अमेरिका ने ईरान पर फिर दागे हमले, ट्रंप बोले — परमाणु समझौते के करीब थे, तेहरान टालता रहा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेना ने बुधवार, 11 जून को शाम 5:15 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर नए हमले शुरू किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि ये हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रत्यक्ष निर्देश पर 'आत्मरक्षा' के तहत किए गए। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि जब तक तेहरान परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा।
ताज़ा हमलों की पृष्ठभूमि
ये नए हमले उस घटना के ठीक बाद हुए जब सोमवार को ईरान ने ओमान के निकट अमेरिकी सेना के एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। ट्रंप ने बताया कि हेलीकॉप्टर का चालक दल सुरक्षित बचा लिया गया, परंतु उन्होंने सैन्य कार्रवाई जारी रखने का स्पष्ट संकेत दिया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता कई महीनों से अटकी हुई है।
ट्रंप और हेगसेथ के बयान
फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर सेंटकॉम के कमांडरों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा, 'आज रात सेंट्रल कमांड काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर कड़ा प्रहार करेंगे, और हम ऐसा करेंगे। ईरान के पास एक अच्छा, बल्कि बहुत अच्छा समझौता करने का मौका है।'
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, 'मैं कई महीनों से ईरान के साथ काम कर रहा हूं और उन्हें इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए। यह एक अच्छा समझौता है — यह उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देता, असल में यह उन्हें कभी भी परमाणु हथियार रखने से पूरी तरह रोकता है।' उन्होंने यह भी कहा, 'हम समझौते के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन वे हमें लगातार टालते रहे हैं।'
तेल टैंकर पर भी कार्रवाई
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी बलों ने उसी दिन एक और तेल टैंकर को रोका जो अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी तेल ले जा रहा था। पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी सेट्टेबेल्लो के इंजन रूम पर सटीक हथियारों से हमला किया गया, क्योंकि चालक दल ने कई बार दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया। सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले 'ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामक गतिविधियों' के जवाब में किए गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा
हेगसेथ ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रहे सैन्य अभियान अमेरिकी रणनीति का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक बैरल तेल अमेरिकी सुरक्षा के बीच इस मार्ग से सुरक्षित गुजर चुका है। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को नियंत्रित करता है।' पेंटागन प्रमुख ने यह भी कहा कि सेंटकॉम ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी कमज़ोर कर दिया है।
आगे क्या होगा
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सैन्य कार्रवाई और कूटनीति दोनों साथ-साथ चल रही हैं। उन्होंने कहा, 'सीधी सी बात है — ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता, और वह नहीं होगा। उन्हें बस एक कागज पर हस्ताक्षर करने हैं।' हेगसेथ ने भी दोहराया कि ईरान के लिए समझदारी इसी में है कि वह समझौते को स्वीकार करे, अन्यथा और हमले हो सकते हैं। खाड़ी क्षेत्र में तनाव का यह दौर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए गंभीर संकेत है।