यूक्रेन-रूस युद्धविराम पर यूएन महासचिव गुटेरेस की अपील, बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस के बीच तत्काल, पूर्ण एवं बिना शर्त युद्धविराम की अपील की है और हाल की कूटनीतिक पहलों से उत्साहित होते हुए उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जल्द फिर से शुरू होगी। यह जानकारी 9 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दी।
गुटेरेस की अपील और उम्मीद
मंगलवार को प्रवक्ता दुजारिक ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी वरिष्ठ दूतों की मॉस्को और कीव यात्राओं सहित कई कूटनीतिक प्रयासों से गुटेरेस उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, "महासचिव को उम्मीद है कि हाल की पहल यूक्रेन और रूस के बीच फिर से बातचीत शुरू करने का रास्ता बनाएगी। इससे तुरंत, पूर्ण और बिना किसी शर्त के युद्धविराम की दिशा में प्रगति हो सकती है, जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्रस्तावों के अनुरूप एक न्यायपूर्ण, व्यापक और स्थायी शांति स्थापित करने में मदद करेगी।"
दुजारिक ने यह भी स्पष्ट किया कि "इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र हर सार्थक प्रयास में सहयोग देने के लिए तैयार है।"
नागरिकों पर हमलों को लेकर गहरी चिंता
गुटेरेस ने यूक्रेन और रूस दोनों में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर जारी हमलों पर गहरी चिंता भी जताई है। उनके प्रवक्ता के अनुसार, महासचिव ने इन हमलों को तत्काल रोकने की माँग की है और दोनों पक्षों से अनुरोध किया है कि वे कूटनीतिक प्रयासों के लिए अनुकूल वातावरण बनाएँ।
यूरोपीय संघ की भूमिका पर सवाल
इस बीच, स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने एक टेलीविज़न साक्षात्कार में कहा कि यूरोपीय संघ (EU) के नेताओं को यूक्रेन संघर्ष के कूटनीतिक समाधान में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया में अब अमेरिका की भूमिका काफी बढ़ गई है, जबकि यूरोप ने यूक्रेन को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी है।
ब्लानार ने खेद जताते हुए कहा, "फिलहाल हमारी स्थिति ऐसी है कि हम बातचीत की मेज पर भी नहीं हैं। हम बस इससे जुड़े सभी खर्च उठा रहे हैं।" यह बयान यूरोप की कूटनीतिक हाशियाबंदी को लेकर बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है।
यूरोपीय सहायता और वी4 समूह में मतभेद
आँकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों ने यूक्रेन को वित्तीय, सैन्य, मानवीय और शरणार्थी सहायता के रूप में 226 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की मदद उपलब्ध कराई है।
गौरतलब है कि वीशेग्राद फोर (V4) समूह — चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया — के भीतर युद्धविराम के तरीके को लेकर मतभेद हैं। ब्लानार ने बताया कि स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो (करीब 104.5 अरब डॉलर) के कर्ज की गारंटी में हिस्सा नहीं लेंगे, जबकि पोलैंड ने इसमें भाग लेने का निर्णय किया है।
इन मतभेदों के बावजूद ब्लानार ने कहा, "भले ही हमारे विचार अलग-अलग हों, फिर भी हम इन मुद्दों पर साथ बैठकर चर्चा करने में सक्षम हैं।" यह टिप्पणी यूरोपीय एकता की सीमाओं और उसकी संभावनाओं दोनों को एक साथ रेखांकित करती है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की अपील और अमेरिकी कूटनीतिक सक्रियता के बीच, आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि क्या बातचीत की मेज पर कोई वास्तविक प्रगति संभव है।