सरायघाट पुल 16 जुलाई से बंद: गुवाहाटी में भारी वाहनों पर दो महीने का प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
ब्रह्मपुत्र नदी पर बना पुराना सरायघाट पुल 16 जुलाई 2025 से 15 सितंबर 2025 तक भारी वाहनों के लिए बंद रहेगा। कामरूप (मेट्रो) जिला प्रशासन ने 7 जुलाई को यह घोषणा करते हुए बताया कि छह दशक पुराने इस ऐतिहासिक रेल-सह-सड़क पुल की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने तथा जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला
कामरूप (मेट्रो) जिला आयुक्त सुमित सत्तावन ने बताया कि पुल की मरम्मत की देखरेख कर रहे तकनीकी विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पुल की संरचना पर बढ़ते यातायात के दबाव को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। 1962 में चालू हुआ यह पुल ब्रह्मपुत्र पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल है और पाँच दशकों से अधिक समय तक गुवाहाटी को उत्तरी असम तथा पूर्वोत्तर के शेष भागों से जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी रहा है।
संशोधित यातायात व्यवस्था
प्रतिबंध अवधि के दौरान ट्रकों, बहु-धुरी वाहनों और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों को पुराने सरायघाट पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। हालाँकि, हल्के मोटर वाहन, यात्री वाहन, दोपहिया वाहन और आपातकालीन सेवा वाहन मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार पुल पर चलते रहेंगे।
प्रशासन ने परिवहनकर्ताओं और वाणिज्यिक वाहन संचालकों को प्रतिबंध लागू रहने तक नए सरायघाट पुल का उपयोग करने की सलाह दी है। यातायात पुलिस और संबंधित विभागों को वैकल्पिक मार्ग पर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने और भीड़भाड़ रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने पुल का ऐतिहासिक महत्व
1962 में निर्मित पुराना सरायघाट पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर भारत का पहला रेल-सह-सड़क पुल होने के नाते ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसने क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में दशकों तक अहम भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि बढ़ते यातायात के बोझ और पुरानी संरचना को देखते हुए अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इस पुल का रखरखाव और सुदृढ़ीकरण किया जाता रहा है।
नया पुल: वैकल्पिक मार्ग
पुराने पुल के निकट स्थित चार लेन वाले नए सरायघाट पुल का उद्घाटन 2017 में किया गया था। इसका निर्माण यातायात का बोझ कम करने और ब्रह्मपुत्र पार करने वाले वाहनों को आधुनिक विकल्प देने के उद्देश्य से हुआ था। जब भी पुराने पुल पर मरम्मत होती है, भारी वाणिज्यिक यातायात को नए पुल की ओर मोड़ा जाता है — यह व्यवस्था अब भी उसी परंपरा का हिस्सा है।
आगे क्या
प्रतिबंध 16 जुलाई से प्रभावी होगा और 15 सितंबर 2025 तक जारी रहेगा। मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य के पूरा होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पुनः सामान्य होने की उम्मीद है। प्रशासन ने वाणिज्यिक वाहन चालकों से अपील की है कि वे समय पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएँ ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।