ईरान के खिलाफ जमीनी हमले के लिए तैयार: पीट हेगसेथ का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ईरान के खिलाफ जमीनी हमले के लिए तैयार है।
- संघर्ष केवल अमेरिका की शर्तों पर खत्म होगा।
- बातचीत विफल होने पर बम से बातचीत का विकल्प मौजूद है।
- अमेरिका की रणनीति अनिश्चितता पर आधारित है।
- ईरान को कूटनीतिक स्तर पर सावधानी से विचार करना चाहिए।
वाशिंगटन, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को यह दावा किया कि वे 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' के लिए तैयार हैं और संघर्ष केवल उनकी शर्तों पर समाप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो 'बम के माध्यम से बातचीत' को लागू किया जाएगा।
वाशिंगटन डीसी में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का अपडेट देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन ने आगामी योजनाओं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जज्बे और सैन्य विकल्पों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और इसमें तेजी लाई जा रही है, लेकिन सैन्य विकल्प भी खुले हैं। यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है। हालाँकि, शायद इसकी आवश्यकता न पड़े।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका की रणनीति थोड़ी 'अनप्रेडिक्टेबल' यानी अनिश्चित रखी गई है, ताकि दुश्मन यह अनुमान न लगा सके कि अगला कदम क्या होगा।
उन्होंने कहा, "कोई युद्ध तब तक नहीं लड़ा जा सकता, जब तक आप अपने विरोधी को यह न बता दें कि आप क्या करने को तैयार हैं और क्या नहीं—जिसमें जमीनी सैनिकों की तैनाती भी शामिल है।"
हेगसेथ ने आगे कहा, "हमारा विरोधी इस समय सोच रहा है कि ऐसे 15 अलग-अलग तरीके हैं जिनसे हम जमीनी सैनिकों के साथ उन पर हमला कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका "उन विकल्पों को अमल में ला सकता है। या शायद हमें उनका उपयोग करने की आवश्यकता ही न पड़े। शायद बातचीत से बात बन जाए। मुख्य बात यह है कि इस मामले में अप्रत्याशित बने रहें - निश्चित रूप से किसी को भी यह न पता चलने दें कि आप क्या करने को तैयार हैं और क्या नहीं।"
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने भी पत्रकारों से कहा कि यूएस की सेना जिन "सैन्य विकल्पों की श्रृंखला" को लागू कर सकती है, वह "काफी व्यापक" है।
उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति के निर्णय लेने की क्षमता को सीमित नहीं करना चाहूंगा, लेकिन कई ऐसी बातें हैं—जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है, जिस पर ईरान को ध्यान देना चाहिए—कि हमारे सैनिक वहां मौजूद हैं और वे एक दबाव बिंदु का काम करते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए उन्हें कूटनीतिक स्तर पर सावधानीपूर्वक विचार करना चाहिए।"
इस बीच, ट्रंप के नाटो पर हमलावर रवैये को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि 'मिशन तो हमारी शर्तों पर ही खत्म होगा।' राष्ट्रपति के शब्दों में कहें तो, इसे लेकर कोई संदेह नहीं है। जहां तक नाटो की बात है, यह निर्णय राष्ट्रपति पर ही छोड़ दिया जाएगा। लेकिन मैं बस इतना कहूंगा कि बहुत कुछ स्पष्ट हो गया है।
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि दुनिया को यह दिख गया है कि जब हम आजाद दुनिया की तरफ से इतने बड़े पैमाने पर कोई कोशिश करते हैं, तो हमारे सहयोगी अमेरिका के लिए क्या करने को तैयार होते हैं? उनकी मिसाइलों के रेंज में अमेरिका नहीं है। वे हमारे सहयोगियों और दूसरों तक पहुंचती हैं। फिर भी, जब हम अतिरिक्त मदद या केवल बुनियादी हवाई मार्ग की अनुमति मांगते हैं, तो हमें सवालों, रुकावटों या हिचकिचाहट का सामना करना पड़ता है।
इसके बाद हेगसेथ ने अंत में ट्रंप के ट्रुथ पोस्ट का मतलब समझाते हुए कहा कि राष्ट्रपति यही इशारा कर रहे हैं कि यदि आपके पास ऐसे देश हैं जो आवश्यकता पड़ने पर आपके साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं, तो फिर आपके गठबंधन का कोई खास महत्व नहीं रह जाता है।