'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता, अमेरिका-इजरायल ने सभी लक्ष्यों को प्राप्त किया: पीट हेगसेथ
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वाशिंगटन, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चलाया गया 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' सफल रहा है और अमेरिका-इजरायल ने अपने सभी उद्देश्यों को पूरा कर लिया है। हेगसेथ के मुताबिक, 'नई सत्ता' के साथ उनकी बातचीत सही दिशा में चल रही है।
बुधवार को पेंटागन में पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजफायर के कारणों की व्याख्या की।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के पास इतनी शक्ति थी कि वे कुछ ही मिनटों में ईरान की अर्थव्यवस्था को ठप कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप ने जानबूझकर नरमी दिखाई, क्योंकि ईरान दबाव में आकर सीजफायर मानने के लिए तैयार हो गया था। अमेरिका यदि चाहता तो बड़ा नुकसान पहुँचा सकता था, लेकिन उसने रुकने का निर्णय लिया।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि ईरान की नई सरकार को यह समझ में आ गया है कि संघर्ष से उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा, इसलिए समझौता करना ही बेहतर है। नई सरकार ने अपने पिछले अनुभवों से सबक लिया है। उन्हें पता है कि इस समझौते का मतलब है कि उनके पास “कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।”
अमेरिका का दावा है कि उसने दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक को नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने सिर्फ 40 दिनों में 10 फीसदी युद्ध क्षमता का उपयोग करते हुए, “दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक” को खत्म कर दिया।
हेगसेथ का कहना है कि ईरान अपनी रक्षा में असफल रहा है, और तेहरान के खिलाफ यूएस-इजरायली संयुक्त अभियान में सभी निर्धारित लक्ष्य हासिल किए गए।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, “ईरान की नौसेना अब समुद्र तल में चली गई है… ईरान के पास अब कोई एयर डिफेंस सिस्टम नहीं है… उनका मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।”
जनरल डैन केन ने बताया कि देश की सेनाओं ने ईरान में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। 80 फीसदी एयर डिफेंस सिस्टम और 90 फीसदी से ज्यादा नौसैनिक बेड़े और 90 फीसदी हथियार फैक्ट्रियों को नष्ट किया गया है।
उन्होंने कहा, "ईरान को किसी भी बड़ी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयारी करने में कई साल लगेंगे। और यह सीजफायर केवल एक पॉज है।" केन ने कहा कि यदि युद्ध अभियान को फिर से शुरू करने का आदेश दिया जाता है, तो सेना तैयार है।