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तमिलनाडु में TASMAC शराब-बीयर की कीमतें बढ़ने के आसार, अगले हफ्ते से ₹10–₹50 प्रति बोतल महंगी होने की संभावना

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तमिलनाडु में TASMAC शराब-बीयर की कीमतें बढ़ने के आसार, अगले हफ्ते से ₹10–₹50 प्रति बोतल महंगी होने की संभावना

सारांश

तमिलनाडु में TASMAC की 4,048 दुकानों पर शराब और बीयर ₹10 से ₹50 प्रति बोतल महंगी हो सकती है। डेढ़ साल बाद संभावित यह पहली वृद्धि निर्माताओं के बढ़ते लागत दबाव और सरकार की राजस्व जरूरतों के बीच टकराव का नतीजा है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार TASMAC दुकानों पर शराब और बीयर की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है।
प्रस्तावित वृद्धि ₹10 से ₹50 प्रति बोतल तक हो सकती है; व्हिस्की, ब्रांडी, रम, वोडका और बीयर शामिल।
यदि मंजूरी मिली तो 1 फरवरी 2024 के बाद यह पहली मूल्य वृद्धि होगी।
TASMAC की 4,048 दुकानों से राज्य को औसतन ₹150 करोड़ प्रतिदिन का राजस्व मिलता है।
बुधवार या गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में अंतिम निर्णय संभव; आधिकारिक घोषणा उसके बाद।
वित्त विभाग ने खुदरा बिक्री निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव का विरोध किया।

तमिलनाडु सरकार राज्य की सरकारी शराब वितरण संस्था तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) की दुकानों पर बिकने वाली शराब और बीयर की खुदरा कीमतें बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। TASMAC अधिकारियों के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर आधिकारिक घोषणा संभव है और यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो नई कीमतें अगले सप्ताह से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी।

प्रस्तावित मूल्य वृद्धि का दायरा

प्रस्तावित संशोधन के तहत सामान्य और मिड-रेंज श्रेणी की शराब के साथ-साथ बीयर की कीमत में प्रति बोतल ₹10 से ₹50 तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी शराब की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होगी। व्हिस्की, ब्रांडी, रम और वोडका जैसे लोकप्रिय इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) ब्रांड भी इस मूल्य वृद्धि के दायरे में शामिल किए जाने की संभावना है।

गौरतलब है कि यदि यह फैसला लागू होता है, तो 1 फरवरी 2024 के बाद तमिलनाडु में शराब की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी होगी — यानी डेढ़ साल से अधिक के अंतराल के बाद।

TASMAC की भूमिका और राजस्व महत्व

TASMAC राज्य में शराब की खुदरा बिक्री करने वाली एकमात्र सरकारी संस्था है। फिलहाल पूरे तमिलनाडु में इसकी 4,048 दुकानें संचालित हो रही हैं, जहाँ IMFL, बीयर, वाइन और आयातित शराब बेची जाती है। इन दुकानों से राज्य सरकार को औसतन ₹150 करोड़ प्रतिदिन का राजस्व प्राप्त होता है, जो इसे सरकार की सबसे बड़ी आय के स्रोतों में से एक बनाता है।

निर्माताओं का दबाव और लागत का संकट

शराब और बीयर बनाने वाली कंपनियाँ लंबे समय से कीमतें बढ़ाने की माँग कर रही हैं। निर्माताओं का तर्क है कि राज्य सरकार द्वारा IMFL और बीयर की प्रत्येक खेप (कार्टन) पर अतिरिक्त अधिभार लगाए जाने के बाद उनकी उत्पादन और वितरण लागत काफी बढ़ गई है। यह ऐसे समय में आया है जब कच्चे माल की कीमतें भी ऊँची बनी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने शुरुआत में इस माँग को स्वीकार नहीं किया था, लेकिन बाद में TASMAC प्रबंधन समिति की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गई।

निजीकरण प्रस्ताव और वित्त विभाग का विरोध

TASMAC प्रबंधन बोर्ड की हालिया बैठक में भविष्य में शराब की खुदरा बिक्री निजी कंपनियों को सौंपने की संभावना पर भी विचार किया गया। हालाँकि, वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। विभाग का मानना है कि निजी कंपनियों को खुदरा बिक्री की अनुमति देने से राज्य के शराब-राजस्व पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

सूत्रों के अनुसार, बुधवार या गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और कीमतों में वृद्धि की सटीक मात्रा पर विचार-विमर्श जारी है। बैठक के बाद सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन निर्माताओं की लागत-वृद्धि की शिकायत भी नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती। असली सवाल यह है कि क्या सरकार इस वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर डालेगी या निर्माताओं के साथ साझा करेगी — और इसका जवाब अभी बैठक-कक्षों में बंद है। निजीकरण प्रस्ताव पर वित्त विभाग का विरोध यह भी बताता है कि राज्य इस राजस्व-स्रोत पर अपनी पकड़ किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहता।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में TASMAC शराब की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं?
TASMAC अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित वृद्धि के तहत शराब और बीयर की कीमतें ₹10 से ₹50 प्रति बोतल तक बढ़ सकती हैं। यह बढ़ोतरी शराब की श्रेणी — जैसे व्हिस्की, ब्रांडी, रम, वोडका और बीयर — के अनुसार अलग-अलग होगी।
तमिलनाडु में शराब की नई कीमतें कब से लागू होंगी?
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई कीमतें अगले सप्ताह से पूरे राज्य में लागू हो सकती हैं। बुधवार या गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिसके बाद आधिकारिक घोषणा होगी।
TASMAC क्या है और तमिलनाडु सरकार को इससे कितना राजस्व मिलता है?
TASMAC यानी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन राज्य में शराब की खुदरा बिक्री करने वाली एकमात्र सरकारी संस्था है। इसकी 4,048 दुकानों से राज्य सरकार को औसतन ₹150 करोड़ प्रतिदिन का राजस्व प्राप्त होता है।
तमिलनाडु में शराब की कीमतें आखिरी बार कब बढ़ी थीं?
तमिलनाडु में शराब की कीमतें आखिरी बार 1 फरवरी 2024 को बढ़ाई गई थीं। प्रस्तावित वृद्धि लागू होने पर यह डेढ़ साल से अधिक के अंतराल के बाद पहली मूल्य वृद्धि होगी।
शराब निर्माता कंपनियाँ कीमत वृद्धि की माँग क्यों कर रही हैं?
निर्माताओं का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा IMFL और बीयर की प्रत्येक खेप (कार्टन) पर अतिरिक्त अधिभार लगाए जाने से उनकी उत्पादन और वितरण लागत में काफी वृद्धि हुई है। वे खुदरा कीमतें बढ़ाने की माँग कर रहे हैं ताकि बढ़ी हुई लागत की भरपाई हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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