लावरोव की चेतावनी: पश्चिम की रूस-विरोधी साजिशों का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 29 जुलाई को सरकारी समाचार एजेंसी टास को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में पश्चिमी देशों पर रूस को कमज़ोर करने की सुनियोजित साजिश रचने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि मॉस्को इन हर कोशिश का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिमी गठबंधन ने रूस के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है और स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया।
पश्चिम की मंशा पर सीधा हमला
लावरोव ने कहा कि पश्चिम में एक बार फिर ऐसे नारे उभर रहे हैं जिनमें रूस को 'रणनीतिक हार' देने और 'रूस का उपनिवेशवाद खत्म करने' की बात की जा रही है। उनके अनुसार ये शब्द वास्तव में रूस को विखंडित करने की योजना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कूटभाषा है।
उन्होंने कहा, 'हम अच्छी तरह समझते हैं कि पश्चिम क्या योजना बना रहा है, और हर किसी को यह समझना चाहिए ताकि स्थिति की गंभीरता का एहसास हो।' लावरोव ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विशेष सैन्य अभियान शुरू होने के कुछ समय बाद ही स्पष्ट कर दिया था कि 'फरवरी 2022 से पहले जैसी स्थिति में अब वापस लौटना संभव नहीं है।'
यूक्रेन संघर्ष पर रूस का रुख
लावरोव ने कहा कि रूस मोर्चे पर प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है — भले ही उतनी गति से नहीं जितनी वांछित हो — लेकिन अपने सैनिकों की जान की रक्षा करते हुए। उनके अनुसार, यूक्रेन और उसके पश्चिमी समर्थक मैदान में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए नागरिक जीवन को प्रभावित करने वाले हमलों का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वे डोनबास और अन्य मोर्चों पर पीछे हटते हुए खुले तौर पर आतंकवादी गतिविधियों का सहारा ले रहे हैं। लावरोव के अनुसार, पश्चिम इस संघर्ष को 'निर्णायक मोड़' के रूप में इसलिए पेश कर रहा है क्योंकि उसके दिए गए लंबी दूरी के हथियार अपने लक्ष्यों तक पहुँच रहे हैं।
शांति वार्ता पर पश्चिम का 'अल्टीमेटम'
लावरोव ने पश्चिम की प्रस्तावित वार्ता-योजना को एक 'अल्टीमेटम' करार दिया। उनके अनुसार, पश्चिम की योजना है कि पहले युद्धविराम हो, फिर फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में बहुराष्ट्रीय सेनाएँ तैनात की जाएँ, और उसके बाद बातचीत की मेज पर यूरोप, अमेरिका, ज़ेलेंस्की और पुतिन को बैठाया जाए।
लावरोव ने कहा कि इस योजना का अर्थ है मोर्चे की मौजूदा स्थिति को जमा देना, जबकि यूक्रेन की वर्तमान सरकार बनी रहे — जो रूस को स्वीकार्य नहीं है।
रूसी जनता और ऐतिहासिक संदर्भ
लावरोव ने कहा कि उन्हें गर्व है कि रूस की जनता मौजूदा हालात को सही परिप्रेक्ष्य में समझ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमें पूरी तरह से खुद पर भरोसा करना होगा।' उन्होंने इस संघर्ष की तुलना द्वितीय विश्वयुद्ध से करते हुए कहा कि रूस वही काम पूरा कर रहा है जो उसके पूर्वजों ने नाजीवाद को हराकर किया था, और आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों ने उसे फिर से पनपने का अवसर दिया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-पश्चिम तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और यूक्रेन संघर्ष के तीसरे वर्ष में भी कोई राजनयिक समाधान नज़र नहीं आ रहा। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस साक्षात्कार की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की।