पीट हेगसेथ की ईरान को चेतावनी: परमाणु समझौता नहीं तो बमों से होगी बातचीत, अमेरिका तैयार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 11 जून 2026 को फ्लोरिडा स्थित मैकडिल एयरफोर्स बेस पर यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) मुख्यालय में ईरान को कड़ी चेतावनी दी — जब तक तेहरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर परमाणु समझौता नहीं करता, तब तक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। हेगसेथ ने स्पष्ट कहा कि यदि कूटनीति विफल रही, तो अमेरिका 'बमों के ज़रिए बातचीत' करने में सक्षम है और इसमें कोई उससे बेहतर नहीं।
मैकडिल बेस से क्या बोले हेगसेथ
हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा, 'सेंट्रल कमांड आज रात काफी व्यस्त रहेगा, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है — हम ईरान पर जबरदस्त हमला करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि आगे और सैन्य कार्रवाइयाँ पहले से योजना में हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से परमाणु वार्ता चल रही है, लेकिन बार-बार गतिरोध आ जाता है।
ईरान के पास समझौते का मौका
हेगसेथ ने कहा, 'ईरान के पास एक बेहतरीन समझौता करने का अवसर है — जो तय हुआ था, उसे पूरा करें। लेकिन वे ऐसा करने को तैयार नहीं दिखे हैं।' उन्होंने ट्रंप को 'दुनिया के सबसे बड़े डील मेकर' बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति समझौते के लिए तैयार हैं और ईरान को यह मौका गँवाना नहीं चाहिए। उनके अनुसार ईरान ने बातचीत को बार-बार टाला है, जबकि एक पूरा कूटनीतिक रास्ता पहले ही दिया जा चुका है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और होर्मुज़ की सुरक्षा
हेगसेथ ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नामक एक नए ऑपरेशन का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है। उनके अनुसार, 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अमेरिकी सुरक्षा के तहत गुज़र चुका है। उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस जलडमरूमध्य को नियंत्रित करता है।
ईरान की सैन्य क्षमता पर असर का दावा
हेगसेथ ने दावा किया कि हाल की कार्रवाइयों से ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमज़ोर हुई है — उसकी नौसेना, वायुसेना, एयर डिफेंस और शक्ति प्रदर्शन की क्षमता प्रभावित हुई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में पुलों, बिजली व्यवस्था या अन्य बुनियादी ढाँचे पर भी हमले हो सकते हैं, तो उन्होंने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया, लेकिन कहा कि अमेरिका बिना सोचे-समझे हमला नहीं करता। उन्होंने कहा, 'हम अपने तरीके और अपने चुने हुए लक्ष्यों पर हमला करेंगे, ताकि हमारे ऑपरेशन का माहौल बेहतर हो और ईरान की क्षमता कमज़ोर हो सके।'
परमाणु वार्ता का पृष्ठभूमि
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उसकी मध्य-पूर्व रणनीति का मुख्य लक्ष्य है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से वार्ता जारी है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सीमा और प्रतिबंधों में राहत देने के क्रम को लेकर मतभेदों के कारण बातचीत बार-बार रुक जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है। आने वाले दिनों में सेंटकॉम की गतिविधियाँ और तेहरान की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह कूटनीतिक संकट किस दिशा में जाता है।