8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग्रहालय: BJP का कोलकाता का ऐतिहासिक कार्यालय बनेगा विरासत केंद्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग्रहालय: BJP का कोलकाता का ऐतिहासिक कार्यालय बनेगा विरासत केंद्र

सारांश

कोलकाता के 6, मुरलीधर सेन लेन का वह भवन जहाँ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 से अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ संचालित कीं और जहाँ 1951 में जनसंघ की नींव पड़ी — अब संग्रहालय बनेगा। BJP की यह पहल विरासत-राजनीति और बंगाल में सांस्कृतिक पुनर्स्थापना की दिशा में एक सोचा-समझा कदम है।

मुख्य बातें

BJP ने कोलकाता के 6, मुरलीधर सेन लेन स्थित ऐतिहासिक भवन को डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग्रहालय में बदलने का फैसला किया।
मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह के दौरान लिया गया था।
मुखर्जी की राजनीतिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं; 1951 में यहीं से भारतीय जनसंघ का संचालन शुरू हुआ।
संग्रहालय में उनकी कुर्सी, किताबें, दुर्लभ तस्वीरें और ऐतिहासिक दस्तावेज़ प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य और प्रवक्ता देबजीत सरकार ने परियोजना की पुष्टि की; नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी इससे जुड़े हैं।
पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी , PM नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी इस भवन का दौरा कर चुके हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर कोलकाता के 6, मुरलीधर सेन लेन स्थित अपने ऐतिहासिक भवन को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित एक संग्रहालय में रूपांतरित करने का निर्णय लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह कदम डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह के अवसर पर लिया गया, ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों और राजनीतिक योगदान से परिचित हो सके।

भवन का ऐतिहासिक महत्व

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1946 में इस भवन को किराए पर लिया था, जिसके बाद यह उनकी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया। 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद यही परिसर पार्टी के कोलकाता कार्यालय के रूप में कार्यरत रहा।

1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद भी यह भवन पश्चिम बंगाल में जनसंघ की विरासत और BJP के संगठनात्मक केंद्र के रूप में उपयोग में रहा। इस परिसर का दौरा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित देश के कई प्रमुख नेता कर चुके हैं।

संग्रहालय में क्या होगा प्रदर्शित

BJP नेताओं के अनुसार, संग्रहालय में डॉ. मुखर्जी की कुर्सी, किताबें, निजी उपयोग की वस्तुएँ, दुर्लभ तस्वीरें और उनके जीवन व कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ प्रदर्शित किए जाएंगे। विशेष रूप से अखंड भारत की अवधारणा, आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल के पुनर्निर्माण में उनकी भूमिका और कलकत्ता विश्वविद्यालय से जुड़े रहते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

पार्टी नेताओं का कहना है कि संग्रहालय में डॉ. मुखर्जी के जीवन के ऐसे पहलुओं को भी उजागर किया जाएगा जिनसे आम जन अब तक कम परिचित हैं — इनमें उन पर लिखी पुस्तकें और ऐतिहासिक दस्तावेज़ शामिल होंगे।

नेतृत्व की प्रतिक्रिया

BJP के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने बताया कि यह निर्णय डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह के दौरान लिया गया था। वहीं, पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश इकाई मिलकर इस परियोजना पर काम कर रहे हैं।

आम जनता और शोधकर्ताओं पर असर

फिलहाल BJP का प्रदेश मुख्यालय कोलकाता के साल्टलेक में स्थित है, जबकि मुरलीधर सेन लेन का यह पुराना भवन पार्टी की उत्तर कोलकाता जिला इकाई के संगठनात्मक कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि प्रस्तावित संग्रहालय पुराने कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ आम लोगों और शोधकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शैक्षणिक केंद्र बनेगा।

यह परियोजना बंगाल में BJP की राजनीतिक उपस्थिति को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आधार देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ TMC के सांस्कृतिक वर्चस्व को चुनौती देने के लिए ऐतिहासिक प्रतीकों को सक्रिय रूप से भुनाया जा रहा है। डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती का संदर्भ समय की दृष्टि से सुविचारित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संग्रहालय एक जीवंत शैक्षणिक केंद्र बन पाएगा या केवल चुनावी मौसम में खुलने वाला प्रतीकात्मक स्थल। बंगाल में BJP के संगठनात्मक आधार की कमज़ोरी को देखते हुए, विरासत-केंद्रित रणनीति ज़मीनी पकड़ का विकल्प नहीं बन सकती।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग्रहालय कहाँ बनेगा?
यह संग्रहालय कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित 6, मुरलीधर सेन लेन के ऐतिहासिक भवन में बनेगा। यह वही इमारत है जहाँ डॉ. मुखर्जी ने 1946 से अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ संचालित की थीं और जो 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद पार्टी के कोलकाता कार्यालय के रूप में काम आई।
BJP ने यह संग्रहालय बनाने का फैसला कब और क्यों किया?
BJP के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के अनुसार, यह निर्णय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह के दौरान लिया गया। पार्टी का उद्देश्य नई पीढ़ी और आम लोगों को डॉ. मुखर्जी के विचारों, अखंड भारत की अवधारणा और उनके शैक्षणिक योगदान से परिचित कराना है।
संग्रहालय में क्या-क्या प्रदर्शित किया जाएगा?
संग्रहालय में डॉ. मुखर्जी की कुर्सी, किताबें, निजी उपयोग की वस्तुएँ, दुर्लभ तस्वीरें और ऐतिहासिक दस्तावेज़ रखे जाएंगे। इसके अलावा उनके जीवन के अल्पज्ञात पहलुओं और कलकत्ता विश्वविद्यालय से जुड़े उनके उच्च शिक्षा योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इस भवन से कौन-कौन से प्रमुख नेताओं का संबंध रहा है?
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित देश के कई प्रमुख नेता इस भवन का दौरा कर चुके हैं। यह परिसर 1946 से ही बंगाल के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
यह संग्रहालय आम लोगों और शोधकर्ताओं के लिए कितना उपयोगी होगा?
पार्टी नेताओं के अनुसार, यह संग्रहालय केवल BJP कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि आम जन और शोधकर्ताओं के लिए भी एक ऐतिहासिक व शैक्षणिक केंद्र के रूप में काम करेगा। इसमें डॉ. मुखर्जी पर लिखी पुस्तकें और ऐतिहासिक दस्तावेज़ भी उपलब्ध होंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. 2 दिन पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 1 साल पहले