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इंडियन कोस्ट गार्ड ने दमन-गुजरात बाढ़ में 170 लोगों को बचाया, 11 HADR ऑपरेशन चलाए

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इंडियन कोस्ट गार्ड ने दमन-गुजरात बाढ़ में 170 लोगों को बचाया, 11 HADR ऑपरेशन चलाए

सारांश

भारी मानसूनी बारिश से दमन और दक्षिण गुजरात में हालात बिगड़े — इंडियन कोस्ट गार्ड ने तीन दिनों में 11 HADR और SAR अभियान चलाकर 170 लोगों को जलमग्न इलाकों, फंसी बसों और कटे गाँवों से एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला।

मुख्य बातें

इंडियन कोस्ट गार्ड ने 22 से 24 जुलाई 2026 के बीच 170 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कुल 11 HADR और SAR अभियान दमन , दादरा-नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में चलाए गए।
डिजास्टर रिलीफ टीमों और हेलीकॉप्टरों ने चौबीसों घंटे बचाव अभियान जारी रखा।
बचाव दल जलमग्न औद्योगिक क्षेत्रों, फंसी बसों और कटे हुए गाँवों तक पहुँचा।
सिविल प्रशासन के साथ समन्वय कर अभियान संचालित किया गया।

इंडियन कोस्ट गार्ड ने 22 से 24 जुलाई 2026 के बीच दमन, दादरा-नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में भारी बाढ़ के बीच 11 मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) और खोज एवं बचाव (SAR) अभियान चलाकर 170 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इन क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन कोस्ट गार्ड की टीमों ने सिविल प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए चौबीसों घंटे बचाव मिशन संचालित किए। इस दौरान डिजास्टर रिलीफ टीमों और हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में निरंतर अभियान जारी रखा। 23 जुलाई 2026 को भी इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन, दमन से बाढ़ पीड़ितों को बचाने के प्रयास जारी रहे।

कहाँ-कहाँ पहुँचा बचाव दल

कोस्ट गार्ड की डिजास्टर रिलीफ टीम (DRT) ने बाढ़ग्रस्त नदी किनारों, जलमग्न औद्योगिक क्षेत्रों, फंसी हुई बसों और कटे हुए गाँवों तक पहुँचकर कमज़ोर, बीमार और असहाय लोगों को बाहर निकाला। रिपोर्टों के अनुसार, टीमें वहाँ तक पहुँचीं जहाँ अन्य बचाव दल नहीं पहुँच सके।

सरकार की प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्रालय ने कोस्ट गार्ड के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन 'जान बचाने और देश की सेवा करने के पक्के इरादे' को दर्शाता है। सिविल प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की यह रणनीति आपदा प्रबंधन में समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है।

आम जनता पर असर

दमन, दादरा-नगर हवेली और दक्षिण गुजरात के बड़े हिस्से में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई इलाके अभी भी जलमग्न हैं और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी है।

क्या होगा आगे

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इंडियन कोस्ट गार्ड के बचाव अभियान जारी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र हर मानसून सीजन में बाढ़ की चपेट में आता है, और इस वर्ष बारिश की तीव्रता असामान्य रूप से अधिक बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि दमन और दादरा-नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में हर मानसून में यही तस्वीर क्यों दोहराई जाती है। बचाव प्रभावशाली है, पर दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण अवसंरचना की अनुपस्थिति एक नीतिगत विफलता की ओर इशारा करती है। जब तक नदी प्रबंधन और शहरी जल निकासी में ठोस निवेश नहीं होता, हर साल यही आपातकालीन चक्र चलता रहेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियन कोस्ट गार्ड ने दमन-गुजरात बाढ़ में कितने लोगों को बचाया?
इंडियन कोस्ट गार्ड ने 22 से 24 जुलाई 2026 के बीच दमन, दादरा-नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में चलाए गए 11 HADR और SAR अभियानों के ज़रिए कुल 170 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
HADR और SAR ऑपरेशन क्या होते हैं?
HADR का अर्थ है 'ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ' और SAR का अर्थ है 'सर्च एंड रेस्क्यू'। ये सशस्त्र बलों द्वारा आपदा के समय नागरिकों की सुरक्षा और राहत के लिए चलाए जाने वाले विशेष अभियान होते हैं।
दमन और दक्षिण गुजरात में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
भारी मानसूनी बारिश के कारण दमन, दादरा-नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। कई इलाके जलमग्न हैं, औद्योगिक क्षेत्र डूबे हैं और कई गाँव मुख्य क्षेत्रों से कट गए हैं।
बचाव अभियान में किन-किन संसाधनों का उपयोग किया गया?
इंडियन कोस्ट गार्ड ने डिजास्टर रिलीफ टीमों (DRT) और हेलीकॉप्टरों का उपयोग करते हुए चौबीसों घंटे बचाव अभियान चलाया। सिविल प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए जलमग्न इलाकों, फंसी बसों और कटे गाँवों से लोगों को एयरलिफ्ट किया गया।
क्या यह बचाव अभियान अभी भी जारी है?
रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ की स्थिति बनी रहने के कारण बचाव प्रयास जारी हैं। 23 जुलाई 2026 को भी इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन, दमन से बाढ़ पीड़ितों को बचाने के अभियान चलाए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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