फीफा विश्व कप 2026: स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराया, 16 साल बाद फाइनल में वापसी
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन ने 15 जुलाई 2026 को डलास स्टेडियम, आर्लिंग्टन में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। 16 वर्षों के अंतराल के बाद विश्व कप के खिताबी मुकाबले में लौटी स्पेनिश टीम के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने इस जीत को खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सामूहिक एकजुटता का परिणाम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
22वें मिनट में मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर गोल दागकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल जड़ते हुए स्पेन की जीत सुनिश्चित कर दी। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे पूरे मैच में स्पेन की अनुशासित रक्षापंक्ति के सामने बेअसर रहे और फ्रांस एक भी गोल नहीं कर सका।
कोच डे ला फुएंते की प्रतिक्रिया
65 वर्षीय कोच डे ला फुएंते ने मैच के बाद कहा, 'हमने लगभग चार साल पहले एक सोच के साथ काम शुरू किया था और पूरे समय उसी पर भरोसा बनाए रखा। आज हम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक, फ्रांस, के खिलाफ खेले, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम थी। हमारे खिलाड़ियों ने हर दिन अपनी मेहनत, समर्पण, एकजुटता और प्रतिभा का परिचय दिया है।'
उन्होंने यह भी कहा कि जब पूरी टीम एकजुट होकर मैदान पर उतरती है, तब उसे हराना बेहद मुश्किल हो जाता है। एम्बाप्पे को रोकने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की सामूहिक मेहनत का नतीजा था।
टीम की भावना और राजकीय बधाई
डे ला फुएंते ने बताया कि स्पेन के राजा फेलिप षष्ठम ने जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में फोन कर पूरी टीम को बधाई दी। कोच ने कहा, 'यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। आज पूरे देश में लोग हमारी जीत का जश्न मना रहे हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सेमीफाइनल में नहीं खेले खिलाड़ी भी मैच समाप्त होने के बाद अभ्यास के लिए मैदान पर रुके — जिसे उन्होंने टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने 2010 विश्व कप की यादें ताज़ा करते हुए कहा, 'हमने उस दौर जैसा उत्साह और विश्वास फिर से हासिल कर लिया है।' कोच ने मिडफील्डर रोड्री को टीम की रीढ़ की हड्डी और दानी ओल्मो को अपनी पोजीशन का शानदार खिलाड़ी बताया, लेकिन साफ किया कि स्पेन की असली ताकत सामूहिक प्रयास में है।
आगे क्या होगा
फाइनल में स्पेन का मुकाबला अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। डे ला फुएंते ने कहा, 'हमने एक बड़ा कदम जरूर उठाया है, लेकिन सबसे कठिन चुनौती अभी बाकी है। हमारा सपना विश्व कप जीतना और ट्रॉफी अपने नाम करना है।' स्पेन की टीम पूरे टूर्नामेंट में हर मैच के साथ बेहतर होती गई है और खिताबी मुकाबले में वह पूरी तैयारी के साथ उतरने का इरादा रखती है।