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भारत-जापान की पहली रक्षा सह-विकास डील: BEL बनाएगी यूनिकॉर्न नौसैनिक कम्युनिकेशन मास्ट

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भारत-जापान की पहली रक्षा सह-विकास डील: BEL बनाएगी यूनिकॉर्न नौसैनिक कम्युनिकेशन मास्ट

सारांश

भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में पहला सह-विकास समझौता किया — BEL अब NEC कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर यूनिकॉर्न इंटीग्रेटेड मास्ट भारत में बनाएगी। यह मास्ट भारतीय नौसेना की स्टील्थ और संचार क्षमता को नई ऊँचाई देगा और इंडो-पैसिफिक में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को ठोस आधार देता है।

मुख्य बातें

भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में अपना पहला द्विपक्षीय सह-विकास समझौता किया।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जापान की NEC कॉर्पोरेशन के सहयोग से यूनिकॉर्न शिपबोर्न कम्युनिकेशन मास्ट का निर्माण भारत में करेगी।
जापान डिज़ाइन और मुख्य तकनीक देगा; भारत स्वदेशी सेंसर जोड़कर सिस्टम इंटीग्रेशन और उत्पादन करेगा।
यूनिकॉर्न (नोरा-50) को 2015-16 में विकसित किया गया; 2019 में जापान के मोगामी-क्लास फ्रिगेट पर पहली तैनाती हुई।
नवंबर 2024 में हुए निर्यात समझौते ने इस संयुक्त विकास परियोजना की नींव रखी।
यह मास्ट भारतीय नौसेना के मौजूदा संचार-सेंसर सिस्टम की जगह लेगा और युद्धपोत की स्टील्थ क्षमता बढ़ाएगा।

भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में अपना पहला द्विपक्षीय सह-विकास समझौता किया है, जिसके तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जापान की NEC कॉर्पोरेशन के सहयोग से यूनिकॉर्न (Unified Complex Radio Antenna) शिपबोर्न कम्युनिकेशन मास्ट का निर्माण भारत में करेगी। जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच तेज़ी से प्रगाढ़ होती रणनीतिक और सुरक्षा साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ता है।

समझौते का मूल स्वरूप

इस सह-विकास परियोजना में जापान मूल डिज़ाइन और मुख्य तकनीक उपलब्ध कराएगा, जबकि भारत 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत सिस्टम इंटीग्रेशन, स्थानीयकरण और उत्पादन की ज़िम्मेदारी संभालेगा। भारत इस सिस्टम में अपने स्वदेशी सेंसर और एंटीना भी जोड़ेगा, ताकि इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की विशिष्ट ज़रूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत भारत को यूनिकॉर्न मल्टी-फंक्शनल मास्ट के निर्यात का समझौता हुआ था। उसी आधार ने इस संयुक्त विकास परियोजना का मार्ग प्रशस्त किया।

यूनिकॉर्न सिस्टम क्या है

यूनिकॉर्न — जिसे नोरा-50 के नाम से भी जाना जाता है — को NEC कॉर्पोरेशन, साम्पा कोग्यो के.के. और द योकोहामा रबर कंपनी लिमिटेड ने मिलकर जापान के मोगामी-क्लास फ्रिगेट्स के लिए विकसित किया था। इसका विकास 2015-16 में हुआ, बड़े पैमाने पर उत्पादन 2018 में शुरू हुआ और पहली तैनाती 2019 में मोगामी-क्लास फ्रिगेट पर हुई।

यह एक इंटीग्रेटेड मास्ट सिस्टम है, जिसमें जहाज़ पर अलग-अलग लगे संचार, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े अनेक एंटीना को एकल संरचना में समाहित किया गया है। इसमें शामिल हैं: ओम्नीडायरेक्शनल सर्विलांस रडार एंटीना, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेज़र्स (ESM) एंटीना, वाई-फाई और लिंक-16 एंटीना, UHF ट्रांसमिट और रिसीव एंटीना, IFF (Identification Friend-or-Foe) सिस्टम, VHF/UHF कम्युनिकेशन एंटीना, टैक्टिकल नेविगेशन सिस्टम और लाइटनिंग कंडक्टर

भारतीय नौसेना को क्या फायदा होगा

इस इंटीग्रेटेड डिज़ाइन से युद्धपोत पर जगह का बेहतर उपयोग होता है और रखरखाव आसान हो जाता है। सबसे महत्त्वपूर्ण, जहाज़ का रडार क्रॉस सेक्शन कम होने से उसकी स्टील्थ क्षमता बढ़ती है — जिससे दुश्मन के लिए उसे रडार पर पहचानना अधिक कठिन हो जाता है। भविष्य में यह मास्ट भारतीय नौसेना के मौजूदा संचार और सेंसर मास्ट सिस्टम की जगह लेगा।

रणनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और जापान दोनों इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति को लेकर सतर्क हैं। भारत पिछले कई वर्षों से इस तकनीक को हासिल करने में रुचि दिखा रहा था, और यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा-औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई पर ले जाता है। यह भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें विदेशी तकनीक को स्वदेशी उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

आने वाले वर्षों में BEL द्वारा निर्मित यूनिकॉर्न मास्ट भारतीय नौसेना के नए युद्धपोतों पर तैनात होंगे — यह भारत-जापान रक्षा सहयोग की दीर्घकालिक दिशा का स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आत्मनिर्भर भारत के लिए कहीं अधिक टिकाऊ मॉडल है। असली परीक्षा यह होगी कि BEL स्थानीयकरण की गहराई कितनी हासिल कर पाती है — क्योंकि अतीत में कई 'मेक इन इंडिया' रक्षा परियोजनाएँ असेंबली तक सिमटकर रह गईं, न कि वास्तविक तकनीकी स्वामित्व तक पहुँचीं। इंडो-पैसिफिक में बढ़ते तनाव के बीच यह साझेदारी रणनीतिक रूप से सटीक समय पर आई है, लेकिन दीर्घकालिक मूल्य तभी सिद्ध होगा जब भारत यूनिकॉर्न की अगली पीढ़ी को स्वतंत्र रूप से विकसित करने की स्थिति में हो।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-जापान रक्षा सह-विकास समझौता क्या है?
यह दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में उपकरण संयुक्त रूप से विकसित करने का पहला द्विपक्षीय समझौता है। इसके तहत BEL और NEC कॉर्पोरेशन मिलकर यूनिकॉर्न शिपबोर्न कम्युनिकेशन मास्ट का निर्माण भारत में करेंगी।
यूनिकॉर्न नौसैनिक मास्ट क्या होता है?
यूनिकॉर्न (Unified Complex Radio Antenna) एक इंटीग्रेटेड मास्ट सिस्टम है, जिसमें संचार, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के कई एंटीना एक ही संरचना में समाहित होते हैं। इससे युद्धपोत का रडार क्रॉस सेक्शन कम होता है और स्टील्थ क्षमता बढ़ती है।
इस परियोजना में BEL की क्या भूमिका होगी?
BEL सिस्टम इंटीग्रेशन, स्थानीयकरण और उत्पादन की ज़िम्मेदारी संभालेगी। साथ ही भारत अपने स्वदेशी सेंसर और एंटीना भी इस सिस्टम में जोड़ेगा, ताकि इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के अनुकूल बनाया जा सके।
इस समझौते की पृष्ठभूमि क्या है?
नवंबर 2024 में भारत-जापान व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत यूनिकॉर्न मास्ट के निर्यात का समझौता हुआ था। उसी आधार पर यह संयुक्त विकास परियोजना आगे बढ़ी है। भारत पिछले कई वर्षों से इस तकनीक को हासिल करने में रुचि दिखा रहा था।
भारतीय नौसेना के लिए यह तकनीक क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यूनिकॉर्न मास्ट भारतीय नौसेना के मौजूदा संचार और सेंसर मास्ट सिस्टम की जगह लेगा। इंटीग्रेटेड डिज़ाइन से जहाज़ की स्टील्थ क्षमता बढ़ेगी, रखरखाव आसान होगा और युद्धपोत पर जगह का बेहतर उपयोग होगा।
राष्ट्र प्रेस
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