6 जुलाई 2026
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राजस्थान में गंभीर अपराध 4.65% घटे, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पेश की 6 महीने की रिपोर्ट

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राजस्थान में गंभीर अपराध 4.65% घटे, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पेश की 6 महीने की रिपोर्ट

सारांश

राजस्थान पुलिस की छह महीने की रिपोर्ट में गंभीर अपराधों में 4.65% की कमी सामने आई है। हत्या, लूट, दुष्कर्म और POCSO मामलों में भी गिरावट दर्ज हुई, जबकि संपत्ति बरामदगी दर में नाटकीय सुधार हुआ। डीजीपी शर्मा ने प्रौद्योगिकी-आधारित और निवारक पुलिसिंग को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने 6 जुलाई 2026 को जयपुर में राजस्थान पुलिस की छह महीने की प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत की।
BNS के तहत गंभीर अपराधों में 4.65% की कमी — मामले 99,272 से घटकर 94,652 हुए।
हत्या ( 4.41% ), लूट ( 19.93% ), POCSO ( 20.90% ) और SC/ST अत्याचार ( 18.81% ) मामलों में उल्लेखनीय गिरावट।
सेंधमारी की बरामदगी दर 9.58% से उछलकर 58.24% पर पहुँची; डकैती बरामदगी 71% से 79.09% हुई।
स्थानीय व विशेष कानूनों के तहत मामलों में 4.25% की वृद्धि — पुलिस की स्वतःस्फूर्त कार्रवाई का परिणाम।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य पुलिस का छह महीने का प्रदर्शन ब्यौरा प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई है। अपराध नियंत्रण, साइबर पुलिसिंग, मादक पदार्थ विरोधी अभियान और संपत्ति बरामदगी — सभी मोर्चों पर सुधार के आँकड़े सामने आए हैं।

मुख्य घटनाक्रम: अपराध के आँकड़े

डीजीपी शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में BNS के तहत 94,652 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 99,272 थी — यानी 4.65 प्रतिशत की कमी। दूसरी ओर, स्थानीय और विशेष कानूनों के तहत मामले 49,087 से बढ़कर 51,172 हो गए, जो 4.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। अधिकारियों के अनुसार यह वृद्धि मुख्यतः पुलिस की स्वतःस्फूर्त कार्रवाई का परिणाम है।

श्रेणीवार अपराधों में गिरावट

रिपोर्ट में लगभग सभी प्रमुख अपराध श्रेणियों में कमी दर्ज की गई। हत्या के मामले 703 से घटकर 672 हुए (4.41% की कमी), जबकि हत्या के प्रयास के मामले 1,288 से 1,145 पर आए (11.17% की गिरावट)। डकैती में 16.28 प्रतिशत (43 से 36) और लूट में 19.93 प्रतिशत (577 से 462) की कमी दर्ज हुई।

अपहरण के मामलों में 4.72 प्रतिशत की गिरावट आई — 5,211 से घटकर 4,965 हुए। वयस्कों से जुड़े दुष्कर्म के मामलों में 13.36 प्रतिशत की कमी (2,088 से 1,809) दर्ज की गई। POCSO अधिनियम के तहत मामले 1,651 से घटकर 1,306 हुए, जो 20.90 प्रतिशत की भारी गिरावट है। SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामले भी 3,121 से 2,534 पर आए — 18.81 प्रतिशत की कमी।

संपत्ति बरामदगी में उल्लेखनीय सुधार

चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के मोर्चे पर राजस्थान पुलिस ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। डकैती के मामलों में बरामदगी दर 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.09 प्रतिशत हो गई। सेंधमारी के मामलों में यह दर 9.58 प्रतिशत से उछलकर 58.24 प्रतिशत पर पहुँच गई — एक असाधारण वृद्धि। साधारण चोरी की बरामदगी भी 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हो गई।

आगे की कार्ययोजना

डीजीपी शर्मा ने स्पष्ट किया कि राजस्थान पुलिस अब केवल प्रतिक्रियात्मक पुलिसिंग से आगे बढ़ेगी। योजना में अपराध रोकथाम को प्राथमिकता देना, अवैध संपत्तियों की जब्ती के ज़रिए अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना और उन्नत प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग शामिल है। पेपर लीक रैकेट, मादक पदार्थ तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। गौरतलब है कि राज्य में प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग को पहले से ही मज़बूत किया जा रहा है, और यह रिपोर्ट उसी दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें सावधानी से पढ़ना ज़रूरी है — BNS के तहत मामलों में गिरावट और विशेष कानूनों के तहत वृद्धि एक साथ होना बताता है कि वर्गीकरण में बदलाव भी आँकड़ों को प्रभावित कर सकता है। सेंधमारी की बरामदगी दर का 9.58% से 58.24% तक उछलना असाधारण है और स्वतंत्र सत्यापन की माँग करता है। POCSO और SC/ST अत्याचार मामलों में गिरावट को वास्तविक सुधार तभी माना जाएगा जब यह सुनिश्चित हो कि पीड़ितों की शिकायत दर्ज करने में कोई बाधा नहीं आई। प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग का दावा तब विश्वसनीय बनेगा जब इसके मापन का ढाँचा सार्वजनिक किया जाए।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पुलिस की छह महीने की रिपोर्ट में क्या मुख्य बात सामने आई?
रिपोर्ट के अनुसार BNS के तहत गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है — मामले 99,272 से घटकर 94,652 हुए। हत्या, लूट, दुष्कर्म, POCSO और SC/ST अत्याचार सहित लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में गिरावट दर्ज की गई।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने यह रिपोर्ट कब और कहाँ पेश की?
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने 6 जुलाई 2026 को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह रिपोर्ट जनवरी से जून 2026 की अवधि को कवर करती है।
राजस्थान में संपत्ति बरामदगी दर में कितना सुधार हुआ?
सेंधमारी के मामलों में बरामदगी दर 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत हो गई। डकैती में यह दर 71 प्रतिशत से 79.09 प्रतिशत और चोरी में 10.34 प्रतिशत से 24.79 प्रतिशत हो गई।
स्थानीय और विशेष कानूनों के तहत मामले क्यों बढ़े?
स्थानीय और विशेष कानूनों के तहत मामले 49,087 से बढ़कर 51,172 हुए, यानी 4.25 प्रतिशत की वृद्धि। डीजीपी के अनुसार यह वृद्धि पुलिस की स्वतःस्फूर्त कार्रवाई — जैसे अवैध गतिविधियों पर सक्रिय छापेमारी — के कारण हुई है।
राजस्थान पुलिस की आगे की योजना क्या है?
डीजीपी शर्मा ने बताया कि पुलिस प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर अपराध रोकथाम, अपराधियों की अवैध संपत्तियों की जब्ती और उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगी। पेपर लीक रैकेट, मादक पदार्थ तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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