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तमिलनाडु: टैसमैक में ₹500 से अधिक की खरीद पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य होगा

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तमिलनाडु: टैसमैक में ₹500 से अधिक की खरीद पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य होगा

सारांश

तमिलनाडु की सरकारी शराब कंपनी टैसमैक ₹500 से अधिक की खरीद पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य करने जा रही है — एक ऐसे नेटवर्क में जहाँ रोज़ाना ₹150 करोड़ की बिक्री होती है और 80% से अधिक लेन-देन अभी भी नकद में हैं। यह कदम पारदर्शिता, एमआरपी अनुपालन और कर्मचारी सुरक्षा तीनों मोर्चों पर एक साथ काम करेगा।

मुख्य बातें

टैसमैक तमिलनाडु के अपने सभी आउटलेट्स पर ₹500 से अधिक की खरीद के लिए डिजिटल पेमेंट अनिवार्य करने की योजना बना रही है।
कंपनी में प्रतिदिन औसतन लगभग ₹150 करोड़ की बिक्री होती है; वर्तमान में 80% से अधिक लेन-देन नकद में होता है।
2024 में कंप्यूटराइज्ड सिस्टम लागू होने के बावजूद नकद लेन-देन का दबदबा कायम है।
डिजिटल रिकॉर्ड से एमआरपी उल्लंघन , खुल्ले पैसे के विवाद और वित्तीय गड़बड़ियों पर नियंत्रण संभव होगा।
नीति लागू करने से पहले टैसमैक आउटलेट्स पर आवश्यक बुनियादी ढाँचे का आकलन किया जाएगा।

तमिलनाडु की सरकारी शराब बिक्री कंपनी टीएएसएमएसी (टैसमैक) राज्यभर के अपने आउटलेट्स पर ₹500 से अधिक की सभी खरीद के लिए डिजिटल पेमेंट अनिवार्य करने की योजना पर काम कर रही है। इस कदम का मकसद नकद लेन-देन में कटौती, पारदर्शिता में सुधार और वित्तीय गड़बड़ियों पर लगाम लगाना है। प्रस्ताव के अनुसार, ₹500 तक की खरीद के लिए नकद भुगतान जारी रहेगा, जबकि उससे अधिक की राशि पर डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा।

प्रस्तावित व्यवस्था क्या है

उम्मीद है कि टैसमैक जल्द ही रिटेल आउटलेट्स के लिए विस्तृत निर्देश जारी करेगा। ₹500 की नकद सीमा को औपचारिक रूप से लागू करने से पहले कंपनी आउटलेट्स पर मौजूदा बुनियादी ढाँचे का आकलन करेगी। टैसमैक के रिटेल कर्मचारी पहले से ही हैंडहेल्ड डिवाइस का उपयोग करते हैं, जो प्रत्येक बोतल को ग्राहक को सौंपने से पहले स्कैन करते हैं और क्यूआर कोड के ज़रिए डिजिटल पेमेंट को भी सपोर्ट करते हैं।

पृष्ठभूमि: डिजिटलीकरण की कोशिश और नकद का दबदबा

गौरतलब है कि 2024 में टैसमैक ने एक कंप्यूटराइज्ड प्रणाली शुरू की थी, जिसे सप्लाई चेन — यानी शराब निर्माण इकाइयों, वेयरहाउस और रिटेल दुकानों — को डिजिटल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। बावजूद इसके, रिपोर्टों के अनुसार आउटलेट्स पर होने वाली कुल बिक्री में अभी भी 80 प्रतिशत से अधिक लेन-देन नकद में ही होता है। यह ऐसे समय में आया है जब कंपनी डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन ऑर्डरिंग सुविधा भी दे रही है, जहाँ ग्राहक पसंदीदा ब्रांड चुनकर भुगतान कर सकते हैं और कोड के ज़रिए तय आउटलेट से बोतल ले सकते हैं।

नकद संचालन के जोखिम

टैसमैक में प्रतिदिन औसतन लगभग ₹150 करोड़ की बिक्री होती है, और वीकेंड, त्योहारों तथा सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान यह आँकड़ा और भी अधिक हो जाता है। रिटेल आउटलेट्स आमतौर पर दिनभर का संग्रहीत नकद अगले दिन बैंक में जमा करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर नकद संभालने से कर्मचारियों को लूट और चोरी का गंभीर जोखिम रहता है, विशेषकर नकद ले जाते समय।

पारदर्शिता और एमआरपी उल्लंघन पर लगाम

प्रस्तावित डिजिटल पेमेंट व्यवस्था से आउटलेट्स को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा कीमत वसूलने से रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। डिजिटल रिकॉर्ड से प्रत्येक लेन-देन की सटीक राशि की पुष्टि और किसी भी गड़बड़ी का पता लगाना आसान होगा। इसके अलावा, अधिकारियों के अनुसार यह उपाय खुल्ले पैसे न होने को लेकर होने वाले विवादों को भी कम कर सकता है।

क्या होगा आगे

ऑनलाइन ऑर्डरिंग सुविधा के तहत कुछ ग्राहकों ने खरीदारी मिलने में देरी की शिकायतें की हैं। अधिकारियों ने इसके लिए आंशिक रूप से कुछ रिटेल कर्मचारियों की नकद लेन-देन को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति को जिम्मेदार बताया है। नई अनिवार्य डिजिटल पेमेंट नीति लागू होने के बाद इस समस्या के कम होने की संभावना है। टैसमैक के आधिकारिक निर्देश जारी होने का इंतज़ार है, जिसके बाद राज्यभर के आउटलेट्स पर यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की है — 2024 में कंप्यूटराइज्ड सिस्टम लाने के बावजूद 80% नकद लेन-देन बना रहना बताता है कि तकनीकी उपाय अकेले व्यवहार नहीं बदलते। ₹500 की सीमा एक व्यावहारिक कदम है, लेकिन यह उन कर्मचारियों के प्रतिरोध को कम नहीं करेगी जिन्हें नकद लेन-देन में सीधा फायदा दिखता है। साथ ही, ऑनलाइन ऑर्डरिंग में देरी की शिकायतें दिखाती हैं कि ग्राहक अनुभव को बेहतर किए बिना डिजिटल अपनाना अधूरा रहेगा। नीति की सफलता तब मानी जाएगी जब रोज़ाना के ₹150 करोड़ के कारोबार में नकद की हिस्सेदारी ठोस रूप से घटती दिखे।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टैसमैक में ₹500 से अधिक पर डिजिटल पेमेंट का नियम क्या है?
तमिलनाडु की सरकारी शराब बिक्री कंपनी टैसमैक अपने राज्यभर के आउटलेट्स पर ₹500 से अधिक की सभी खरीद के लिए डिजिटल पेमेंट अनिवार्य करने की योजना बना रही है। ₹500 तक की खरीद के लिए नकद भुगतान की अनुमति जारी रहेगी।
यह नियम कब से लागू होगा?
अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार टैसमैक पहले आउटलेट्स पर आवश्यक बुनियादी ढाँचे का आकलन करेगी और उसके बाद विस्तृत निर्देश जारी किए जाएंगे।
यह कदम क्यों उठाया जा रहा है?
अधिकारियों के अनुसार, टैसमैक में रोज़ाना औसतन ₹150 करोड़ का नकद कारोबार होता है, जिससे कर्मचारियों को लूट और चोरी का खतरा रहता है। डिजिटल पेमेंट से पारदर्शिता बढ़ेगी, एमआरपी से अधिक वसूली रोकी जा सकेगी और खुल्ले पैसे को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे।
क्या टैसमैक में डिजिटल पेमेंट की सुविधा पहले से है?
हाँ, टैसमैक के कर्मचारी हैंडहेल्ड डिवाइस का उपयोग करते हैं जो क्यूआर कोड के ज़रिए डिजिटल पेमेंट सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा एक ऑनलाइन ऑर्डरिंग सुविधा भी है जहाँ ग्राहक पहले भुगतान करके कोड से बोतल ले सकते हैं, हालाँकि इसमें देरी की शिकायतें सामने आई हैं।
टैसमैक में अभी कितनी खरीद नकद में होती है?
रिपोर्टों के अनुसार टैसमैक आउटलेट्स पर कुल बिक्री में 80 प्रतिशत से अधिक लेन-देन अभी भी नकद में होता है। यह स्थिति 2024 में कंप्यूटराइज्ड प्रणाली लागू होने के बाद भी बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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