बांकीपुर उपचुनाव: राजद ने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर तनातनी
सारांश
मुख्य बातें
पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी, जिससे महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर असमंजस और गहरा हो गया है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
राजद का दावा और चुनावी तैयारी
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोमवार, 6 जुलाई को स्पष्ट किया कि पार्टी बांकीपुर उपचुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में राजद को इस सीट पर करीब 50 हजार वोट मिले थे और इस बार पार्टी का जनाधार पहले से अधिक मजबूत हुआ है। यादव ने दावा किया, 'बांकीपुर की जनता ने इस बार राजद को जिताने का मन बना लिया है। पार्टी ने क्षेत्र में चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच जाकर संपर्क अभियान चला रहे हैं। जनता का व्यापक समर्थन राजद को मिलेगा।'
महागठबंधन में सीट बंटवारे पर असमंजस
राजद की घोषणा के बाद महागठबंधन के भीतर तनाव उभर आया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की ओर से भी बांकीपुर सीट पर दावेदारी जताई जा रही है। ऐसे में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत किस दिशा में जाती है, यह अभी तय नहीं है। गठबंधन की एकजुटता की असली परीक्षा अब इसी बातचीत पर निर्भर करती है।
अन्य प्रमुख उम्मीदवार और मैदान की स्थिति
जन सुराज पार्टी पहले ही अपने प्रमुख चेहरे प्रशांत किशोर को बांकीपुर से उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जो इस मुकाबले को और रोचक बनाता है। इसके अलावा, पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने वीना मानवी को मैदान में उतारने की घोषणा की है। अब सभी की नजरें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार की घोषणा पर भी टिकी हैं।
सीट रिक्त होने की पृष्ठभूमि
यह सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद रिक्त हुई है। गौरतलब है कि बांकीपुर पटना का एक शहरी और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहाँ हर चुनाव में बड़े दलों के बीच कड़ी टक्कर देखी जाती है।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होना है। विभिन्न दलों की सक्रियता और दावेदारी के बीच यह उपचुनाव बिहार की राज्य राजनीति का सबसे चर्चित मुकाबला बनता जा रहा है। महागठबंधन में सीट बंटवारे का फैसला और BJP के उम्मीदवार की घोषणा आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण तय करेगी।