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क्या त्रिपुरा में पिछले 20 वर्षों में सबसे कम अपराध दर दर्ज की गई?

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क्या त्रिपुरा में पिछले 20 वर्षों में सबसे कम अपराध दर दर्ज की गई?

सारांश

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ ने 2025 में राज्य की अपराध दर में महत्वपूर्ण गिरावट की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। जानिए इस रिपोर्ट में त्रिपुरा के अपराध के मामले कैसे घटे हैं।

मुख्य बातें

2025 में त्रिपुरा की अपराध दर में महत्वपूर्ण कमी आई है।
राज्य में हत्या के मामलों में 8.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 8.14 प्रतिशत की कमी आई है।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामलों में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राज्य पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।

अगरतला, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ ने गुरुवार को बताया कि राज्य की दोषसिद्धि दर 31 प्रतिशत है, जो पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे अधिक दरों में से एक है।

डीजीपी ने कहा कि राज्य में पिछले 20 वर्षों में 2025 में सबसे कम अपराध दर देखी गई है।

2025 के दौरान त्रिपुरा में समग्र अपराध के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए, पुलिस प्रमुख ने कहा कि हत्या सहित सभी प्रकार के अपराधों में पिछले वर्ष (2024) की तुलना में 8.3 प्रतिशत की कमी आई है।

राज्य के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग ने बताया कि हत्या सहित कुल अपराध के मामले 2024 में 4,033 थे, जो 2025 में घटकर 3,698 हो गए।

उन्होंने बताया कि संपत्ति से जुड़े अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है, जो 2024 में 349 मामलों से घटकर 2025 में 293 मामले रह गए।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 8.14 प्रतिशत की कमी आई है, जो 2024 में 724 मामलों से घटकर 2025 में 665 मामले रह गए।

डीजीपी ने कहा कि हत्या, डकैती, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध, दंगे, सड़क दुर्घटनाएं और चोट व मारपीट के मामलों में कमी दर्ज की गई है।

डीजीपी अनुराग ने स्पष्ट किया कि त्रिपुरा की नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य पुलिस ने 2025 में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया है।

उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस ने 2024 की तुलना में 2025 में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 11 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज किए हैं।

2025 में गांजा के पौधों सहित 1,636 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया गया, जबकि 2024 में ऐसे पदार्थों का मूल्य 849 करोड़ रुपये था।

"नशा मुक्त त्रिपुरा" अभियान के अनुसार, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

डीजीपी ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामलों में 11.06 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2024 में 470 से बढ़कर 2025 में 522 मामले हो गए हैं, जो बढ़ी हुई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

त्रिपुरा में अपराध दर में कमी एक सकारात्मक कदम है, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है। डीजीपी अनुराग धनखड़ की यह जानकारी न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक आशा की किरण है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में अपराध दर में कमी का मुख्य कारण क्या है?
त्रिपुरा में अपराध दर में कमी का मुख्य कारण पुलिस की सख्त कार्रवाई और जीरो टॉलरेंस नीति है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कितनी कमी आई है?
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 8.14 प्रतिशत की कमी आई है।
डीजीपी ने कितने मामलों में वृद्धि की बात की है?
डीजीपी ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 11 प्रतिशत अधिक मामलों की वृद्धि की बात की है।
त्रिपुरा का 'नशा मुक्त' अभियान क्या है?
'नशा मुक्त त्रिपुरा' अभियान का उद्देश्य राज्य में नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
अपराध दर में कमी का त्रिपुरा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
अपराध दर में कमी से राज्य की सुरक्षा में सुधार होगा और नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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