के हर जिले में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ और मेडिकल शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करना है।
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि राज्य में 11 नए मेडिकल कॉलेज परिसरों का निर्माण ₹8,233 करोड़ के निवेश से किया जा रहा है। यह असम के इतिहास में स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार एक सुनियोजित और दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ कुशल स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
11 में से 5 मेडिकल कॉलेज परिसर वर्ष 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है। इनसे जुड़े 6 अस्पताल पहले ही 80 प्रतिशत से अधिक निर्मित हो चुके हैं, जबकि 5 और अस्पतालों का निर्माण कार्य तेज़ गति से जारी है। इसके अतिरिक्त, 4 और परियोजनाएँ योजना में शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में असम मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में तेज़ी से उभरता राज्य बन गया है और एमबीबीएस सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
क्षेत्रीय असमानता दूर करने का लक्ष्य
सरमा के अनुसार, इन नए संस्थानों का उद्देश्य राज्य के दूरदराज़ के जिलों को भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। अब तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए असम के मरीज़ों को अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था — यह स्थिति बदलने की दिशा में यह कदम महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। यह विस्तार गुवाहाटी स्थित एम्स और मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ मिलकर राज्य की तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को और मज़बूत करेगा।
स्वास्थ्य कार्यबल पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार होगी। इससे असम को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
सरकार का मानना है कि ये निवेश केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहेंगे — ये राज्य के दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक विकास में भी भूमिका निभाएंगे। सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ तथा स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर इस बदलाव के दोहरे लाभ होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत के कई राज्य स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं, और असम इस क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है।