20 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बैंक हड़ताल 28 सितंबर: वित्त मंत्रालय ने PSB, RRB, IBA और NABARD के साथ बुलाई आपात बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बैंक हड़ताल 28 सितंबर: वित्त मंत्रालय ने PSB, RRB, IBA और NABARD के साथ बुलाई आपात बैठक

सारांश

28 सितंबर से प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पहले वित्त मंत्रालय हरकत में आया है। सप्ताहांत मिलाकर 26-30 सितंबर तक लगातार पाँच दिन बैंकिंग सेवाएँ ठप होने का खतरा है। UFBU की मुख्य माँग पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह है — जिस पर IBA के साथ बातचीत बेनतीजा रही है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने 20 सितंबर 2026 को PSB, RRB, IBA और NABARD के CEOs की आपात बैठक बुलाई।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28-30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
सप्ताहांत ( 26-27 सितंबर ) समेत 26 से 30 सितंबर तक लगातार पाँच दिन शाखा परिचालन प्रभावित हो सकता है।
UFBU की प्रमुख माँग: पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह ; इसके अलावा पेंशन सुधार और OPS विकल्प की भी माँग।
UFBU का दावा — देश के 90% बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
11 सितंबर 2026 की पिछली हड़ताल में MP, UP, गोवा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में व्यवधान की खबरें आई थीं।

वित्त मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 से प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल से पहले सोमवार, 20 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और नाबार्ड (NABARD) के मुख्य कार्यकारियों की आपात बैठक बुलाई है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मकसद हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता और आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा करना है।

बैठक की अहमियत और पृष्ठभूमि

यह बैठक ऐसे नाजुक समय पर बुलाई गई है जब प्रस्तावित हड़ताल बैंकों की छमाही समापन अवधि के साथ टकरा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में मुख्य रूप से हड़ताल के दौरान ग्राहकों को आवश्यक बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराने और व्यवधान को न्यूनतम रखने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है — यह देश के सात प्रमुख बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी यूनियनों का संयुक्त संगठन है। UFBU का दावा है कि वह देश के करीब 90 प्रतिशत बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।

यूनियनों की प्रमुख माँगें

यूनियनों ने कई माँगें रखी हैं, जिनमें पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना सबसे प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा यूनियनें पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देने की भी माँग कर रही हैं।

गौरतलब है कि UFBU ने 26 अगस्त 2026 को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद यूनियन प्रतिनिधियों, IBA और सरकारी अधिकारियों के बीच कई सुलह बैठकें हुईं, परंतु पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।

11 सितंबर की हड़ताल से सबक

यह ऐसे समय में आया है जब UFBU 11 सितंबर 2026 को भी इसी माँग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित कर चुका है। उस हड़ताल के दौरान देश के कई हिस्सों में काउंटर सेवाएँ, नकद लेनदेन और चेक क्लियरेंस प्रभावित हुए थे। मुंबई में परिचालन काफी हद तक सामान्य रहा, लेकिन मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में — विशेषकर छोटे शहरों और कस्बों में — व्यवधान की खबरें सामने आई थीं।

आम जनता पर असर

प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल (28-30 सितंबर) का असर इस बार कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। चूँकि 26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत है, इससे 26 से 30 सितंबर तक लगातार पाँच दिनों तक सामान्य शाखा परिचालन बाधित रह सकता है। चेक प्रोसेसिंग, नकद लेनदेन और शाखाओं पर निर्भर अन्य सेवाओं को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अभी भी भौतिक बैंकिंग पर निर्भर हैं।

आगे क्या होगा

सोमवार की बैठक के बाद सरकार की ओर से किसी आधिकारिक बयान या मध्यस्थता प्रयास की संभावना है। यदि बातचीत से कोई सफलता नहीं मिली, तो 28 सितंबर से शुरू होने वाली यह हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र के लिए इस वर्ष की सबसे लंबी और सबसे व्यापक बाधा साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवारक नहीं — UFBU का नोटिस 26 अगस्त को आया था, और तब से तीन सप्ताह से अधिक समय बीत गए। पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग कोई नई नहीं है; यह वर्षों से IBA के साथ लंबित है, और इसी वजह से 11 सितंबर की हड़ताल भी हुई थी। असली सवाल यह है कि बिना किसी ठोस रियायत के सुलह बैठकें आखिर कितनी बार हो सकती हैं। छमाही समापन अवधि के साथ हड़ताल का टकराना और पाँच दिनों की संभावित बाधा इस बार के दांव को कहीं ऊँचा कर देती है — और सरकार के पास समय तेज़ी से कम हो रहा है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 सितंबर 2026 की बैंक हड़ताल क्यों हो रही है?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28-30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। मुख्य माँग पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना है, जिस पर IBA के साथ बातचीत में कोई सफलता नहीं मिली।
बैंक हड़ताल के दौरान कौन-सी सेवाएँ प्रभावित होंगी?
हड़ताल के दौरान शाखाओं में काउंटर सेवाएँ, नकद लेनदेन और चेक क्लियरेंस प्रभावित हो सकती हैं। हालाँकि ATM, नेट बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाएँ सामान्यतः चालू रहती हैं।
क्या 26 से 30 सितंबर तक लगातार पाँच दिन बैंक बंद रहेंगे?
26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) है और 28-30 सितंबर को हड़ताल प्रस्तावित है। इसलिए लगातार पाँच दिनों तक सामान्य शाखा परिचालन प्रभावित रहने की आशंका है। यह स्थिति छमाही समापन अवधि के कारण और भी चिंताजनक है।
वित्त मंत्रालय ने बैठक क्यों बुलाई और इसमें क्या होगा?
DFS सचिव की अध्यक्षता में यह बैठक हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता और आकस्मिक व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। बैठक में PSB, RRB, IBA और NABARD के मुख्य कार्यकारी शामिल हैं।
UFBU की अन्य प्रमुख माँगें क्या हैं?
पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के अलावा UFBU पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए समान DA फॉर्मूला और NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देने की माँग कर रहा है। UFBU का दावा है कि वह देश के करीब 90% बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले