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अमेरिकी हमले में ईरान के वायु रक्षा ठिकाने, रडार साइट और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तबाह — सेंटकॉम

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अमेरिकी हमले में ईरान के वायु रक्षा ठिकाने, रडार साइट और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तबाह — सेंटकॉम

सारांश

अमेरिका ने ईरान के वायु रक्षा ढाँचे पर सीधा हमला किया — होर्मुज स्ट्रेट के पास अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के एक दिन बाद। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर की गई यह कार्रवाई अमेरिका-ईरान तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है, जिसका असर दुनिया की 20% तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।

मुख्य बातें

9 जून को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ( सेंटकॉम ) ने ईरान के वायु रक्षा ठिकानों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार साइटों पर हमला किया।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर आत्मरक्षा के तहत की गई।
8 जून को होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया गया था; दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल किया।
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है, जिससे यह तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेनाएँ क्षेत्र में किसी भी नए खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 9 जून को ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट के निकट स्थित वायु रक्षा प्रणालियाँ, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार साइटें नष्ट की गईं। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर आत्मरक्षा के तहत की गई, एक दिन पहले कथित तौर पर ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में।

मुख्य घटनाक्रम

8 जून को ओमान के तट के पास एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उस समय पेंटागन ने दुर्घटना के कारणों की जाँच की बात कही थी और दुश्मन की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की थी। हेलीकॉप्टर के दोनों चालक दल के सदस्यों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया — यह अभियान अमेरिकी नौसैनिक बलों की सेंट्रल कमांड और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के नेतृत्व में चलाया गया।

इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे हमारी सेना से जानकारी मिली है कि कल रात ईरानियों ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे हमारे बेहद उन्नत अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले का जवाब देना अनिवार्य है।

सेंटकॉम का आधिकारिक बयान

सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, 'अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने 9 जून को आत्मरक्षा के तहत ईरान पर हमले किए। यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर की गई और इसका कारण एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराया जाना था।'

बयान के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के वायु रक्षा ठिकानों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने इसे हाल के दिनों में अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में संतुलित प्रतिक्रिया बताया।

होर्मुज स्ट्रेट का सामरिक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है — दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर सीधे पड़ सकता है।

आगे की स्थिति

हमलों के बाद सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेनाएँ पूरी तरह सतर्क हैं और क्षेत्र में किसी भी नए खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि ये हमले अपाचे हेलीकॉप्टर की घटना से सीधे जुड़े पहले सार्वजनिक रूप से घोषित अमेरिकी सैन्य हमले थे, जो अमेरिका-ईरान तनाव में बड़ी बढ़ोतरी के संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी महज एक दिन में सैन्य हमले की घोषणा हो गई — यह निर्णय की गति और आधार दोनों पर सवाल खड़े करता है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी लंबे सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा, जिसकी कीमत भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को भी चुकानी होगी। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में ईरान का पक्ष अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
सेंटकॉम के अनुसार, यह हमला आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया गया क्योंकि कथित तौर पर ईरान ने 8 जून को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे सीधे ईरान की कार्रवाई बताया और जवाब देना अनिवार्य बताया।
अमेरिकी हमले में ईरान के कौन-से ठिकाने निशाने पर थे?
सेंटकॉम के बयान के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियाँ, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार साइटें निशाने पर थीं। हमले में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल किया।
अपाचे हेलीकॉप्टर के पायलटों का क्या हुआ?
हेलीकॉप्टर के दोनों चालक दल के सदस्यों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया। यह बचाव अभियान अमेरिकी नौसैनिक बलों की सेंट्रल कमांड और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के नेतृत्व में चला।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में सैन्य तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच और टकराव की आशंका है?
हमलों के बाद सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेनाएँ पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी नए खतरे का जवाब देने को तैयार हैं। विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है, हालाँकि ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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