24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लावरोव का UN में ऐलान: यूक्रेन से वार्ता के दौरान भी 'विशेष सैन्य अभियान' जारी रहेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लावरोव का UN में ऐलान: यूक्रेन से वार्ता के दौरान भी 'विशेष सैन्य अभियान' जारी रहेगा

सारांश

संयुक्त राष्ट्र मंच से रूस ने साफ कर दिया — वार्ता हाँ, युद्धविराम नहीं। लावरोव का यह बयान पश्चिम की उस उम्मीद पर सीधा पानी फेरता है जो लड़ाई रोककर शांति वार्ता शुरू करना चाहती थी। रूस की शर्त एक ही है: स्थायी और न्यायपूर्ण शांति, अस्थायी रोक नहीं।

मुख्य बातें

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 24 सितंबर 2026 को UN सुरक्षा परिषद में कहा कि वार्ता के दौरान 'विशेष सैन्य अभियान' नहीं रुकेगा।
स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की मॉस्को यात्रा में अमेरिका ने संघर्ष-समाधान में रुचि दोहराई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2025 के एंकरेज शिखर के बाद कहा था — लक्ष्य स्थायी शांति होनी चाहिए, न कि केवल युद्धविराम।
लावरोव ने आरोप लगाया कि यूरोप युद्धविराम की आड़ में कीव के हथियार भंडार दोबारा भरवाना चाहता है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित EU नेताओं की 'यूरोपीय मूल्यों' की दलील को रूस ने सिरे से खारिज किया।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 24 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यूक्रेन-विषयक बैठक में स्पष्ट किया कि मॉस्को किसी भी शांति वार्ता के दौरान अपना 'विशेष सैन्य अभियान' नहीं रोकेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप दोनों युद्धविराम के लिए दबाव बना रहे हैं।

लावरोव का मूल बयान

यूनाइटेड किंगडम स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री लावरोव के बयान की जानकारी साझा की। लावरोव ने कहा कि रूस स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए बातचीत को तैयार है, लेकिन 'पिछले कड़वे अनुभवों' को देखते हुए वार्ता के दौरान सैन्य अभियान किसी भी रूप में नहीं रोका जाएगा।

उनका यह रुख मिन्स्क समझौतों की विफलता की स्मृति की ओर इशारा करता है, जब रूस का आरोप था कि युद्धविराम का उपयोग यूक्रेन ने अपनी सेना को फिर से तैयार करने के लिए किया था।

अमेरिकी मध्यस्थता पर रूस का रुख

लावरोव ने बताया कि स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की हालिया मॉस्को यात्रा के दौरान अमेरिका ने संघर्ष समाधान में अपनी रुचि दोहराई। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी उल्लेख किया, जो अगस्त 2025 में एंकरेज शिखर बैठक के बाद दिया गया था। ट्रंप ने कहा था कि लक्ष्य महज युद्धविराम नहीं, बल्कि रूस और यूक्रेन के बीच एक स्थायी शांति समझौता होना चाहिए जो युद्ध को पूरी तरह समाप्त करे।

रूस ने कहा कि वह ऐसी 'स्थायी और न्यायपूर्ण शांति' के लिए वार्ता के लिए तैयार है।

यूरोप पर लावरोव का तीखा प्रहार

लावरोव ने यूरोप की भूमिका पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यूरोपीय पक्ष चाहता है कि लड़ाई अस्थायी रूप से रुके ताकि कीव सरकार को समय मिले और उसके 'कम हो चुके सैन्य हथियारों और गोला-बारूद के भंडार' को दोबारा भरा जा सके। उनके अनुसार, यह युद्धविराम की माँग असल में यूक्रेन की सैन्य क्षमता बहाल करने की कोशिश है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का नाम लेते हुए लावरोव ने कहा कि यूरोपीय संघ के अधिकारी यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता को 'यूरोपीय मूल्यों की रक्षा' के नाम पर उचित ठहराते हैं। लावरोव ने इस दावे को खारिज करते हुए यूरोपीय संघ पर नस्लवाद और नाजीवाद के महिमामंडन का आरोप लगाया — जो कि रूसी पक्ष का दावा है और जिसे यूक्रेन और पश्चिमी देश सिरे से नकारते हैं।

भू-राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र चल रहा है और कई देश रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह कम-से-कम तीसरा मौका है जब रूस ने युद्धविराम की शर्त के बिना वार्ता की पेशकश दोहराई है, लेकिन अपनी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव किए बिना।

आने वाले दिनों में अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि शांति वार्ता की दिशा में अगला कदम क्या होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मैदान में अपनी बढ़त छोड़ने को नहीं। यह रुख पश्चिम के उस फॉर्मूले को सीधे नकारता है जो 'पहले युद्धविराम, फिर बातचीत' पर टिका है। विरोधाभास यह है कि अमेरिका और रूस दोनों 'स्थायी शांति' चाहते हैं, लेकिन उस शांति की परिभाषा पर मतभेद बना हुआ है। जब तक युद्धविराम और वार्ता को एक-दूसरे से अलग रखने की यह रूसी शर्त बनी रहेगी, तब तक कोई भी मध्यस्थता सफल होने की संभावना बेहद सीमित रहेगी।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लावरोव ने UN में क्या ऐलान किया?
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 24 सितंबर 2026 को UN सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि रूस यूक्रेन के साथ किसी भी वार्ता के लिए अपना 'विशेष सैन्य अभियान' नहीं रोकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कड़वे अनुभवों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
रूस यूक्रेन से शांति वार्ता के लिए तैयार है या नहीं?
रूस स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए बातचीत को तैयार है, लेकिन उसकी शर्त है कि वार्ता के दौरान सैन्य अभियान जारी रहेगा। लावरोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया जिसमें स्थायी समझौते को लक्ष्य बताया गया था।
एंकरेज शिखर बैठक क्या थी?
एंकरेज शिखर बैठक अगस्त 2025 में हुई थी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि लक्ष्य सिर्फ युद्धविराम नहीं, बल्कि रूस और यूक्रेन के बीच एक ऐसा स्थायी शांति समझौता होना चाहिए जो युद्ध को पूरी तरह खत्म करे।
लावरोव ने यूरोप पर क्या आरोप लगाए?
लावरोव ने कहा कि यूरोप अस्थायी युद्धविराम इसलिए चाहता है ताकि कीव सरकार के कम हो चुके हथियार और गोला-बारूद के भंडार को दोबारा भरा जा सके। उन्होंने EU नेताओं पर 'यूरोपीय मूल्यों' की आड़ में यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखने का आरोप भी लगाया।
इस बयान का रूस-यूक्रेन शांति प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा?
लावरोव के इस बयान से पश्चिमी देशों की वह उम्मीद कमजोर होती है जो पहले युद्धविराम और फिर बातचीत के फॉर्मूले पर टिकी है। अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में शांति वार्ता की दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले