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सरायघाट पुल 16 जुलाई से बंद: गुवाहाटी में भारी वाहनों पर दो महीने का प्रतिबंध

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सरायघाट पुल 16 जुलाई से बंद: गुवाहाटी में भारी वाहनों पर दो महीने का प्रतिबंध

सारांश

गुवाहाटी में 63 साल पुराना सरायघाट पुल 16 जुलाई से दो महीने के लिए भारी वाहनों के लिए बंद। मरम्मत के दौरान ट्रक और बहु-धुरी वाहन नए चार लेन पुल से गुजरेंगे। हल्के वाहन और आपातकालीन सेवाएँ जारी रहेंगी।

मुख्य बातें

पुराना सरायघाट पुल 16 जुलाई से 15 सितंबर 2025 तक भारी वाहनों के लिए बंद रहेगा।
कामरूप (मेट्रो) जिला आयुक्त सुमित सत्तावन ने तकनीकी विशेषज्ञों की सिफारिश पर यह निर्णय लिया।
ट्रक, बहु-धुरी और भारी वाणिज्यिक वाहनों को नए सरायघाट पुल से जाने की सलाह दी गई है।
हल्के वाहन, दोपहिया और आपातकालीन सेवा वाहन पुराने पुल पर चलते रहेंगे।
1962 में निर्मित यह पुल ब्रह्मपुत्र पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल है।
2017 में उद्घाटित चार लेन का नया पुल भारी यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा।

ब्रह्मपुत्र नदी पर बना पुराना सरायघाट पुल 16 जुलाई 2025 से 15 सितंबर 2025 तक भारी वाहनों के लिए बंद रहेगा। कामरूप (मेट्रो) जिला प्रशासन ने 7 जुलाई को यह घोषणा करते हुए बताया कि छह दशक पुराने इस ऐतिहासिक रेल-सह-सड़क पुल की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने तथा जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला

कामरूप (मेट्रो) जिला आयुक्त सुमित सत्तावन ने बताया कि पुल की मरम्मत की देखरेख कर रहे तकनीकी विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पुल की संरचना पर बढ़ते यातायात के दबाव को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। 1962 में चालू हुआ यह पुल ब्रह्मपुत्र पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल है और पाँच दशकों से अधिक समय तक गुवाहाटी को उत्तरी असम तथा पूर्वोत्तर के शेष भागों से जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी रहा है।

संशोधित यातायात व्यवस्था

प्रतिबंध अवधि के दौरान ट्रकों, बहु-धुरी वाहनों और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों को पुराने सरायघाट पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। हालाँकि, हल्के मोटर वाहन, यात्री वाहन, दोपहिया वाहन और आपातकालीन सेवा वाहन मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार पुल पर चलते रहेंगे।

प्रशासन ने परिवहनकर्ताओं और वाणिज्यिक वाहन संचालकों को प्रतिबंध लागू रहने तक नए सरायघाट पुल का उपयोग करने की सलाह दी है। यातायात पुलिस और संबंधित विभागों को वैकल्पिक मार्ग पर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने और भीड़भाड़ रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

पुराने पुल का ऐतिहासिक महत्व

1962 में निर्मित पुराना सरायघाट पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल होने के नाते ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसने क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में दशकों तक अहम भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि बढ़ते यातायात के बोझ और पुरानी संरचना को देखते हुए अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इस पुल का रखरखाव और सुदृढ़ीकरण किया जाता रहा है।

नया पुल: वैकल्पिक मार्ग

पुराने पुल के निकट स्थित चार लेन वाले नए सरायघाट पुल का उद्घाटन 2017 में किया गया था। इसका निर्माण यातायात का बोझ कम करने और ब्रह्मपुत्र पार करने वाले वाहनों को आधुनिक विकल्प देने के उद्देश्य से हुआ था। जब भी पुराने पुल पर मरम्मत होती है, भारी वाणिज्यिक यातायात को नए पुल की ओर मोड़ा जाता है — यह व्यवस्था अब भी उसी परंपरा का हिस्सा है।

आगे क्या

प्रतिबंध 16 जुलाई से प्रभावी होगा और 15 सितंबर 2025 तक जारी रहेगा। मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य के पूरा होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पुनः सामान्य होने की उम्मीद है। प्रशासन ने वाणिज्यिक वाहन चालकों से अपील की है कि वे समय पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएँ ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल आवधिक मरम्मत की। 1962 में बना यह पुल अपनी डिज़ाइन क्षमता से कहीं अधिक यातायात झेल रहा है, और हर बार की अस्थायी बंदी असल में एक बड़े संरचनात्मक सवाल को टालती है। नए सरायघाट पुल ने राहत दी है, लेकिन पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी के लिए ब्रह्मपुत्र पर निर्भरता अभी भी एकल-बिंदु जोखिम बनी हुई है। जब तक अतिरिक्त क्रॉसिंग या रेल-सड़क विकल्पों की ठोस योजना नहीं बनती, यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुराना सरायघाट पुल कब से कब तक बंद रहेगा?
पुराना सरायघाट पुल 16 जुलाई 2025 से 15 सितंबर 2025 तक, यानी दो महीने के लिए, भारी वाहनों के लिए बंद रहेगा। यह प्रतिबंध मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य के दौरान जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया है।
बंदी के दौरान कौन-से वाहन पुल पर चल सकेंगे?
हल्के मोटर वाहन, यात्री वाहन, दोपहिया वाहन और आपातकालीन सेवा वाहन मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार पुल पर चलते रहेंगे। ट्रक, बहु-धुरी वाहन और भारी वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है।
भारी वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग क्या है?
प्रशासन ने भारी वाहन चालकों को नए सरायघाट पुल का उपयोग करने की सलाह दी है, जो 2017 में उद्घाटित चार लेन का पुल है और पुराने पुल के निकट स्थित है। यातायात पुलिस को वैकल्पिक मार्ग पर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने सरायघाट पुल का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
1962 में चालू हुआ पुराना सरायघाट पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल है। पाँच दशकों से अधिक समय तक इसने गुवाहाटी को उत्तरी असम और पूर्वोत्तर के शेष भागों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग के रूप में काम किया।
यह निर्णय क्यों लिया गया?
कामरूप (मेट्रो) जिला आयुक्त सुमित सत्तावन के अनुसार, पुल की मरम्मत की देखरेख कर रहे तकनीकी विशेषज्ञों की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया गया। लक्ष्य है कि सुदृढ़ीकरण कार्य निर्बाध रूप से हो और यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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