फीफा विश्व कप: बेल्जियम से 4-1 की हार के बाद पोचेटिनो बोले — 'हमारे कैंपेन पर गर्व है'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी फुटबॉल टीम के मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने 7 जुलाई 2026 को सिएटल में फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के हाथों 4-1 की करारी हार के बाद भी अपनी टीम के प्रदर्शन का बचाव किया और कहा कि इस टूर्नामेंट ने अमेरिकी फुटबॉल के भविष्य की मज़बूत नींव रखी है। पोचेटिनो ने स्वीकार किया कि टीम अपने पहले के स्तर तक नहीं पहुँच पाई, लेकिन पूरे कैंपेन को उन्होंने गर्व का विषय बताया।
मुख्य घटनाक्रम
राउंड ऑफ 16 के इस निर्णायक मुकाबले में यूएसए को बेल्जियम ने 4-1 से पराजित कर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। मैच के बाद पोचेटिनो ने कहा, 'बाहर होना दुख देता है। हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, और यही सच्चाई है। कभी-कभी, टूर्नामेंट के दौरान, एक दिन ऐसा आता है जब चीजें आपके हिसाब से नहीं होतीं। बदकिस्मती से, वह दिन आज था।'
उन्होंने यह भी जोड़ा, 'ऐसा होने का यह सही समय नहीं है, लेकिन हम उस स्तर तक नहीं पहुँच पाए, जो हमने पहले दिखाया था।'
कैंपेन पर पोचेटिनो का नज़रिया
पोचेटिनो ने हार के बावजूद टीम की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'हमें यह भी मानना चाहिए कि इस टीम ने क्या हासिल किया है। हमें अपने कैंपेन पर बहुत गर्व है। हमने इस सफर का मज़ा लिया, और आज का नतीजा दुख देता है क्योंकि हमें विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं।'
गौरतलब है कि सितंबर 2024 में यूएसए की कमान संभालने वाले पोचेटिनो के पास टीम को तैयार करने के लिए सीमित समय था। इसके बावजूद टीम का राउंड ऑफ 16 तक पहुँचना उनके लिए सकारात्मक संकेत है।
युवा पीढ़ी पर भरोसा
अर्जेंटीना के पूर्व खिलाड़ी और अनुभवी कोच पोचेटिनो ने अमेरिकी फुटबॉल के दीर्घकालिक विकास पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, 'सुधार कभी भी सीधे ऊपर जाने वाले रॉकेट जैसा नहीं होता। एक साल पहले, अगर किसी ने हमसे कहा होता कि हम वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम से खेलेंगे, तो हर कोई कहता कि हमें अभी बहुत काम करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह उम्मीद करना वास्तविक नहीं है कि सब कुछ जल्दी हो जाएगा। हमने दिखाया है कि हम सुधार कर सकते हैं और मुकाबला कर सकते हैं। हमारे पास युवा खिलाड़ियों की एक पीढ़ी आ रही है, और उन्हें बस इसी रास्ते पर बने रहने और सुधार करते रहने की ज़रूरत है।'
टीम एकता पर पोचेटिनो की बात
पोचेटिनो ने पूरे दल की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं हर उस खिलाड़ी से खुश हूँ जो इसमें शामिल था। 40 से 50 दिनों में हमें एक भी दिक्कत नहीं हुई क्योंकि हर कोई आइडिया को समझता था और सम्मान दिखाता था। यह किसी एक को जज करने का समय नहीं है — हम पूरे ग्रुप से खुश हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी फुटबॉल वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश में है और 2026 फीफा विश्व कप की मेज़बानी के साथ देश में खेल के प्रति रुचि अपने चरम पर है। टूर्नामेंट से बाहर होना निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन पोचेटिनो के नेतृत्व में यूएसए का अगला सफर किस दिशा में जाता है, यह देखने वाली बात होगी।