एशियन गेम्स 2026 फेंसिंग: भवानी देवी और श्रेया गुप्ता प्री-क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत मेडल से चूका
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में महिला व्यक्तिगत सेबर फेंसिंग स्पर्धा में भारत का अभियान 24 सितंबर को बिना किसी पदक के समाप्त हो गया, जब अनुभवी फेंसर सी. ए. भवानी देवी और श्रेया गुप्ता दोनों ही अपने-अपने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में पराजित होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। आइची-नागोया में खेले गए इस इवेंट में भारतीय चुनौती अंतिम-16 के दौर तक ही सीमित रह गई।
पूल स्टेज से प्री-क्वार्टर तक भवानी का सफर
भवानी देवी ने कठिन पूल स्टेज में मिश्रित प्रदर्शन किया। उन्हें साउथ कोरिया की जियोंगमी किम से 1-5, ईरान की नजमेह साजानजियन से 4-5 और उज्बेकिस्तान की जैनब दायिबेकोवा से 4-5 से शिकस्त मिली। हालाँकि, उन्होंने कजाकिस्तान की आइगेरिम सरीबे को 5-4 और थाईलैंड की अरिसारा सोमफाओ को 5-2 से हराकर अगले दौर में जगह बनाए रखी।
राउंड ऑफ 32 में भवानी ने मंगोलिया की ओलेन तुग्सजार्गल को 15-8 से पराजित कर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। गौरतलब है कि यह जीत उनके अनुभव और तकनीकी कौशल का प्रमाण थी।
चीन की विश्व चैंपियन ने रोकी भवानी की राह
भवानी का सफर चीन की राव ज़ुई के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। राव ज़ुई 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हैं और उन्होंने 15-5 के व्यापक अंतर से जीत दर्ज कर भारतीय खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखाया। यह ऐसे समय में आया है जब भवानी ने दो महीने की प्रतिस्पर्धी विराम के बाद इस साल की एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी की थी।
श्रेया गुप्ता भी पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता से हारीं
श्रेया गुप्ता भी राउंड ऑफ 16 तक पहुँचीं, लेकिन उनका सफर साउथ कोरिया की जियोन हा-यंग ने रोक दिया। जियोन हा-यंग पेरिस ओलंपिक 2024 की रजत पदक विजेता हैं और उन्होंने श्रेया को 15-6 से हराया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों को एशिया की शीर्ष फेंसरों के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
भवानी देवी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
टोक्यो ओलंपिक 2020 में हिस्सा लेने वाली भारत की पहली फेंसर बनकर इतिहास रचने वाली भवानी देवी के लिए यह एशियन गेम्स वापसी का मंच था। उन्होंने करीब दो महीने की प्रतिस्पर्धी विराम के बाद इस वर्ष की एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में लौटी थीं।
भारतीय दल की तैयारी के लिए 1 से 15 सितंबर तक पटियाला के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। इसके बाद भारतीय दल 16 सितंबर को आइची-नागोया के लिए रवाना हुआ था।
चयन प्रक्रिया और आगे की राह
फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सिलेक्शन कमिटी ने इस टीम का चयन एशियाई सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप, वर्ल्ड फेंसिंग चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में किए गए प्रदर्शन के आधार पर किया था। इस बार पदक न मिलने के बावजूद, भारतीय फेंसरों का विश्व-स्तरीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अनुभव भविष्य की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।