फ्रांस-स्पेन में जंगल की आग बेकाबू: 1.41 लाख से अधिक बेघर, राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग ने 25 जुलाई को विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे 1.41 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना पड़ा और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को राष्ट्रीय वाइल्डफायर इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में फैली आग को अब तक का सबसे गंभीर संकट बताया जा रहा है, जबकि स्पेन में मैड्रिड के आसपास भी हालात नाज़ुक बने हुए हैं।
फ्रांस में निकासी अभियान
फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने बताया कि बॉरदॉ के निकट स्थित गिरोंद और लांद क्षेत्रों से अब तक 1.41 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। इन इलाकों में इसी सप्ताह की शुरुआत में आग भड़की थी।
ला नोवेल-अकितेन और गिरोंद क्षेत्र की स्थानीय प्रशासन प्रमुख सोफी ब्रोका ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि ले हायालन, आइजिन और मेरिग्नाक इलाकों को खाली कराया जा रहा है। गिरोंद प्रशासन ने बॉरदॉ के पश्चिमी उपनगरों के साथ-साथ शहर के हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों को भी खाली कराने का आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने एक्स पर लिखा, 'देश में लगी ये आग अब तक के सबसे गंभीर स्तर पर पहुँच चुकी है।' उनके अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए 500 से अधिक सैन्यकर्मी अग्निशमन दलों की सहायता में तैनात किए जा चुके हैं और आवश्यकतानुसार और जवान भेजे जाएँगे।
सुरक्षा उपाय और राहत अभियान
धुएँ से बचाव के लिए गिरोंद क्षेत्र में लोगों और बचावकर्मियों के लिए 15 लाख मास्क भेजे गए हैं। लेकोर्नू ने स्पष्ट किया कि यह वितरण ज़मीन पर काम कर रहे कर्मचारियों और धुएँ के संपर्क में आने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। फ्रांसीसी सेना को भी पहली बार इस पैमाने पर अग्निशमन अभियान में शामिल किया गया है।
स्पेन में राष्ट्रीय आपातकाल
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए स्वीकार किया कि हालात अभी भी 'जटिल' बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि तापमान में कुछ गिरावट के बावजूद हवा का रुख स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
एल पाइस की रिपोर्ट के अनुसार, सांचेज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जंगलों में लगने वाली आग पहले से अधिक तीव्र और विनाशकारी होती जा रही है, जो 'कई मामलों में वैज्ञानिक अनुमानों से भी आगे निकल रही है।' उन्होंने बताया कि 'जनवरी से अब तक स्पेन में करीब 1.30 लाख हेक्टेयर (लगभग 3.21 लाख एकड़) भूमि आग की चपेट में आ चुकी है, जो पिछले एक दशक के वार्षिक औसत 1 लाख हेक्टेयर से अधिक है।'
जलवायु नीति और आगे की राह
सांचेज ने एक बार फिर जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समझौते की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि उन्होंने पिछले वर्ष जलवायु संकट से निपटने के लिए 10 सूत्रीय योजना की घोषणा की थी, जिसमें एक राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसी का गठन, पूरे देश में जलवायु शरण केंद्रों का नेटवर्क तैयार करना और जंगल प्रबंधन तथा भूमि उपयोग नीतियों में बदलाव जैसे प्रस्ताव शामिल थे।
यह संकट ऐसे समय में आया है जब पूरे यूरोप में गर्मी की लहर चरम पर है और जलवायु विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि भूमध्यसागरीय क्षेत्र में वाइल्डफायर की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ती रहेगी। फ्रांस और स्पेन दोनों देशों में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है, और आने वाले दिनों में हवा की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।