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ट्रंप का अंकारा में ऐलान: 'ईरान के साथ एमओयू खत्म', IRGC ने 85 अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की चेतावनी दी

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ट्रंप का अंकारा में ऐलान: 'ईरान के साथ एमओयू खत्म', IRGC ने 85 अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की चेतावनी दी

सारांश

अंकारा से ट्रंप का सबसे कड़ा संदेश — ईरान के साथ एमओयू खत्म। IRGC ने 85 अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की चेतावनी दी और बहरीन में ड्रोन हमले का दावा किया। खाड़ी देश किनारे पर खड़े हैं, और होर्मुज स्ट्रेट में आग सुलग रही है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा नाटो शिखर सम्मेलन में कहा कि ईरान के साथ एमओयू उनके अनुसार अब समाप्त हो गया है।
ट्रंप ने ईरान पर 'गंदा खेल खेलने' का आरोप लगाया, लेकिन वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की अनुमति देने का संकेत भी दिया।
USCENTCOM ने ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया; IRGC ने 85 अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी बलों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया।
यूएई के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर हमलों और खाड़ी देशों के खिलाफ ईरानी आक्रामकता की निंदा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए साफ कहा कि उनके अनुसार ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अब समाप्त हो चुका है। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूएस सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) और ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है।

ट्रंप के तीखे बोल — 'वे बीमार हैं और गंदा खेल खेलते हैं'

कुछ सप्ताह पहले तक तेहरान के प्रति अपेक्षाकृत लचीला रुख रखने वाले ट्रंप ने इस बार कड़े शब्दों का सहारा लिया। उन्होंने कहा, 'उनमें कुछ गड़बड़ है। वे बीमार हैं और गंदा खेल खेलते हैं।' हालाँकि ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की अनुमति दे सकते हैं, लेकिन उनका मानना है कि 'वो लोग केवल समय बर्बाद कर रहे हैं।'

यह बयान ट्रंप के उस रुख से उल्लेखनीय बदलाव दर्शाता है जब कुछ हफ्ते पहले परमाणु वार्ता की संभावना को खुला रखा गया था। गौरतलब है कि यह बदलाव उस दौर में आया है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है।

सैन्य टकराव: हमले और जवाबी हमले के दावे

USCENTCOM की ओर से ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद IRGC ने भी अमेरिका के 85 बेस पर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही। ईरानी सेना ने दावा किया कि दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी बलों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया गया।

ईरानी सेना ने आगे चेतावनी दी कि 'अमेरिका द्वारा युद्धविराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे' और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब 'सैन्य ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य' माने जाएँगे।

खाड़ी देशों की चिंता — यूएई का कड़ा संदेश

यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने बुधवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के कमर्शियल टैंकरों पर ईरान के हमले और बहरीनकुवैत के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता यह सिद्ध करती है कि तेहरान तनाव कम करने में 'असमर्थ' है।

गर्गश ने लिखा, 'खाड़ी के अरब देश, तनाव बढ़ाने और समझदारी, स्थिरता व शांति के रास्ते के बीच ईरान के बदलते रुख का निशाना नहीं बन सकते।' यह बयान खाड़ी देशों की बढ़ती बेचैनी को उजागर करता है।

क्या होगा आगे

ट्रंप के एमओयू खत्म होने के संकेत और IRGC की जवाबी धमकियों के बाद कूटनीतिक रास्ता संकरा होता दिख रहा है। विश्लेषकों के अनुसार नाटो शिखर सम्मेलन के मंच से आई यह टिप्पणी वाशिंगटन की ईरान नीति में आधिकारिक बदलाव का संकेत हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक नौवहन की सुरक्षा और खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति आने वाले दिनों में केंद्रीय मुद्दे बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सहयोगियों को भेजा गया संकेत है। लेकिन विरोधाभास यह है कि वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की 'अनुमति' देने की बात करके ट्रंप ने खुद एक पिछला दरवाज़ा खुला रखा है। IRGC की 85 बेस वाली चेतावनी और बहरीन में ड्रोन हमले के दावे बताते हैं कि यह तनाव अब शब्दों से आगे जा चुका है। खाड़ी देशों के लिए सबसे बड़ा खतरा होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी है — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है — और इस पर मुख्यधारा की कवरेज पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ एमओयू खत्म होने की बात क्यों कही?
ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से कहा कि उनके अनुसार ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन अब समाप्त हो गया है। उन्होंने ईरान पर 'गंदा खेल खेलने' और 'केवल समय बर्बाद करने' का आरोप लगाया।
IRGC ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर ड्रोन हमला किया और चेतावनी दी कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी 85 सैन्य ठिकाने अब वैध लक्ष्य हैं। यह जवाब USCENTCOM द्वारा ईरान के 80 ठिकानों पर हमले के दावे के बाद आया।
यूएई ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के टैंकरों पर हमले और बहरीन व कुवैत के खिलाफ ईरानी आक्रामकता की निंदा की। उन्होंने कहा कि खाड़ी के अरब देश ईरान के 'बदलते रुख का निशाना' नहीं बन सकते।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का क्या असर हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है। कमर्शियल टैंकरों पर हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। खाड़ी देशों की बढ़ती चिंता इस क्षेत्र में व्यापारिक नौवहन की सुरक्षा को लेकर है।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच अब भी बातचीत की संभावना है?
ट्रंप ने एमओयू खत्म होने का संकेत देते हुए भी अपने वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की 'अनुमति' देने की बात कही, जिससे कूटनीतिक रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हालाँकि IRGC की सैन्य धमकियों और दोनों पक्षों के हमलों के दावों के बाद वार्ता की संभावना काफी सीमित दिख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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