बांकीपुर उपचुनाव: पप्पू यादव का प्रशांत किशोर पर हमला, बोले — पैसे और सोशल मीडिया से बनी है जन सुराज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। सांसद पप्पू यादव ने 6 जुलाई को जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी की नींव जमीनी जनसंघर्ष पर नहीं, बल्कि पैसे और सोशल मीडिया पर टिकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं।
प्रशांत किशोर पर पप्पू यादव के आरोप
पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव लड़ना किसी का भी अधिकार है, लेकिन प्रशांत किशोर की पार्टी डिजिटल और सोशल मीडिया के सहारे खड़ी की गई है, इसलिए इसे लेकर अत्यधिक गंभीर विमर्श की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किशोर का जमीन पर कोई ठोस जनाधार नहीं है और वे लंबे समय तक जनता के बीच सक्रिय नहीं रहे। उनके अनुसार, किशोर का पूरा राजनीतिक सफर पैसे, मीडिया प्रबंधन और सोशल मीडिया की बैसाखियों पर टिका है — वास्तविक जनसंघर्ष से वे कोसों दूर रहे हैं।
बांकीपुर सीट और भाजपा की स्थिति
उपचुनाव की राजनीतिक समीकरणों पर बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि किसी भी सीट का उपचुनाव आमतौर पर सत्ताधारी दल के पक्ष में झुका होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि बांकीपुर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपना परंपरागत गढ़ मानती है और इस सीट पर भाजपा का संगठनात्मक ढाँचा हमेशा प्रभावशाली रहा है। उन्होंने नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राजनीतिक भूमिका का भी उल्लेख किया।
विपक्षी एकता की अपील
पप्पू यादव ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि सभी विपक्षी ताकतें एक मंच पर आकर चुनाव लड़ें, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कड़ी चुनौती दी जा सकती है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है, जिसका असर आने वाले चुनावों में दिख सकता है।
राम मंदिर चढ़ावे पर सवाल
इसी बीच पप्पू यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे और ट्रस्ट के फंड को लेकर भी केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि पूजन से लेकर ट्रस्ट गठन तक प्रधानमंत्री की भूमिका केंद्रीय रही, लेकिन चढ़ावे पर उठे सवालों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उन्होंने माँग की कि देशभर के मंदिरों में आने वाले चढ़ावे और फंड की पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और RSS धर्म को राजनीति से जोड़कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
आगे क्या
बांकीपुर उपचुनाव बिहार की राजनीति का एक अहम पड़ाव बनता जा रहा है, जहाँ भाजपा, जन सुराज और विपक्षी गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बन रही है। पप्पू यादव के बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष जन सुराज को गंभीर प्रतिद्वंद्वी मानने से फिलहाल इनकार कर रहा है — हालाँकि जमीनी हकीकत चुनाव नतीजे ही तय करेंगे।