11 जुलाई 2026
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फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराया, कोच डे ला फुएंते बोले — 'यह पूरी टीम की जीत है'

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराया, कोच डे ला फुएंते बोले — 'यह पूरी टीम की जीत है'

सारांश

स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में कदम रखा। मिकेल मेरिनो का 88वें मिनट का गोल और फैबियन रुइज का ओपनर — दोनों कोच डे ला फुएंते के साहसी फैसलों की उपज। अब अगली परीक्षा मंगलवार को फ्रांस के खिलाफ।

मुख्य बातें

स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
फैबियन रुइज ने शुरुआती एकादश में जगह पाकर स्पेन के लिए पहला गोल दागा।
सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में विजयी गोल किया — मैदान पर आने के महज दो मिनट बाद।
मेरिनो इससे पहले यूरो 2024 (जर्मनी के खिलाफ) और इसी वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 (पुर्तगाल के खिलाफ) में भी निर्णायक गोल कर चुके हैं।
कोच डे ला फुएंते ने जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया; सेमीफाइनल में फ्रांस से मंगलवार को भिड़ंत।

स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश करने के बाद अपनी टीम की गहराई, एकजुटता और सामूहिक भावना की भरपूर सराहना की। लॉस एंजिल्स में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने दो अहम गोलों के दम पर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

कोच के दो अहम फैसले, दोनों सही साबित हुए

इस जीत में डे ला फुएंते के दो सामरिक निर्णय निर्णायक रहे। पहले, उन्होंने स्टार मिडफील्डर पेड्री की जगह फैबियन रुइज को शुरुआती एकादश में उतारा। रुइज ने कोच के इस भरोसे को सार्थक करते हुए स्पेन के लिए मैच का पहला गोल दागा।

दूसरे, 86वें मिनट में मैदान पर उतरे सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने महज दो मिनट बाद 88वें मिनट में विजयी गोल कर स्पेन को जीत दिला दी। यह मेरिनो की 'सुपर सब' भूमिका का एक और शानदार उदाहरण था।

मेरिनो का बड़े मंचों पर बड़ा रिकॉर्ड

बेंच से आकर मैच पलटना मिकेल मेरिनो के लिए नई बात नहीं है। इससे पहले उन्होंने यूरो 2024 के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के खिलाफ अतिरिक्त समय में गोल कर स्पेन को आगे बढ़ाया था। इसी वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल के खिलाफ भी उन्होंने निर्णायक गोल किया था। गौरतलब है कि मेरिनो लगातार बड़े मुकाबलों में बेंच से आकर अंतर पैदा करने वाले खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं।

कोच की टीम फिलॉसफी — 'हर खिलाड़ी अहम है'

डे ला फुएंते ने इस जीत का श्रेय किसी एक खिलाड़ी को देने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'यह सही नहीं है कि मिकेल शुरुआत से नहीं खेले, लेकिन यह भी सही नहीं होगा कि किसी दूसरे खिलाड़ी को बाहर रखा जाए। हर खिलाड़ी जानता है कि उसे किस परिस्थिति में क्या भूमिका निभानी है। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरते हैं।'

कोच ने यह भी कहा, 'टीम सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन मैच शुरू करता है। हर खिलाड़ी की अपनी अहमियत है, यहाँ तक कि उन खिलाड़ियों की भी जो मैदान पर नहीं उतरे।'

ड्रेसिंग रूम का माहौल — सफलता की असली नींव

डे ला फुएंते ने टीम के भीतर आपसी सम्मान और सकारात्मक माहौल को स्पेन की निरंतर सफलता का मूल कारण बताया। उनके अनुसार, 'हमारे खिलाड़ियों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अपने रोल को समझते हैं। वे टीम के लिए सोचते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि टीम इतने अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब कई बड़े देशों की टीमें आंतरिक मतभेदों के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं।

अगला पड़ाव — फ्रांस से कड़ी टक्कर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन का सामना मंगलवार को फ्रांस से होगा। फ्रांस को इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक माना जा रहा है। डे ला फुएंते ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा, 'यह एक कड़ा मुकाबला होगा, जिसमें ऊर्जा और फिटनेस की जरूरत होगी। हम यहाँ तक पहुँचे हैं और अब अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।' स्पेन की टीम यूरो 2024 की विजेता रही है और वर्ल्ड कप में भी अपनी दावेदारी मज़बूती से पेश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यही स्पेन को भीड़ से अलग करता है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब बड़े टूर्नामेंटों में कोच अक्सर 'नाम' पर निर्भर रहते हैं, न कि 'फॉर्म' पर। मेरिनो का लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट में बेंच से आकर निर्णायक गोल करना महज संयोग नहीं — यह एक सुनियोजित स्क्वाड प्रबंधन का प्रमाण है। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल असली परीक्षा होगी, जहाँ यही गहराई और रोटेशन-नीति स्पेन का सबसे बड़ा हथियार बन सकती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच मैच का नतीजा क्या रहा?
स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। फैबियन रुइज ने पहला गोल किया और मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में विजयी गोल दागा।
मिकेल मेरिनो ने वर्ल्ड कप 2026 में कौन-कौन से अहम गोल किए हैं?
मिकेल मेरिनो ने इस वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल के खिलाफ निर्णायक गोल किया और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ 88वें मिनट में विजयी गोल दागा। इससे पहले उन्होंने यूरो 2024 के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के खिलाफ भी अतिरिक्त समय में गोल किया था।
कोच डे ला फुएंते ने बेल्जियम के खिलाफ पेड्री को शुरुआती एकादश में क्यों नहीं रखा?
कोच लुइस डे ला फुएंते ने फैबियन रुइज को पेड्री की जगह शुरुआती एकादश में शामिल करने का सामरिक निर्णय लिया। रुइज ने इस फैसले को सही साबित करते हुए मैच का पहला गोल दागा। डे ला फुएंते ने कहा कि टीम का हर खिलाड़ी अपनी भूमिका समझता है और किसी को भी बाहर रखना आसान नहीं होता।
स्पेन का अगला मैच वर्ल्ड कप 2026 में कब और किससे है?
स्पेन का सेमीफाइनल मुकाबला मंगलवार को फ्रांस से होगा। फ्रांस को इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक माना जा रहा है। कोच डे ला फुएंते ने इसे कड़ा मुकाबला बताया है।
कोच डे ला फुएंते की टीम फिलॉसफी क्या है?
डे ला फुएंते मानते हैं कि स्पेन की सफलता किसी एक खिलाड़ी पर नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास पर टिकी है। उनके अनुसार मैदान पर उतरने वाले और बेंच पर बैठने वाले — सभी का योगदान बराबर है, और टीम के भीतर आपसी सम्मान ही सफलता की असली नींव है।
राष्ट्र प्रेस
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