24 सितंबर 2026
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बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे सरकारी बैंक, RBI ने दी मंजूरी; 28-30 सितंबर को UFBU की हड़ताल

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बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे सरकारी बैंक, RBI ने दी मंजूरी; 28-30 सितंबर को UFBU की हड़ताल

सारांश

28 से 30 सितंबर की बैंक हड़ताल और सप्ताहांत की छुट्टियों के मेल से पाँच दिन बैंकिंग ठप होने का खतरा था। सरकार ने रविवार को बैंक खुले रखने और PLI योजना स्थगित करने का दाँव खेला — अब सब कुछ यूनियनों के अगले कदम पर निर्भर है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने रविवार, 28 सितंबर 2026 को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और RRB खुले रखने का निर्देश दिया।
RBI ने सभी शाखाओं, ATM-लिंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को उस दिन पूरी तरह संचालित रखने की अनुमति दी।
UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाई है — प्रमुख माँगें: पाँच दिवसीय कार्यसप्ताह और PLI योजना वापसी ।
सरकार ने यूनियनों की एक माँग मानते हुए PLI योजना फिलहाल स्थगित कर दी है।
रविवार बंद रहने पर ग्राहकों को लगातार पाँच दिन बैंकिंग सेवाओं से वंचित होना पड़ता।
सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से हड़ताल वापस लेकर बातचीत के ज़रिए हल निकालने की अपील की है।

वित्त मंत्रालय ने 24 सितंबर 2026 को घोषणा की कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) रविवार, 28 सितंबर को सामान्य रूप से कार्य करेंगे — यह निर्णय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 28 से 30 सितंबर तक बुलाई गई तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से ठीक पहले लिया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सभी बैंक शाखाओं, कार्यालयों, ATM-लिंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को उस दिन पूरी तरह चालू रखने की अनुमति दे दी है।

सरकार का फैसला और पृष्ठभूमि

वित्त मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत की नियमित छुट्टियाँ हैं और उसके बाद 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल प्रस्तावित है। यदि रविवार को भी बैंक बंद रहते, तो ग्राहकों को लगातार पाँच दिनों तक बैंकिंग सेवाओं के अभाव का सामना करना पड़ता। इस जोखिम को देखते हुए सरकार ने नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रविवार को बैंक खुले रखने का सक्रिय निर्णय लिया।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'बैंक ग्राहकों का कल्याण और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' सरकार और बैंक प्रबंधन दोनों ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की है।

हड़ताल की मुख्य माँगें

UFBU तथा कुछ अन्य यूनियनों ने मुख्यतः दो माँगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है — पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को वापस लेना। फिलहाल बैंक कर्मचारियों को महीने में दो शनिवार की छुट्टी मिलती है; यूनियनों की माँग है कि बाकी दो शनिवार को भी अवकाश दिया जाए।

सरकार ने एक माँग स्वीकार की

वित्त मंत्रालय के अनुसार, विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सरकार ने PLI योजना को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है — यह यूनियनों की दो प्रमुख माँगों में से एक है। मंत्रालय ने कहा कि 'यूनियनों की अधिकांश चिंताओं का काफी हद तक समाधान किया जा चुका है' और शेष माँग — पाँच दिवसीय कार्यसप्ताह — पर अभी विचार जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब बैंकिंग क्षेत्र में श्रम-प्रबंधन वार्ता का एक लंबा इतिहास रहा है। गौरतलब है कि UFBU पहले भी इसी तरह की माँगों पर देशव्यापी हड़तालें कर चुका है, और सरकार का PLI स्थगन एक असामान्य रूप से त्वरित रियायत है।

आम जनता पर असर

रविवार को बैंक खुले रहने से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जिन्हें नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस या ऑनलाइन लेनदेन सत्यापन जैसी सेवाओं की तत्काल ज़रूरत है। हालाँकि, यदि हड़ताल वापस नहीं ली गई, तो 28 से 30 सितंबर के बीच बैंकिंग सेवाएँ बाधित रह सकती हैं — जिसका असर व्यापारिक लेनदेन, वेतन प्रसंस्करण और ग्रामीण इलाकों में RRB पर निर्भर किसानों पर भी पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और RRB कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे हड़ताल का रास्ता छोड़कर बातचीत के ज़रिए मुद्दों का समाधान करें। यूनियनों का रुख अभी तक नहीं बदला है, और यह स्पष्ट नहीं है कि PLI स्थगन के बाद हड़ताल टाली जाएगी या नहीं। अगले 48 घंटे निर्णायक होंगे — जब तक सोमवार की सुबह नहीं होती, हड़ताल की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मूल समस्या का समाधान नहीं करता। PLI योजना को 'फिलहाल स्थगित' करना एक आंशिक रियायत है — न कि स्थायी वापसी — और पाँच दिवसीय कार्यसप्ताह की माँग अभी अनुत्तरित है। गौरतलब है कि बैंकिंग यूनियनों और सरकार के बीच यह टकराव नया नहीं है; पिछले एक दशक में कई ऐसी हड़तालें आंशिक समझौते पर समाप्त हुई हैं, लेकिन संरचनात्मक माँगें अनसुलझी रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या PLI स्थगन एक स्थायी नीतिगत बदलाव है या केवल हड़ताल टालने की रणनीति — यह स्पष्टता आने वाले हफ्तों में ही मिलेगी।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28-30 सितंबर की बैंक हड़ताल क्या है?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इसकी मुख्य माँगें हैं — पाँच दिवसीय बैंकिंग कार्यसप्ताह लागू करना और PLI योजना वापस लेना।
रविवार को बैंक क्यों खुले रहेंगे?
26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत की नियमित छुट्टियाँ हैं और उसके बाद 28-30 सितंबर को हड़ताल है। यदि रविवार भी बंद रहता, तो ग्राहकों को लगातार पाँच दिन बैंकिंग सेवाओं के बिना रहना पड़ता, इसलिए सरकार ने RBI की मंजूरी से रविवार को बैंक खुले रखने का निर्देश दिया।
PLI योजना स्थगित करने का क्या मतलब है?
सरकार ने बैंक कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को फिलहाल के लिए लागू नहीं करने का निर्णय लिया है। यह यूनियनों की दो प्रमुख माँगों में से एक थी, लेकिन पाँच दिवसीय कार्यसप्ताह की माँग अभी भी विचाराधीन है।
हड़ताल से आम बैंक ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
यदि हड़ताल वापस नहीं ली गई, तो 28 से 30 सितंबर के बीच नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य काउंटर सेवाएँ बाधित हो सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में RRB पर निर्भर किसान और छोटे व्यापारी विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
क्या हड़ताल टल सकती है?
सरकार ने PLI योजना स्थगित करके और यूनियनों से बातचीत की अपील करके हड़ताल टालने की कोशिश की है। हालाँकि, यूनियनों ने अभी तक हड़ताल वापस लेने की घोषणा नहीं की है और अगले 48 घंटे निर्णायक माने जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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