फ्रांस-स्पेन में जंगलों की आग का कहर: 3.75 लाख विस्थापित, सांचेज बोले — 'आइबेरियन प्रायद्वीप जलवायु संकट झेल रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगलों की आग ने विकराल रूप ले लिया है, जिसके चलते अब तक करीब 3.75 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने 27 जुलाई को कहा कि स्पेन और पुर्तगाल समेत पूरा आइबेरियन प्रायद्वीप जलवायु संकट के गंभीर प्रभावों को बेहद स्पष्ट रूप से महसूस कर रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार से फ्रांस में एक और हीटवेव शुरू हो सकती है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में लगी आग अब तक पेरिस के क्षेत्रफल से लगभग चार गुना बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले चुकी है। शनिवार रात तेज हवाओं के कारण आग बुझाने के प्रयासों में भारी मुश्किलें आईं और स्थिति बेहद अप्रत्याशित हो गई। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा कि शनिवार रात स्थिति बेहद कठिन रही, हालाँकि रात के अंत तक आग की तीव्रता कुछ हद तक कम हुई।
बोर्दो के मेयर थॉमस काजेनाव ने बताया कि गिरोंद की आग शहर से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर महानगरीय क्षेत्र की सीमा तक पहुँच गई है, हालाँकि अभी पूरे शहर को खाली कराने की कोई योजना नहीं है। नूवेल-अकितेन क्षेत्र की प्रीफेक्ट सोफी ब्रोका ने कहा कि इस तरह की अप्रत्याशित जंगलों की आग फ्रांस में पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि जब तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पा लिया जाता, तब तक गिरोंद की यात्रा न करें।
विस्थापन और राहत कार्य
आग से प्रभावित कुल 3.75 लाख लोगों में फ्रांस में लगभग 2.6 लाख और स्पेन में इस सप्ताह 1.16 लाख लोग शामिल हैं। फ्रांस के दक्षिण के लांद क्षेत्र में लगी दूसरी आग के कारण इस सप्ताह अतिरिक्त 36,000 लोगों को भी घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
गिरोंद में आग बुझाने के लिए 2,500 दमकलकर्मी — जिनमें स्विट्जरलैंड की एक टीम भी शामिल है — 1,500 सैनिक और करीब 1,200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। नागरिक सुरक्षा संगठनों के 450 स्वयंसेवक भी राहत कार्य में जुटे हैं। बुधवार से अब तक गिरोंद की आग में 84 दमकलकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को अस्पताल ले जाना पड़ा।
फ्रांस के सीएफडीटी यूनियन के संघीय सचिव सेबास्टियन बुविए ने चिंता जताई कि दमकलकर्मियों के पास जहरीले धुएँ से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। इस बीच सप्ताहांत के दौरान गिरोंद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया — एक व्यक्ति जंगल में धूम्रपान कर रहा था, जबकि दो लोग वन क्षेत्र में बारबेक्यू कर रहे थे।
सरकारों की प्रतिक्रिया
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस आपात स्थिति पर चर्चा के लिए सोमवार को संकट कैबिनेट की बैठक बुलाई। स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को बताया कि रातभर आग की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रही और कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
स्पेन में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने मैड्रिड के पश्चिम में दमकलकर्मियों के अग्रिम कमांड पोस्ट का दौरा किया। उन्होंने कहा, 'हम अभी भी कठिन दौर से गुजर रहे हैं, हालाँकि ताजा जानकारी के अनुसार पिछली रात आग पर नियंत्रण के लिहाज से सकारात्मक रही।' स्पेन के सैन्य आपातकालीन इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मैड्रिड के पास आग वाले प्रमुख इलाकों को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है।
स्पेन की तीसरी उप-प्रधानमंत्री और पारिस्थितिकीय परिवर्तन मंत्री सारा आगेसेन ने सोमवार से शुरू होने वाली संभावित चौथी हीटवेव की आशंका के बीच अधिकतम सतर्कता बरतने की अपील की।
जलवायु संकट का संदर्भ
फ्रांस के राष्ट्रीय दमकलकर्मी महासंघ के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की आग ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में पहले देखी गई है, लेकिन फ्रांस के लिए यह पहली बार है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप भर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे की स्थिति बन रही है। सांचेज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कहीं जंगलों में आग लग रही है, कहीं भीषण तूफान आ रहे हैं और कहीं भारी बर्फबारी हो रही है — 'पूरा आइबेरियन प्रायद्वीप जलवायु संकट के प्रभावों को बेहद स्पष्ट रूप से महसूस कर रहा है।'
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से शुरू होने वाली संभावित चौथी हीटवेव के दौरान देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है, जिससे जंगलों में आग का खतरा और बढ़ सकता है। गौरतलब है कि यह यूरोप में इस गर्मी के मौसम की सबसे गंभीर आग-आपदाओं में से एक बन चुकी है।