21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टीएएसएमएसी खरीद नीति में बड़ा बदलाव: तमिलनाडु ने सभी शराब निर्माताओं से समान खरीद का आदेश दिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टीएएसएमएसी खरीद नीति में बड़ा बदलाव: तमिलनाडु ने सभी शराब निर्माताओं से समान खरीद का आदेश दिया

सारांश

तमिलनाडु में टीएएसएमएसी ने शराब खरीद की पुरानी 'माँग-आधारित' व्यवस्था को बदलते हुए सभी वैध निर्माताओं से समान खरीद का आदेश दिया है। 4,000 से अधिक दुकानों पर लागू यह नीति पारदर्शिता की दिशा में कदम है, लेकिन कर्मचारियों को लोकप्रिय ब्रांडों की कमी और इन्वेंट्री असंतुलन की चिंता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने टीएएसएमएसी को सभी वैध शराब निर्माताओं से समान मात्रा में खरीद करने का निर्देश दिया।
6 जुलाई 2026 की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया; टीएएसएमएसी राज्य में 4,000 से अधिक दुकानें संचालित करता है।
पहले कुल आपूर्ति का 60–70% केवल कुछ चुनिंदा निर्माताओं से आता था।
प्रीमियम 'एलीट' आउटलेट्स को हर निर्माता के प्रीमियम और मीडियम-ग्रेड उत्पादों का कम से कम एक केस अनिवार्य रूप से रखना होगा।
कर्मचारियों को लोकप्रिय ब्रांडों की कमी और कम बिकने वाले उत्पादों की अधिक इन्वेंट्री की चिंता है।
उपभोक्ताओं ने पुडुचेरी जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध आयातित ब्रांडों को भी शामिल करने की माँग की है।

तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु राज्य मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की शराब खरीद नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए निर्देश दिया है कि निगम अब सभी वैध निर्माताओं से समान अनुपात में शराब खरीदे, न कि कुछ चुनिंदा कंपनियों पर निर्भर रहे। 6 जुलाई 2026 को हुई टीएएसएमएसी बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो राज्य के शराब वितरण तंत्र में पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

टीएएसएमएसी पूरे तमिलनाडु में 4,000 से अधिक शराब की दुकानें संचालित करता है और राज्य में शराब के खुदरा वितरण पर उसका एकाधिकार है। अब तक निगम 11 इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) निर्माताओं और 6 बीयर कंपनियों से खरीद करता था। पहले की व्यवस्था में ग्राहकों की माँग के आधार पर खरीद होती थी, जिसके चलते कुल आपूर्ति का 60 से 70 प्रतिशत केवल कुछ सबसे लोकप्रिय ब्रांडों से आता था।

रिपोर्टों के अनुसार, इन निर्माताओं में से कुछ को बड़ी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग प्रमोट करते हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे हैं।

नई नीति की मुख्य विशेषताएँ

टीएएसएमएसी बोर्ड ने नई संतुलित खरीद रणनीति के तहत सभी वैध निर्माताओं को एकसमान खरीद ऑर्डर जारी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, निगम के प्रीमियम 'एलीट' आउटलेट्स को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक वैध निर्माता के प्रीमियम और मीडियम-ग्रेड उत्पादों का कम से कम एक केस अनिवार्य रूप से स्टॉक में रखें। इसका उद्देश्य ग्राहकों को ब्रांडों की व्यापक विविधता उपलब्ध कराना है।

यह ऐसे समय में आया है जब टीवीके के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद टीएएसएमएसी में पारदर्शिता और परिचालन सुधारों की एक श्रृंखला लागू की जा रही है।

कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

बदली हुई नीति पर टीएएसएमएसी कर्मचारियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कर्मचारियों का कहना है कि समान मात्रा में खरीद से ग्राहकों की वास्तविक पसंद का सही आकलन नहीं हो सकता। उनकी चिंता है कि यदि सभी निर्माताओं से एकसमान मात्रा में खरीद की जाती है, तो लोकप्रिय ब्रांडों का स्टॉक समय से पहले समाप्त हो सकता है, जबकि कम बिकने वाले उत्पाद शेल्फ पर बिना बिके पड़े रह सकते हैं। इससे इन्वेंट्री प्रबंधन की चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।

आम जनता पर असर

उपभोक्ताओं के दृष्टिकोण से यह नीति ब्रांड विविधता बढ़ा सकती है, लेकिन पसंदीदा ब्रांडों की अनुपलब्धता की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इस बीच, शराब उपभोक्ताओं के एक वर्ग ने सरकार से टीएएसएमएसी आउटलेट्स में उपलब्ध उत्पादों की रेंज और विस्तृत करने का आग्रह किया है। वे चाहते हैं कि प्रसिद्ध आयातित और अंतरराष्ट्रीय शराब ब्रांड भी शामिल किए जाएँ, जो फिलहाल पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और आस-पास के राज्यों में उपलब्ध हैं।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह नीति परिवर्तन तमिलनाडु के शराब वितरण क्षेत्र में एकाधिकार की पुरानी संरचना को चुनौती देता है। नई खरीद व्यवस्था से छोटे और मझोले निर्माताओं को बाज़ार में प्रवेश का अवसर मिल सकता है। हालाँकि, इस नीति की व्यावहारिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि टीएएसएमएसी माँग और आपूर्ति के बीच संतुलन कैसे बनाए रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सुधार राजनीतिक एकाधिकार की जगह परिचालन अकुशलता को जन्म दे सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएएसएमएसी की नई शराब खरीद नीति क्या है?
तमिलनाडु सरकार ने टीएएसएमएसी को निर्देश दिया है कि वह सभी वैध शराब निर्माताओं से समान मात्रा में खरीद करे, न कि केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों पर निर्भर रहे। यह निर्णय 6 जुलाई 2026 की बोर्ड बैठक में लिया गया।
पहले टीएएसएमएसी की खरीद नीति कैसी थी?
पहले खरीद ग्राहकों की माँग पर आधारित थी, जिससे कुल आपूर्ति का 60 से 70 प्रतिशत केवल कुछ सबसे लोकप्रिय ब्रांडों से आता था। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से कुछ निर्माताओं को राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग प्रमोट करते थे।
नई नीति से टीएएसएमएसी कर्मचारियों को क्या आपत्ति है?
कर्मचारियों का कहना है कि समान मात्रा में खरीद से लोकप्रिय ब्रांडों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो सकता है और कम बिकने वाले उत्पाद शेल्फ पर बिना बिके रह सकते हैं। उनके अनुसार इससे इन्वेंट्री प्रबंधन की समस्याएँ बढ़ेंगी।
टीएएसएमएसी के 'एलीट' आउटलेट्स के लिए क्या नया नियम लागू हुआ है?
प्रीमियम 'एलीट' आउटलेट्स को अब हर वैध निर्माता के प्रीमियम और मीडियम-ग्रेड उत्पादों का कम से कम एक केस अनिवार्य रूप से स्टॉक में रखना होगा। इसका उद्देश्य ग्राहकों को ब्रांडों की व्यापक विविधता उपलब्ध कराना है।
तमिलनाडु के उपभोक्ता टीएएसएमएसी से और क्या चाहते हैं?
उपभोक्ताओं के एक वर्ग ने सरकार से आग्रह किया है कि टीएएसएमएसी आउटलेट्स में प्रसिद्ध आयातित और अंतरराष्ट्रीय शराब ब्रांड भी शामिल किए जाएँ। ये ब्रांड फिलहाल पड़ोसी पुडुचेरी और आस-पास के राज्यों में उपलब्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
    विश्व तंबाकू निषेध दिवस: मंत्री वेंकटरमण ने मरीना बीच रैली से की अपील, तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले