इंग्लैंड में हीटवेव से 2,877 अतिरिक्त मौतें, पिछले साल से दोगुना — UKHSA रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) की एक अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड में मई और जून 2026 के दौरान पड़ी भीषण हीटवेव से अनुमानित 2,877 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं — जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग दोगुनी हैं। यह आँकड़ा अभी अंतरिम है, फिर भी यह 2022 के वार्षिक रिकॉर्ड के करीब पहुँच चुका है, जिसे अब तक का सबसे घातक हीटवेव वर्ष माना जाता है।
दो हीटवेव, दो अलग-अलग तबाही
रिपोर्ट के अनुसार, 24 से 27 मई के बीच आई पहली हीटवेव में लगभग 753 अतिरिक्त मौतें हुईं। इसके बाद 21 से 28 जून के बीच पड़ी दूसरी और अधिक भीषण गर्मी की लहर में 2,124 लोगों की मौत का अनुमान है। जून की हीटवेव के दौरान UKHSA और मौसम विज्ञान विभाग ने लगातार तीन दिनों तक रेड अलर्ट जारी किया था — एक चेतावनी जो जीवन के लिए गंभीर खतरे का संकेत देती है।
एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक तापमान और उमस के कारण बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
फ्रांस में भी भयावह आँकड़े
इंग्लैंड अकेला नहीं है। फ्रांस ने जून में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतों का आँकड़ा जारी किया। 3 जुलाई को फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटेओ-फ्रांस ने अपनी मासिक जलवायु रिपोर्ट में बताया कि जून 2026 वर्ष 1947 में रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से फ्रांस का सबसे गर्म जून रहा। इस दौरान औसत तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के औसत से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
'हीट डोम इफेक्ट' — गर्मी की वैज्ञानिक वजह
मौसम वैज्ञानिकों ने यूरोप की इस असाधारण गर्मी की वजह 'हीट डोम इफेक्ट' को बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन के तट के पास बनने वाला ठंडी हवा का दबाव क्षेत्र और पश्चिमी यूरोप पर मजबूत उच्च दबाव प्रणाली मिलकर यह प्रभाव पैदा करती हैं। इस स्थिति में गर्म हवा वातावरण में फंस जाती है और लगातार सतह पर लौटकर तापमान को और बढ़ा देती है।
फ्रांस और इंग्लैंड ही नहीं, यूरोप के अन्य देश भी इस वर्ष हीटवेव की गिरफ्त में रहे हैं और यह सिलसिला जुलाई में भी जारी है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और माँगें
जलवायु विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तत्काल कमी लाना और लोगों को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए प्रभावी नीतिगत कदम उठाना अब और टाला नहीं जा सकता। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में गर्मी से जुड़ी मौतों का दीर्घकालिक रुझान लगातार ऊपर की ओर है।
गौरतलब है कि 2022 में यूरोप में हीटवेव से हज़ारों लोगों की जान गई थी — और अब 2026 की गर्मी उस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में है।