अमेरिकी हमले में ईरान के वायु रक्षा ठिकाने, रडार साइट और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तबाह — सेंटकॉम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 9 जून को ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट के निकट स्थित वायु रक्षा प्रणालियाँ, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार साइटें नष्ट की गईं। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर आत्मरक्षा के तहत की गई, एक दिन पहले कथित तौर पर ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में।
मुख्य घटनाक्रम
8 जून को ओमान के तट के पास एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उस समय पेंटागन ने दुर्घटना के कारणों की जाँच की बात कही थी और दुश्मन की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की थी। हेलीकॉप्टर के दोनों चालक दल के सदस्यों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया — यह अभियान अमेरिकी नौसैनिक बलों की सेंट्रल कमांड और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के नेतृत्व में चलाया गया।
इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे हमारी सेना से जानकारी मिली है कि कल रात ईरानियों ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे हमारे बेहद उन्नत अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले का जवाब देना अनिवार्य है।
सेंटकॉम का आधिकारिक बयान
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, 'अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने 9 जून को आत्मरक्षा के तहत ईरान पर हमले किए। यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर की गई और इसका कारण एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराया जाना था।'
बयान के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के वायु रक्षा ठिकानों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने इसे हाल के दिनों में अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में संतुलित प्रतिक्रिया बताया।
होर्मुज स्ट्रेट का सामरिक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है — दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर सीधे पड़ सकता है।
आगे की स्थिति
हमलों के बाद सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेनाएँ पूरी तरह सतर्क हैं और क्षेत्र में किसी भी नए खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि ये हमले अपाचे हेलीकॉप्टर की घटना से सीधे जुड़े पहले सार्वजनिक रूप से घोषित अमेरिकी सैन्य हमले थे, जो अमेरिका-ईरान तनाव में बड़ी बढ़ोतरी के संकेत देते हैं।