फीफा विश्व कप 2026: स्वीडन कोच ग्राहम पॉटर बोले — 'फ्रांस से हार में कोई शर्म नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
स्वीडन के मुख्य कोच ग्राहम पॉटर ने 1 जुलाई 2026 को न्यू जर्सी में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में फ्रांस से मिली हार के बाद कहा कि उन्हें अपनी टीम के प्रदर्शन पर पूरा गर्व है। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम फ्रांस के हाथों बाहर होने के बावजूद पॉटर ने स्पष्ट किया कि यह हार किसी भी तरह से शर्मनाक नहीं है।
मैच का घटनाक्रम
स्वीडन ने इस मुकाबले में 4-4-2 फॉर्मेशन के साथ मैदान में कदम रखा और शुरुआती चरण में आत्मविश्वास भरा, आक्रामक-रक्षात्मक खेल दिखाया। टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और कई अच्छे काउंटर-अटैक भी किए। हालाँकि, फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे के दो गोलों ने पलड़ा पूरी तरह पलट दिया और 'ले ब्लूज़' ने राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली।
पॉटर की प्रतिक्रिया
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पॉटर ने कहा, 'मुझे अपने खिलाड़ियों से किसी भी तरह की शिकायत नहीं है। फ्रांस जैसी टीम से हारना शर्म की बात नहीं है — वे बेहतर टीम थे और उनके पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। हमारे लिए यह अभियान आगे बढ़ने की मजबूत नींव है और अब तक के प्रदर्शन पर हमें गर्व होना चाहिए।'
उन्होंने अधिक आक्रामक फॉर्मेशन अपनाने के अपने रणनीतिक निर्णय का भी बचाव किया। पॉटर ने कहा, 'मुझे लगा कि इससे हमें उन पर दबाव बनाने का बेहतर मौका मिलेगा। शुरुआत में हमारे पास कुछ अच्छे ट्रांजिशन मूव्स थे, लेकिन हम उनका पूरा फायदा नहीं उठा सके। अंत में विपक्षी टीम की गुणवत्ता अपनी जगह रहती है — इसलिए मैं फ्रांस को बधाई देता हूँ, वे जीत के पूरी तरह हकदार थे।'
एम्बाप्पे की तारीफ
पॉटर ने किलियन एम्बाप्पे की जमकर प्रशंसा की, जिन्होंने इस मैच में 2 गोल दागकर विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 18 तक पहुँचा दी। यह आँकड़ा मिरोस्लाव क्लोज़े से 2 अधिक और लियोनेल मेसी से महज 1 कम है।
पॉटर ने कहा, 'वह बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी रफ्तार और शॉट लगाने की क्षमता अविश्वसनीय रूप से ऊँचे स्तर की है।'
युवा टीम का भविष्य
पॉटर ने यह भी रेखांकित किया कि स्वीडन की इस युवा टीम के कई खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में विश्व कप पदार्पण किया, जो फ्रांस जैसी अनुभवी टीम की तुलना में बड़ा अंतर था। उन्होंने कहा, 'हम एक युवा और लगातार विकसित हो रही टीम हैं। हमें इस अनुभव से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा — आप जीतते हैं, हारते हैं और हर अनुभव के साथ टीम और खिलाड़ी दोनों बेहतर बनते हैं।' स्वीडन की यह पीढ़ी अगले बड़े टूर्नामेंट में और परिपक्व होकर उतरेगी।