8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांकीपुर उपचुनाव: कांग्रेस का रुख अस्पष्ट, बिहार अध्यक्ष राजेश राम बोले — हाईकमान के फैसले का इंतजार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांकीपुर उपचुनाव: कांग्रेस का रुख अस्पष्ट, बिहार अध्यक्ष राजेश राम बोले — हाईकमान के फैसले का इंतजार

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में कांग्रेस का रुख अभी भी अनिश्चित है — राजद उम्मीदवार उतार चुकी है, BJP और प्रशांत किशोर भी मैदान में हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान के इंतजार में है। यह देरी महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 8 जुलाई को कहा कि पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के निर्देशों का इंतजार कर रही है।
राजद ने रेखा गुप्ता को बांकीपुर से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
BJP ने अभिषेक कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है।
जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भी बांकीपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई; वे यहाँ से चार बार विधायक रहे हैं।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र और कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने NDA के खिलाफ साझा उम्मीदवार की अपील की है।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बुधवार, 8 जुलाई को स्पष्ट किया कि पार्टी का अंतिम निर्णय हाईकमान के निर्देशों पर निर्भर करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब महागठबंधन की सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और विपक्ष में साझा रणनीति की माँग उठ रही है।

राजेश राम का बयान

राजेश राम ने कहा, 'पार्टी सभी मामलों पर लोगों की भावनाओं से अवगत है। फिलहाल, हम अपनी हाईकमान लीडरशिप — जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं — से निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। अगर हमारा नेतृत्व निर्देश देता है, तो हम उसी के अनुसार तैयारी करेंगे। अभी मैं बस इतना कह सकता हूँ कि हमें नेतृत्व से फैसले की उम्मीद है।' गौरतलब है कि राजद ने रेखा गुप्ता को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है, जबकि कांग्रेस की चुप्पी महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी की ओर इशारा करती है।

राजद और विपक्ष की एकजुटता की अपील

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, 'सत्ताधारी सरकार उपचुनाव पूरी ताकत से लड़ती है। सभी जानते हैं कि बांकीपुर विधानसभा सीट क्यों खाली हुई थी। मैंने सभी विपक्षी दलों से अपील की थी कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खिलाफ एक साझा उम्मीदवार उतारा जाए, ताकि उसे हराया जा सके। अगर लड़ाई लड़नी है तो उपचुनाव में सारे दलों के लोगों को एक साथ होकर संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए।' कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने भी विपक्षी एकता की वकालत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इस गढ़ को भेदने के लिए कांग्रेस और राजद को मिलकर प्रशांत किशोर का सहयोग करना चाहिए।

मैदान में उम्मीदवार

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं और विधानसभा क्षेत्र में अपना प्रचार तेज कर दिया है। BJP ने अभिषेक कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। फिलहाल केवल कांग्रेस का निर्णय बाकी है, जिससे विपक्षी खेमे में अनिश्चितता बनी हुई है।

बांकीपुर सीट का राजनीतिक इतिहास

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र परंपरागत रूप से BJP का मजबूत गढ़ रहा है। BJP के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यहाँ से लगातार चार बार विधायक रहे हैं। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दिया, जिसके कारण उपचुनाव की घोषणा हुई। यह पहली बार नहीं है कि इस सीट पर विपक्ष को एकजुट होने में कठिनाई हुई हो — पिछले कई चुनावों में बिखरा हुआ विपक्ष BJP के लिए अनुकूल साबित हुआ है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के हाईकमान का फैसला तय करेगा कि महागठबंधन एकजुट होकर लड़ेगा या अलग-अलग। यदि कांग्रेस राजद के उम्मीदवार का समर्थन करती है, तो विपक्ष की स्थिति मजबूत हो सकती है; अन्यथा तीन-तरफा मुकाबले में BJP को फायदा मिलने की संभावना है। पटना की इस सीट पर उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विपक्ष अभी भी दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार कर रहा है। यह भी विचारणीय है कि कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने प्रशांत किशोर के 'सहयोग' की बात कही — जो दर्शाता है कि पार्टी के भीतर रणनीति को लेकर एकमत नहीं है। बांकीपुर BJP का परंपरागत गढ़ है, और विपक्ष की देरी इस गढ़ को तोड़ने की संभावना को और कमज़ोर कर सकती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
बांकीपुर सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई। नितिन नवीन यहाँ से चार बार विधायक रहे हैं और उनके इस्तीफे के बाद उपचुनाव की घोषणा हुई है।
बांकीपुर उपचुनाव में कांग्रेस का क्या रुख है?
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 8 जुलाई को कहा कि पार्टी ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है और हाईकमान — मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल — के निर्देशों का इंतजार है। उनके निर्देश के बाद ही तैयारी शुरू होगी।
बांकीपुर उपचुनाव में अब तक कौन-कौन से उम्मीदवार हैं?
BJP ने अभिषेक कुमार सिन्हा को, राजद ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी इस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। कांग्रेस का निर्णय अभी बाकी है।
राजद ने विपक्षी एकता पर क्या कहा?
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सभी विपक्षी दलों से NDA के खिलाफ साझा उम्मीदवार उतारने की अपील की है। उनका कहना है कि बिखरे हुए विपक्ष से सत्तारूढ़ गठबंधन को ही फायदा होगा।
प्रशांत किशोर का बांकीपुर उपचुनाव से क्या संबंध है?
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ने की घोषणा की है और विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय प्रचार शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस और राजद को मिलकर उनका सहयोग करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 21 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 5 दिन पहले
  8. 9 महीने पहले