3 जुलाई 2026
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भारत-जापान शिखर सम्मेलन: रक्षा तकनीक हस्तांतरण और UNICORN परियोजना पर सहमति, टोक्यो में होगी 2+2 बैठक

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भारत-जापान शिखर सम्मेलन: रक्षा तकनीक हस्तांतरण और UNICORN परियोजना पर सहमति, टोक्यो में होगी 2+2 बैठक

सारांश

नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में मोदी और ताकाइची ने रक्षा तकनीक हस्तांतरण के तीन सिद्धांतों की समीक्षा, UNICORN परियोजना पर सैद्धांतिक सहमति और टोक्यो में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के चौथे दौर का निर्देश दिया — जो दोनों देशों की बढ़ती सामरिक निकटता का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और जापानी PM साने ताकाइची ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 16वाँ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया।
जापान के रक्षा उपकरण एवं तकनीक हस्तांतरण से जुड़े तीन सिद्धांतों की समीक्षा का दोनों नेताओं ने स्वागत किया।
UNICORN (यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना) परियोजना के शेष तकनीकी मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बनी।
दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों को इस वर्ष टोक्यो में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक का चौथा दौर आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
नौसैनिक अभ्यास JIMEX-25 का सफल आयोजन और 2026 विशाखापट्टनम अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में जापान की भागीदारी का स्वागत किया गया।
दोनों नेताओं ने क्वाड के चार स्तंभों पर सहयोग और अगले क्वाड शिखर सम्मेलन को शीघ्र आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने रक्षा उपकरण एवं तकनीक हस्तांतरण से जुड़े जापान के तीन सिद्धांतों की समीक्षा का स्वागत किया और द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।

शिखर सम्मेलन के प्रमुख निर्णय

दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने रक्षा और विदेश मंत्रियों को इस वर्ष के अंत तक टोक्यो में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक का चौथा दौर आयोजित करने का निर्देश दिया। यह बैठक दोनों देशों के बीच सामरिक संवाद की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है।

संयुक्त बयान में यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना (UNICORN) परियोजना के शेष तकनीकी मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बनने की जानकारी दी गई। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि इस परियोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाएगा और रक्षा उपकरण एवं तकनीक के क्षेत्र में अन्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।

समुद्री सुरक्षा और सैन्य अभ्यास

दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को व्यापक बनाने पर सहमति जताई। इसके अंतर्गत संयुक्त सैन्य अभ्यास, उपग्रह-आधारित समुद्री निगरानी, नौसैनिक जहाजों की मरम्मत एवं रखरखाव (MRO), तथा 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उत्पादन सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

गौरतलब है कि नौसैनिक अभ्यास JIMEX-25 का सफल आयोजन हो चुका है, जिसमें जापान की दोनों सेवाओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया। भारत ने 2026 में विशाखापट्टनम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में जापान की भागीदारी का भी स्वागत किया।

क्वाड सहयोग को नई प्रतिबद्धता

दोनों नेताओं ने क्वाड के तहत हो रही प्रगति का स्वागत किया और व्यावहारिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। संयुक्त बयान के अनुसार, उन्होंने क्वाड सहयोग के चार स्तंभों — समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा; आर्थिक समृद्धि एवं सुरक्षा (जिसमें ज़रूरी खनिज शामिल हैं); महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकी; तथा मानवीय सहायता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया — के महत्व को रेखांकित किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने अगला क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन शीघ्र आयोजित कराने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

पिछले सम्मेलन से जुड़ाव

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-जापान संबंध रणनीतिक रूप से तेज़ी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों नेताओं ने पिछले वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपनाई गई सुरक्षा सहयोग संयुक्त घोषणा के आधार पर इस साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा उपकरण हस्तांतरण के तीन सिद्धांतों की समीक्षा को विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम मानते हैं, जो भविष्य में संयुक्त उत्पादन के द्वार खोल सकता है।

आगे की दिशा इस वर्ष टोक्यो में होने वाली 2+2 बैठक और UNICORN परियोजना के अंतिम रूप लेने पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि 'सैद्धांतिक सहमति' और 'अंतिम रूप' के बीच की दूरी अक्सर लंबी होती है, जैसा कि पिछले कुछ द्विपक्षीय रक्षा समझौतों में देखा गया। असली परीक्षा यह होगी कि टोक्यो में होने वाली 2+2 बैठक इन घोषणाओं को बाध्यकारी समयसीमा और मापनीय लक्ष्यों में बदल पाती है या नहीं। इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती सक्रियता के मद्देनज़र, यह साझेदारी भारत की 'मेक इन इंडिया' रक्षा महत्वाकांक्षाओं और जापान की सुरक्षा नीति में बदलाव — दोनों के लिए एक रणनीतिक अवसर है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वाँ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन कब और कहाँ हुआ?
यह शिखर सम्मेलन 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भाग लिया। सम्मेलन के बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
UNICORN परियोजना क्या है और इस पर क्या सहमति बनी?
UNICORN यानी यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना एक रक्षा तकनीक परियोजना है जिस पर भारत और जापान मिलकर काम कर रहे हैं। शिखर सम्मेलन में इसके शेष तकनीकी मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई और दोनों नेताओं ने इसे शीघ्र अंतिम रूप देने की उम्मीद जताई।
भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक का चौथा दौर कब होगा?
दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने रक्षा और विदेश मंत्रियों को इस वर्ष के अंत तक टोक्यो में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक का चौथा दौर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसकी सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
भारत-जापान समुद्री सुरक्षा सहयोग में क्या नया शामिल हुआ?
दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, उपग्रह-आधारित समुद्री निगरानी, नौसैनिक जहाजों की MRO सुविधा और 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उत्पादन सहयोग पर सहमति जताई। नौसैनिक अभ्यास JIMEX-25 का सफल आयोजन और 2026 के विशाखापट्टनम अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में जापान की भागीदारी भी इस सहयोग का हिस्सा है।
क्वाड के संदर्भ में भारत और जापान ने क्या प्रतिबद्धता जताई?
दोनों नेताओं ने क्वाड के चार स्तंभों — समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकी, तथा मानवीय सहायता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया — पर सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने अगला क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन शीघ्र आयोजित कराने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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