भारत-जापान 16वें वार्षिक समिट में मोदी-ताकाइची की बातचीत, रक्षा को-डेवलपमेंट समझौते पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में 16वें भारत-जापान वार्षिक समिट के तहत व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम क्षेत्रों में ठोस प्रगति दर्ज की गई। इस दौरान दोनों देशों ने पहले रक्षा को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने तीन महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा किए — आर्थिक सुरक्षा पर संयुक्त प्रस्ताव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहयोग पर संयुक्त बयान और ऊर्जा रेजिलिएंस पर संयुक्त बयान। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, जरूरी तकनीक और अनुसंधान एवं विकास (R&D) से जुड़े कई एमओयू और समझौतों पर भी सहमति बनी।
जायसवाल ने कहा, 'दोनों पक्ष कूटनीतिक संबंध की स्थापना की 75वीं सालगिरह मनाने के लिए गतिविधियों की एक सूची पर सहमत हुए।'
रक्षा और तकनीकी साझेदारी
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और जापान ने पहले रक्षा को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं — जो द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में एक नई पहल है। उन्होंने कहा, 'जापान की सटीक तकनीक और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का मेल एआई के वैश्विक विकास को नई रफ्तार और ताकत देगा।'
गौरतलब है कि यह समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा आत्मनिर्भरता की नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय को-प्रोडक्शन साझेदारियाँ तेज कर रहा है।
हिंद-प्रशांत और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
मोदी ने एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को दोनों देशों की साझा प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा, 'आज भारत और जापान दोनों दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। इस इलाके के सबसे बड़े लोकतंत्र और मार्केट इकॉनमी के तौर पर हमने आज कई जरूरी पहल की शुरुआत की है।'
उन्होंने हाल के जी-7 समिट का संदर्भ देते हुए कहा, 'आज के वैश्विक उथल-पुथल के माहौल में आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है। मुझे गर्व है कि भारत-जापान साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरी है।'
ताकाइची का पहला भारत दौरा
पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री ताकाइची का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2025 में 15वें भारत-जापान वार्षिक समिट के लिए टोक्यो गए थे। यह दौरा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा करने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में गतिविधियों की एक साझा सूची तैयार की है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा को-डेवलपमेंट समझौता और AI तथा ऊर्जा क्षेत्र में नए संयुक्त बयान इस साझेदारी को केवल राजनयिक संवाद से आगे ले जाकर ठोस औद्योगिक सहयोग की दिशा में ले जाएंगे।