भारत में भीषण हीटवेव: 45°C पार तापमान, WHO ने जारी किए गर्मी से बचाव के अहम दिशानिर्देश
सारांश
मुख्य बातें
देशभर में भीषण हीटवेव का प्रकोप जारी है और कई राज्यों में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 22 मई 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों की पहचान और बचाव के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की है। केंद्र और राज्य सरकारें भी लगातार स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी जारी कर रही हैं।
हीटवेव की स्थिति और प्रभावित वर्ग
देश के कई हिस्सों में तापमान रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है। तेज धूप, उमस और लू के थपेड़ों से कामकाजी लोगों, किसानों और छोटे बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
WHO के अनुसार गर्मी से होने वाली बीमारियों के लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हीटवेव के दौरान शरीर में गर्मी बढ़ने और डिहाइड्रेशन के संकेतों की पहचान के लिए निम्न लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी है — चक्कर आना, कमजोरी और थकान, घबराहट या बेचैनी, तेज प्यास, तथा सिरदर्द और पेट दर्द। संगठन के अनुसार, ये लक्षण दिखते ही तत्काल सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि समय पर ध्यान न देने पर स्थिति हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी में बदल सकती है।
WHO के बचाव संबंधी दिशानिर्देश
संगठन ने कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय सुझाए हैं। लक्षण महसूस होते ही तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर चले जाएँ और शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए बार-बार पानी पीते रहें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच — जब गर्मी सबसे तीव्र होती है — बाहर निकलने से यथासंभव बचें।
सरकार और विशेषज्ञों की अपील
केंद्र और राज्य सरकारें नागरिकों से लगातार अपील कर रही हैं कि वे खुद को और अपने परिवार को लू से सुरक्षित रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर सावधानी बरतने से गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में मानसून की आमद अभी बाकी है और तापमान में राहत की उम्मीद फिलहाल कम है।