SBI हड़ताल 25-26 मई: ग्राहक ATM, YONO और UPI का करें उपयोग, शाखाओं में सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
सारांश
मुख्य बातें
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 22 मई 2026 को एक आधिकारिक सलाह जारी कर अपने करोड़ों ग्राहकों से 25 और 26 मई को प्रस्तावित दो दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान डिजिटल बैंकिंग चैनलों का उपयोग करने का आग्रह किया है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा आहूत इस हड़ताल के कारण देशभर में शाखा स्तर की बैंकिंग सेवाएं आंशिक रूप से बाधित हो सकती हैं।
हड़ताल की पृष्ठभूमि
AISBISF ने 25 और 26 मई 2026 को दो दिवसीय हड़ताल की औपचारिक सूचना दी है। यह हड़ताल ऐसे समय में आई है जब देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के कर्मचारी संघ अपनी माँगों को लेकर प्रबंधन पर दबाव बना रहे हैं। हड़ताल में व्यापक भागीदारी की आशंका के मद्देनज़र बैंक ने पहले से ही ग्राहकों को सतर्क करना उचित समझा।
बैंक की सलाह: कौन-से चैनल उपयोग करें
SBI ने अपनी सलाह में ग्राहकों को नकदी संबंधी ज़रूरतों के लिए ATM और स्वचालित जमा एवं निकासी मशीनों (ADWM) का उपयोग करने को कहा है। दैनिक बैंकिंग लेनदेन के लिए बैंक ने इंटरनेट बैंकिंग, YONO ऐप, मोबाइल बैंकिंग, UPI, ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) और अन्य डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन लेनदेन और UPI-आधारित सेवाएं हड़ताल की पूरी अवधि में सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। डिजिटल बैंकिंग तंत्र पर हड़ताल का कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा।
किन सेवाओं पर पड़ सकता है असर
जो ग्राहक नकदी जमा करने, निकालने, पासबुक अपडेट करने या अन्य ऑफलाइन लेनदेन के लिए शाखाओं में जाते हैं, उन्हें 25 और 26 मई के दौरान देरी या व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। बैंक ने कहा है कि शाखाओं में आवश्यक सेवाएं जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल की भागीदारी के आधार पर स्थिति भिन्न हो सकती है।
बैंक का ग्राहकों से आग्रह
SBI ने इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए ग्राहकों की समझ के प्रति आभार जताया। बैंक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए यह जानकारी साझा की। बैंक प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि डिजिटल सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहेंगी और ग्राहकों को किसी भी ज़रूरी काम के लिए डिजिटल विकल्पों की ओर रुख करना चाहिए।
आगे क्या
हड़ताल की सफलता और भागीदारी का स्तर यह तय करेगा कि शाखाओं पर वास्तविक प्रभाव कितना गहरा होगा। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे 24 मई तक ही अपने ज़रूरी बैंकिंग कार्य निपटा लें और हड़ताल के दो दिनों के लिए पर्याप्त नकदी पहले से निकाल लें।