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यूरोप में भीषण हीटवेव: फ्रांस के 68,000 घरों में बिजली गुल, इटली-नीदरलैंड्स समेत कई देशों में रेड अलर्ट

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यूरोप में भीषण हीटवेव: फ्रांस के 68,000 घरों में बिजली गुल, इटली-नीदरलैंड्स समेत कई देशों में रेड अलर्ट

सारांश

यूरोप की यह हीटवेव सिर्फ मौसम की खबर नहीं — यह महाद्वीप के बुनियादी ढाँचे की परीक्षा है। फ्रांस में 68,000 घर अंधेरे में, ब्रिटेन में ट्रेनें ठप, इटली के 16 शहरों में रेड अलर्ट — और विशेषज्ञों के अनुसार असली चुनौती अभी पूर्वी यूरोप में आनी बाकी है।

मुख्य बातें

पश्चिमी फ्रांस में 24 जून को लगभग 68,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हुई — मौजूदा हीटवेव की पहली बड़ी कटौती।
फ्रांस में मंगलवार को अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज, औसत तापमान 29.8°C ; सप्ताहांत तक 40-42°C की आशंका।
फ्रांस में असुरक्षित स्थानों पर तैराकी के दौरान 40 लोगों की डूबने से मौत दर्ज।
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलान, रोम समेत 16 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया।
ब्रिटेन में समरसेट, बकिंघमशायर, ग्लॉस्टरशायर के करीब 286 स्कूल बंद या आंशिक रूप से बंद।
हीटवेव के पूर्वी यूरोप तक फैलने की आशंका; हंगरी ने शनिवार से मंगलवार तक अधिकतम अलर्ट घोषित किया।

यूरोप के बड़े हिस्से में इस समय रिकॉर्डतोड़ हीटवेव का कहर जारी है, जिसने 24 जून 2026 तक ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स, पोलैंड, क्रोएशिया और हंगरी सहित दर्जनों देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। पश्चिमी फ्रांस में लगभग 68,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जबकि इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलान और रोम समेत 16 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों के अनुसार, वायुमंडलीय ठहराव और वैश्विक तापमान वृद्धि ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

पश्चिमी फ्रांस में बुधवार, 24 जून को भीषण गर्मी के बीच लगभग 68,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यह मौजूदा हीटवेव के दौर में देश की पहली बड़ी बिजली कटौती है। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को फ्रांस में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जब देश का औसत तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत तक तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, और रात में भी 23 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की आशंका है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी इस समय अत्यधिक गर्मी की चपेट में है, जहाँ कई क्षेत्रों में तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके अलावा, हाल के दिनों में असुरक्षित स्थानों पर तैराकी के दौरान 40 लोगों की डूबने से मौत दर्ज की गई है।

ब्रिटेन में ट्रेन सेवाएँ और स्कूल प्रभावित

ब्रिटेन में मौसम की मार से ट्रेन सेवाएँ बाधित हो गई हैं। परिवहन अधिकारियों ने लोगों से बुधवार और गुरुवार को यात्रा करने से बचने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यात्रियों को 'बाधित सफर के लिए तैयार रहना' होगा। नेशनल रेल ने शुक्रवार तक गैटविक एक्सप्रेस, ग्रेट नॉर्दर्न, सदर्न और थेम्सलिंक सेवाओं में व्यवधान की आशंका जताई है।

स्कूलों पर भी असर साफ दिख रहा है। समरसेट में लगभग 100 स्कूल बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह बंद रहेंगे। बकिंघमशायर में करीब 100 स्कूल आंशिक रूप से बंद रहेंगे, जबकि ग्लॉस्टरशायर में 86 स्कूल प्रभावित होंगे।

यूरोप के अन्य देशों में अलर्ट की स्थिति

इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार के लिए मिलान और रोम समेत 16 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है।

नीदरलैंड्स में बुधवार से कम से कम शुक्रवार तक मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 'कोड ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। एम्स्टर्डम में सिटी पास रखने वाले लोगों को 6 आउटडोर स्विमिंग पूल में मुफ्त तैराकी की सुविधा दी गई है, जबकि राष्ट्रीय रेल कंपनी ने गर्मी के कारण कई रूट्स पर ट्रेनों की संख्या कम करने का फैसला किया है।

पोलैंड के मौसम विभाग ने गुरुवार से शनिवार तक देश के पश्चिमी हिस्से में उच्च स्तर की गर्मी की चेतावनी जारी की है। क्रोएशिया के एड्रियाटिक तट पर शुक्रवार और शनिवार के लिए रेड अलर्ट जारी है। हंगरी, जो पहले से ही दूसरे स्तर के हीट अलर्ट पर था, ने शनिवार से मंगलवार तक अधिकतम स्तर का अलर्ट घोषित करने का फैसला किया है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, यह अत्यधिक गर्मी वायुमंडलीय परिस्थितियों और हवा के ठहराव के कारण हो रही है, जिससे गर्म हवा कई दिनों तक एक ही स्थान पर फँसी रहती है। उनका कहना है कि वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप पिछले कुछ वर्षों से लगातार तीव्र होती गर्मियों का सामना कर रहा है, जो जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक प्रभाव का संकेत है।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में यह हीटवेव पूर्वी यूरोप तक फैलने की आशंका है। कई देशों की सरकारें आपातकालीन उपाय लागू कर रही हैं — शीतलन केंद्र खोले जा रहे हैं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपीलें जारी हो रही हैं। यूरोपीय देशों की इस सामूहिक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि यह केवल मौसमी घटना नहीं, बल्कि एक व्यापक जलवायु संकट का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 घरों की बिजली कटौती और ब्रिटेन में ट्रेनों का ठप होना यह बताता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाएँ भी जलवायु अनुकूलन में पिछड़ रही हैं। गौरतलब है कि 2003 की यूरोपीय हीटवेव में 70,000 से अधिक मौतें हुई थीं, फिर भी दो दशक बाद भी तैयारी अधूरी दिखती है। असली सवाल यह है कि क्या यह संकट नीतिगत बदलाव की गति को तेज करेगा, या अगली हीटवेव तक फिर भुला दिया जाएगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोप में इस समय हीटवेव कितनी गंभीर है?
यूरोप में जून 2026 की हीटवेव ने कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फ्रांस में तापमान 40-42°C तक पहुँचने की आशंका है, इटली के 16 शहरों में रेड अलर्ट है और फ्रांस की 90% से अधिक आबादी अत्यधिक गर्मी की चपेट में है।
फ्रांस में बिजली कटौती क्यों हुई और कितने घर प्रभावित हुए?
भीषण गर्मी के कारण बिजली की माँग अचानक बढ़ने से पश्चिमी फ्रांस में 24 जून को लगभग 68,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यह मौजूदा हीटवेव के दौर में देश की पहली बड़ी बिजली कटौती है।
ब्रिटेन में हीटवेव का क्या असर पड़ा है?
ब्रिटेन में ट्रेन सेवाएँ बाधित हैं और नेशनल रेल ने शुक्रवार तक गैटविक एक्सप्रेस, ग्रेट नॉर्दर्न, सदर्न और थेम्सलिंक पर व्यवधान की आशंका जताई है। इसके अलावा समरसेट, बकिंघमशायर और ग्लॉस्टरशायर में करीब 286 स्कूल बंद या आंशिक रूप से बंद किए गए हैं।
हीटवेव से यूरोप के कौन-कौन से देश प्रभावित हैं?
फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, नीदरलैंड्स, पोलैंड, क्रोएशिया और हंगरी सहित कई देश इस हीटवेव की चपेट में हैं। आने वाले दिनों में यह पूर्वी यूरोप तक फैलने की आशंका है।
इस हीटवेव का कारण क्या है और क्या यह आगे और बढ़ेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, वायुमंडलीय परिस्थितियों और हवा के ठहराव के कारण गर्म हवा कई दिनों तक एक ही स्थान पर फँसी रहती है, और वैश्विक तापमान वृद्धि ने इसे और गंभीर बनाया है। हंगरी ने शनिवार से मंगलवार तक अधिकतम अलर्ट घोषित किया है, जो दर्शाता है कि यह संकट अभी और गहरा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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